रतलाम / पति काे करंट लगा, बचाने दाैड़ी पत्नी और दाे बेटे भी चिपके, पिता और बड़े बेटे की मौत



फूंदासिंह के साथ बड़े बेटे कृष्णपाल की ये आखिरी सेल्फी है। दोनों की मौत हो गई।  फूंदासिंह के साथ बड़े बेटे कृष्णपाल की ये आखिरी सेल्फी है। दोनों की मौत हो गई। 
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फूंदासिंह के साथ बड़े बेटे कृष्णपाल की ये आखिरी सेल्फी है। दोनों की मौत हो गई। फूंदासिंह के साथ बड़े बेटे कृष्णपाल की ये आखिरी सेल्फी है। दोनों की मौत हो गई। 

  • कपड़े सुखाने के लिए बंधे लोहे के तार में फैला था करंट
  • आज बड़े बेटे को देखने के लिए आने वाले थे लड़की वाले

Dainik Bhaskar

Jun 20, 2019, 11:28 AM IST

ताल/ रतलाम. ग्राम भूतिया में बुधवार को बारिश के बीच घर में बंधी कपड़े सुखाने की तान (लोहे के तार) में करंट फैल गया। जैसे ही घर के मुखिया ने कपड़े तान पर डाले तो उन्हें करंट लगा और वे वहीं चिपक गए। चिल्लाने की आवाज सुनकर पत्नी बचाने पहुंचीं लेकिन उन्हें भी करंट लगा और वहीं चिपक गईं। इन्हें बचाने के लिए दोनों बेटे कृष्णपाल और हेमंत भी दौड़े और हड़बड़ाहट में बिजली बंद किए बगैर ही माता-पिता को पकड़ लिया। इससे ये दोनों भी करंट की चपेट में आकर बेसुध हो गए। हादसे में बड़े बेटे कृष्णपाल व पिता की मौत हो गई। जबकि छोटे बेटे हेमंत व उसकी मां भंवरकुंवर की हालत गंभीर है। शुक्र है सबसे छोटी बेटी उमा को ग्रामीणों ने पास जाने से रोक दिया। वह सकुशल बच गई। पड़ोसियों ने घर के बाहर से बिजली सप्लाई के तार काटे और पूरे परिवार को अस्पताल पहुंचाया। 

 

 

चीख पुकार मचने पर आसपास के लाेगाें ने पहले बिजली सप्लाई बंद की और अंदर जाकर सभी घायलों को ताल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि तब तक 43 साल के फूंदासिंह व 22 साल के बड़े बेटे कृष्णपाल सिंह ने दम तोड़ दिया। भंवरकुंवर व छोटे बेटे हेमंत सिंह की हालत गंभीर है। हेमंत को ताल के निजी अस्पताल में एवं भंवरकुंवर को जावरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया है। बताया जा रहा है कि घर में बिजली के तार में कट था। कट वाला हिस्सा छत पर डाले चद्दरों से टच हो रहा था। इसी के सहारे एक पाट से कपड़े सुखाने की तान बंधी थी। बुधवार सुबह बारिश हो रही थी। इससे तान में करंट फैल गया।

 

फूंदासिंह व बेटे कृष्णपाल की मौत के बाद ताल प्राथमिक स्वास्थ केंद्र डॉ. पीवी फुलंब्रिकर ने पोस्टमार्टम किया। भंवरकुंवर व छोटा बेटा हेमंत अस्पताल में भर्ती है। परिवार में और कोई बड़ा नहीं है। इसलिए पास के गांव कल्याणपुरा में रहने वाले चचेरे भाई कमल सिंह व गुड्‌डूसिंह ग्राम भूतिया पहुंचे और पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार करवाया। मृतक फूंदासिंह का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। इनके पास पांच बीघा जमीन है और खेती के साथ ही मजदूरी करते हैं। माता-पिता का काम में हाथ बंटाने के लिए दोनों बेटे भी पढ़ाई छोड़ चुके हैं। बुधवार शाम तक प्रशासन की तरफ से कोई मौके पर नहीं पहुंचा। 

 

घर में मातम : भूतिया के सरपंच प्रतिनिधि धर्मेंद्र शर्मा ने बताया फूंदासिंह के बड़े बेटे कृष्णपाल सिंह की सगाई की तैयारियां चल रही थी। ग्राम कल्लूखेड़ी से लड़की वाले गुरुवार को कृष्णपाल सिंह को देखने के लिए आने वाले थे। इस बीच हादसा हो गया और कृष्णपाल की मौत हो गई।

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