100 से ज्यादा लोगों का टोल पर हमला, कर्मचारियों को पीटा, कम्प्यूटर, कांच और बैरियर तोड़े

3 वर्ष पहले
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  • टोल वसूलने को लेकर सुबह हुआ था विवाद, कर्मचारियों ने ग्रामीणों की दूध की केन फेंक दी थी
  • डेढ़ घंटे तक बंद रहा टोल, कर्मचारियों ने पुलिस को फुटेज सहित की शिकायत

घाटाबिल्लौद. इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर घाटाबिल्लौद के पास स्थित टोल नाके पर शुक्रवार शाम ग्रामीणों ने डंडे और लोहे के पाइप से हमला कर दिया। 100 से अधिक आक्रोशित ग्रामीणों ने पूरा टोल तोड़ दिया। टोल की दस लेन में बने कैबिन और उसमें रखे कम्प्यूटर, कैमरे और अन्य सामान तोड़ दिया। इस दौरान अन्य वाहन चालक टोल से होकर गुजरते रहे। ग्रामीणों ने 15 मिनट तक यहां जमकर हंगामा किया। टोल कर्मचारियों ने जैसे-तैसे जान बचाई तो बाहर वसूली के लिए तैनात रहने वाले कर्मचारी ग्रामीणों की भीड़ देखकर भाग गए। घटना टोल नाके पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।

 

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सूचना मिलने के एक घंटे के बाद बेटमा पुलिस मौके पर पहुंची और कर्मचारियों से घटना की जानकारी ली। बताया जाता है कि शुक्रवार की सुबह यहां से निकल रहे ग्रामीणों के दूध वाहन को रोककर उसमें रखी दूध की केन को टोल नाके के कर्मचारियों ने ढोल दिया था। ऐसी घटनाएं लगातार होने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूटा और उन्होंने टोल पर हमला बोल दिया।

 

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शाम 4.40 बजे घाटाबिल्लौद उस पार चौकी, दतोदा, मैदात और अन्य दो-तीन गांवों के लोग टोल पर पहुंचे। टोल पर वाहनों की पर्ची देने वाले कर्मचारी कुछ समझ पाते इसके पहले ही ग्रामीणों ने कैबिन पर हमला कर दिया। पुलिस के आने के बाद टोल की एक लेन को चालू किया गया।


ग्रामीण बोले- 25-30 गांव पड़ते हैं टोल के दोनों ओर, नहीं देते कोई रियायत : टोल नाके के दोनों ओर करीब 25 से 30 गांव पड़ते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोगों का खेत टोल के उस पार है और घर इस पार, ऐसा दूसरी तरफ रहने वाले लोगों के साथ भी है। दिन में ट्रैक्टर, लोडिंग व अन्य वाहन लेकर आना-जाना पड़ता है। टोल नाके पर एक तरफ का 120 रुपए वसूला जाता है, जो दोनों ओर का मिलाकर 240 रुपए हो जाता है।

 

यदि दिन में दो या तीन बार निकल गए तो हर बार टोल का चार्ज देना ही है। टोल पर तैनात कर्मचारी दादागिरी करते हैं और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं दूसरे टोल पर मात्र 35 रुपए लिए जाते हैं।

 

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शुरू से चल रही है टोल वालों की दादागिरी : ग्रामीणों का कहना है जब से यहां पर टोल प्रारंभ किया गया है टोल वालों की दादागिरी चल रही है। अत्यधिक टोल वसूलने के चलते लोगों ने मेठवाड़ा के रास्ते से निकलना प्रारंभ किया था, लेकिन इस रास्ते पर भी टोल वालों ने बैरियर लगाकर वाहनों को बिना परमिशन रोककर उनसे वसूली शुरू कर दी थी।


दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री से भेंट करने का कोई असर नहीं हुआ : धार से गत दिनों दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंटकर घाटाबिल्लौद के पास टोल नाके कर्मचारियों द्वारा की जा रही अत्यधिक वसूली की शिकायत की थी। मंत्री गड़करी ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन एक पखवाड़े से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अभी तक इसमें कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।

 

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अचानक हुआ हमला, सूचना के 1 घंटे बाद आई पुलिस : मैनेजर राम बाबू का कहना है कि हम पर ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। टोल पर तोड़ फोड कर दी। हम कुछ समझ पाते इसके पहले काफी नुकसान हो गया था। बेटमा पुलिस काे सूचना दे दी थी। पुलिस करीब एक घंटे के बाद पहुंची।
 

मौके से सीसीटीवी के फुटेज लेकर जांच कर रहे हैं, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार की सुबह टोल नाके पर दूध की कैन ढोलने की घटना की जानकारी मिली है, शायद इसलिए हमला हुआ है। जांच की जा रही है।

बिहारी सांवले, एसआई, बेटमा थाना इंचार्ज