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मेडिकल कॉलेज उद्घाटन मामला : सांसद भूरिया सहित 15 से अधिक कांग्रेसियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज

सांसद ने सीएम के लोकार्पण समय को अशुभ बता कर एक दिन पहले लोकार्पण कर दिया

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 12:13 PM IST
case filed against congress mp bhuria

रतलाम. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करने के एक दिन पहले मंगलवार को सांसद कांतिलाल भूरिया ने कांग्रेसियों के साथ जाकर खुद उद्घाटन कर दिया। एसडीएम शिराली जैन की रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 144 तोड़ने को लेकर धारा 188 (लोकसेवक के आदेश का उल्लंघन) में सांसद कांतिलाल भूरिया सहित 15 कांग्रेसियों पर प्रकरण दर्ज किया।। श्रेय की राजनीति को लेकर कांग्रेस के सांसद कांतिलाल भूरिया ने बुधवार दोपहर 12 बजे का समय मेडिकल कॉलेज के लोकार्पण के लिए अशुभ बताकर एक दिन पहले दोपहर 3.30 बजे पूजा-अर्चना की और कॉलेज शहर को समर्पित करने का ऐलान किया था।


कलनाथ के कार्यक्रम में जाना था
इस पॉलिटिकल ड्रामे की असल वजह शुभ-अशुभ मुहूर्त नहीं बल्कि बुधवार को झाबुआ जिले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का दौरा था। इसमें भूरिया को मौजूद रहना था। वे चाहकर भी कमलनाथ को छोड़कर सांसद के नाते इस लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पा रहे थे और यही कारण है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से लोकार्पण की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की थी, जब बात नहीं बनी तो वे मंगलवार को खुद कार्यकर्ताओं को लेकर कॉलेज पहुंच गए और मेडिकल कॉलेज के लोकापर्ण के समय को अशुभ बताते हुए एक दिन पहले नारियल फोड़ दिया। एसपी ने इस कथित लोकार्पण में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किए जाने की बात कही थी।

इन पर हुआ केस दर्ज
एसडीएम शिराली जैन ने बताया कॉलेज डीन की शिकायत पर 15 लोगों को धारा 144 तोड़ने पर नोटिस जारी किया है। इसमें बताया है कि उन्होंने एक साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचकर अनधिकृत प्रवेश किया है। आईए थाना टीआई ब्रजेश श्रीवास्तव ने बताया इसमें नेता प्रतिपक्ष यास्मीन शेरानी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष डीपी धाकड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश भरावा, पार्षद राजीव रावत, प्रेमलता दवे, हर्ष विजय गेहलोत, संजय चौधरी, सुजीत उपाध्याय, आशीष डेनियल, इलियास, इम्तियाज शेख उर्फ मामू, सोनू सरदार, मंगल पाटीदार, रवि वर्मा शामिल हैं। पुलिस ने फोटो के आधार पर नामजद एफआईआर की है। फोटो व वीडियो के आधार पर और नाम बढ़ेंगे।

ये हो सकती है सजा
लोकसेवक के ऐसे आदेश की अवहेलना जिससे व्यक्तियों को बाधा, क्षोभ या क्षति हो।
सजा - एक माह सादा कारावास व 200 रुपए तक अर्थदंड या दोनों।
- लोकसेवक के ऐसे आदेश की अवहेलना जिससे मानव जीवन के स्वास्थ्य या सुरक्षा को संकट हो।
सजा - छह मास कारावास या 1000 रुपए अर्थ दंड या दोनों।

धारा 448 भी लग सकती है
पुलिस ने बताया कॉलेज के डीन संजय दीक्षित ने लिखित में दिया है कि डीन कक्ष में कुछ लोगों ने अनधिकृत प्रवेश किया। जांच की जा रही है।

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