रतलाम / बदली शहर की परंपरा, मूसलधार में भी निकलीं झांकियां लेकिन घरों से देखने नहीं निकले लोग



Ganesh Visarjan ongoing ceremony in Ratlam on Thursday night
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Ganesh Visarjan ongoing ceremony in Ratlam on Thursday night

  • शाम 7 बजे ही शुरू हो गई तेज बारिश
  • अनंत नारायण मंदिर की झांकी तय समय पर रात 10 बजे पहुंची धानमंडी

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 01:10 PM IST

रतलाम. अनंत चतुर्दशी पर झांकियों के निकलने की परंपरा ने 56 साल पूरे कर लिए। गुरुवार को तेज बारिश में भी यह कारवां नहीं थमा, पहलवान अपने करतब दिखा रहे थे तो हौसला अफजाई करने वालों का जोश पहलवानों से भी दो गुना था, लेकिन बारिश ने व्यापारियों के रात का व्यापार चौपट कर दिया। कोई 11 बजे ही दुकान बंद कर चला गया तो कोई झांकी के आने की आस में बैठा रहा पिछले सालों में बारिश के कारण झांकियां अगले दिन निकाली गई थी।


शहर में झांकियों के अखाड़ों से निकलने का सिलसिला शाम 6 बजे से ही शुरू हो गया था। शहर में सबसे पहले अनंत नारायण मंदिर की झांकी निकली। रात करीब 8 बजे जब पहलवान करतब दिखा रहे थे, इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। हालांकि कुछ देर के लिए हलचल हुई लेकिन इसके बाद बारिश पहलवानों के जोश के सामने फीकी साबित हो गई। तेज बारिश में ही झांकियों का कारवां आगे बढ़ना शुरू हो गया था। हालांकि बारिश से चिकनाहट होने से मलखंभ पर पहलवान फिसल रहे थे। पहलवानों ने कुछ देर तो पाउडर लगाकर खंभ पर चढ़ने की कोशिश की लेकिन तेज बारिश में हथकंडा भी नाकाम हो गया। इधर, कई पहलवानों ने वजनी मुगदर भी फिसलन के कारण नहीं चलाए।


तेज बारिश के बावजूद रात 10 बजे जवाहर व्यायामशाला की झांकी शहीद चौक तक पहुंच गई थी। इधर, सबसे पहले निकली अनंत नारायण मंदिर की झांकी रानीजी का मंदिर में थी। हाट की चौकी क्षेत्र में नवनिर्माण हिंद व्यायामशाला की तीन थ्रीडी झांकियां एक के पीछे एक चल रही थीं।


झांकियों के बल्ब में आ रहा था करंट, कोई छू ना ले इसलिए लगातार दूर करते रहे इलेक्ट्रिशियन

बारिश में भी जिन झांकियों की लाइटें चालू थी, उनमें करंट आ रहा था। नवनिर्माण हिंद व्यायामशाला की झांकी से इलेक्ट्रिशियन लगातार लोगों को दूर करते रहे। बड़नगर से आए इलेक्ट्रिशियन धर्मेंद्र तारावने ने बताया कि झांकियों को जनरेटर से करंट मिल रहा है। बारिश से करंट तो है, लेकिन नुकसान ना हो इसलिए हमने बड़े बल्ब को प्लास्टिक से कवर किया है।


हमारी बेटियां भी किसी से कम नहीं...  
पहले जहां अखाड़ों में सिर्फ पुरुष पहलवान ही शामिल होते थे। अब बदलाव होने लगा है। गुरुवार को निकले अखाड़ों में लड़कियों ने भी लड़कों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर मलखंभ किया। शहर में सबसे बड़ा अखाड़ा जवाहर व्यायामशाला का रहा। यहां 1500 से ज्यादा पहलवानों ने करतब दिखाएं। इनमें 300 लड़कियां थी। 

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