ट्रांसपोर्टर हड़ताल / किराना बाजार पर पड़ेगा सर्वाधिक असर 3 दिन में शक्कर-तेल की होगी किल्लत



Grocery market will be affected the most, sugar-oil shortage in 3 days
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Grocery market will be affected the most, sugar-oil shortage in 3 days

  • सैकड़ों ट्रकों के पहिये थमे, सोमवार शाम से मंदसौर के कारोबारी भी हड़ताल में हो गए शामिल
     

Dainik Bhaskar

Oct 08, 2019, 11:56 AM IST

मंदसौर. मप्र सरकार द्वारा पेट्रोल व डीजल पर वैट बढ़ाए जाने से इनके दामों में तेजी आ गई है। इसके विरोध में प्रदेशभर में ट्रांसपोर्टर्स ने 5 अक्टूबर से हड़ताल कर रखी है। जिले का ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन इसमें शामिल नहीं था। सोमवार को मामले में भोपाल से संघ के पदाधिकारियों ने स्थानीय पदाधिकारियों से चर्चा की। इसके बाद शाम को जिलाध्यक्ष व सचिव तो हड़ताल का समर्थन की बात कहते रहे लेकिन मिला-जुला असर ही दिखा। कुछ ट्रक लोडिंग व अनलोडिंग होते रहे।

 

 

जिम्मेदारों के अनुसार मंगलवार से जिले में भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पूरी तरह से शुरू हो गई। इसका सबसे अधिक असर किराना व्यापार पर पड़ेगा। 3 दिन में ही शक्कर-तेल की किल्लत हाेने लगेगी। पेट्रोल व डीजल में किल्लत जैसी कोई स्थिति नहीं है। पंप संचालकों के निजी टैंकर होने से वे डिपो से पेट्रोल-डीजल ला रहे हैं। जिले में अभी रोज 300 से ज्यादा ट्रक लाेड हाे रहे हैं व इतने ही बाहर से आने वाले ट्रक खाली भी हो रहे थे। मंगलवार से एक भी ट्रक लोडिंग व अनलोडिंग नहीं होगा। यही नहीं प्रदेशभर में हड़ताल जारी होने से बाहर से भी कई ट्रक नहीं आ रहे हैं। हड़ताल का सबसे अधिक असर किराना व्यापार पर देखने को मिल सकता है।

 

पुलिस की मौजूदगी में डिपो से टैंकर निकल रहे
ट्रांसपोर्ट की हड़ताल का पेट्रोल-डीजल पर कोई विशेष असर नहीं पड़ने वाला है। अधिकतर पंप संचालकों के पास स्वयं के टैंकर है। पेट्रोल पंप संचालक राजू चौबे ने बताया कि हमने पर्याप्त स्टॉक कर लिया है। वहीं अभी टैंकर इंदौर डिपो पर भेजे थे। समस्या होने पर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा उपलब्ध कराई। इंदौर से पुलिस की मौजूदगी में डिपो से टैंकर निकल रहे हैं। इसलिए पेट्रोल-डीजल में समस्या नहीं आएगी।

 

पहले बाढ़ से नुकसान, अब हड़ताल से पड़ेगी मार
किराना व्यापारी संघ अध्यक्ष शरद धींग ने बताया कि ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का किराना पर बहुत ज्यादा असर हो रहा है। अभी बाढ़ में कई व्यापारियों का माल खराब हो गया, जो बचा था वह पांच-दस दिन में निकल गया। व्यापारी बाहर से माल मंगवा ही रहे थे कि हड़ताल शुरू हो गई। किराना में रोज आने वाली शक्कर, तेल, खोपरा गोला, मेहंदी, नारियर, चावल, दाल, पोहा जैसी वस्तुएं दो दिन से जिले में नहीं आ रही है। हड़ताल तीन से चार दिन और चली तो इन सामग्रियों की किल्लत शुरू हो सकती है। क्योंकि किराना व्यापारियों के पास स्टॉक भी नहीं है, बाढ़ में आधे से ज्यादा स्टॉक खराब हो चुका है।

 

फल आएंगे कम, बढ़ जाएंगे दाम
अभी नवरात्रि चल रही थी जिस दौरान फलों की खपत बढ़ जाती है। दो दिन से प्रदेश में हड़ताल जारी रहने से बाहर से आने वाले सेब, अंगूर जैसे अन्य फल नहीं आ रहे हैं। दो तीन दिन में फलों पर भी हड़ताल का असर देखा जा सकता है।
 

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