जांच / 3 जान लेने वाली बस का परमिट और ड्राइवर का लाइसेंस होगा निरस्त, अलग से लगी हर सीट का वसूलेंगे टैक्स



dhar bus accident, Bus permit and driver's license will be canceled
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dhar bus accident, Bus permit and driver's license will be canceled

  • आरटीओ ने सौंपी रिपोर्ट- बस में थी ज्यादा सीटें, कैबिन में भी बैठाई जा रही थी सवारियां
  • पिपल्दागढ़ी बस हादसे के बाद पुलिस और परिवहन विभाग मामले की जांच में जुटी

Dainik Bhaskar

Sep 16, 2019, 11:53 AM IST

धार. पिपल्दागढ़ी बस हादसे के बाद पुलिस और परिवहन विभाग मामले की जांच कर रही है। धार आरटीओ विक्रमजीत कंग ने बस की पड़ताल कर एक रिपोर्ट भी संभागीय परिवहन अधिकारी को सौंपी है, जिसमें इस बात की पुष्टि है कि बस में अतिरिक्त सीटें लगी हुई थीं। इसके साथ ही कैबिन में भी नंबर डालकर सवारियां बैठाई जा रही थीं, जो कि गलत है। मामले की जांच इंदौर आरटीओ भी कर रहा है, क्यों फिटनेस वहीं से जारी किया गया था। जल्द ही मामले में बस का परमिट और ड्राइवर का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा बस में लगी अतिरिक्त सीट का अलग से टैक्स भी वसूल किया जा सकता है।

 

बस हादसे को लेकर भास्कर ने लगातार दुर्घटनाग्रस्त बस की कमियों को लेकर समाचार प्रकाशित किए। इसके चलते परिवहन विभाग और पुलिस दोनों ने सूक्ष्मता से हादसे और वाहन की जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया बस चालक के खिलाफ लापरवाही पूर्वक तेज वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है। आरटीओ से मिली रिपोर्ट के आधार बस में यात्रियों को बैठाने की नियमानुसार संख्या 35 निर्धारित थी, लेकिन बस में चालक के पीछे और साइड में उन पर 47 तक नंबर अंकित किए गए थे। अतिरिक्त सीटों का परिवहन विभाग परमिट जारी होने के दिनांक से अतिरिक्त सीटों का बस मालिक से भारी जुर्माना वसूलना तय है। बस का फिटनेस दुर्घटना के बाद निरस्त कर दिया है। बस में छेड़छाड़ को देखते हुए परमिट निरस्ती की कार्रवाई भी संभव है।

 

इन बिंदुओं के आधार पर लिया जाए एक्शन
 3 लोगों की जान लेने वाली सब में अतिरिक्त सीटें लगाने के लिए बस मालिक जिम्मेदार, तो उस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
 अधिकांश बसों में कैबिन सहित अलग से सवारियां बैठाई जा रहीं, उनकी जांच के लिए भी क्या हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
 ज्यादा सवारियों के चक्कर में बसें तेज रफ्तार में ओवरटेक की जाती हैं, इनकी जांच क्यों नहीं?

 

बसों के परमिट में दूरी व सड़क संरचना के हिसाब से समय बढ़ाया जाए, ताकि रफ्तार पर अंकुश लगे
ये लग सकता है टैक्स... दुर्घटनाग्रस्त बस में 35 सीटों के साथ कैबिन आदि में कुल मिलाकर 47 यदि नंबर तक अंकित है तो नियमानुसार बस में मानक सीटों को छोड़ अतिरिक्त लगाई गई सीटों पर प्रति सीट प्रतिमाह 180 रु. और यदि परमिट 100 किलोमीटर से अधिक है तो प्रति 10 किलोमीटर पर 12 रु. अतिरिक्त टैक्स जोड़ा जा सकता है। ये जुर्माना परमिट दिनांक से लगाकर आज तक का वसूल सकता है।

मनावर- इंदौर रूट की सभी बसों में कैबिन में बैठाई जा रही सवारी
बस हादसे वाले रूट मनावर से इंदौर के बीच करीब वर्तमान में करीब तीन दर्जन बसों को परमिट पर सवारियां ढो रही हैं। लगभग सभी बसों में कैबिन में सवारियां बैठाने के साथ बोनट पर भी फोम लगाकर उस पर भी सवारियां बैठाई जाती हंै। सभी बसें क्षमता अधिक सवारियां ढो रही हंै। इतना ही नहीं अतिरिक्त सवारियों के लिए मुड्‌डे डिक्कियों में रखे जाते हैं, जो दोनों सीटों के बीच में लगाकर सीटों के अतिरिक्त सवारियों को बैठाते हंै। राखी, दीपावली, दशहरा जैसे त्योहारी सीजन में तो बसों में 80 से 100 सवारियां तक बैठाई जाती हैं।


फिटनेस लेते समय ही बसों को व्यवस्थित किया जाता है। उसके बाद टायरों तक पर ध्यान नहीं दिया जाता। रुटिन में भी पुलिस और परिवहन विभाग बसों के टायर आदि भी जांच करे तो दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है।

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