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भावसार स्कूल के पीछे नाले के पास डाला मलबा, बारिश में रहेगी बाढ़ की आशंका

जिला प्रशासन जनसहयोग से शिवना शुद्धिकरण करवा रहा लेकिन यहां से निकलने वाली मिट्टी नदी में मिल रहे बुगलिया नाले के...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 05:20 AM IST
जिला प्रशासन जनसहयोग से शिवना शुद्धिकरण करवा रहा लेकिन यहां से निकलने वाली मिट्टी नदी में मिल रहे बुगलिया नाले के पास डाल रहा है। बरसात में धानमंडी, खानपुरा क्षेत्र के 20 हजार से अधिक लोग को बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है। शहर का पानी इसी नाले से शिवना में पहुंचता है। पहले पंप हाऊस खराब होने से 2015 में बाढ़ आ चुकी है। अब भराव से इसकी आशंका बढ़ गई है। दूसरी तरफ नाले में बहाव आने से यह मिट्टी वापस नदी में जाएगी जिससे शिवना शुद्धिकरण का लाभ नहीं मिलेगा। जिम्मेदार चूक मानते हुए सुधार का आश्वासन दे रहे हैं।

जिला प्रशासन द्वारा एक मई से शिवना शुद्धिकरण व गहरीकरण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। रोज नदी से 100 से अधिक ट्रैक्टर ट्राॅली मिट्टी निकाली जा रही है। गहरीकरण में निकाली जाने वाली मिट्टी को 100 से 200 मीटर दूर भावसार स्कूल के पीछे बुगलिया के पास डालना जनता को भारी पड़ सकता है। बरसात के दौरान रेवास देवड़ा मार्ग के पास कई गांवों का पानी बुगलिया में बहता हुआ शिवना में मिलता है। वही जिम्मेदारों द्वारा शहर के पानी को धानमंडी में पंप हाऊस के माध्यम से बुगलिया नाले में फेंका जाता है। पानी का बहाव अधिक होने पर शहर में कई बार बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। भावसार स्कूल के पीछे नाले के पास भराव डालने से पानी को निकलने की जगह नहीं मिलेगी तो बाढ़ की आशंका बढ़ जाएगी। नाले के पानी को निकलने की जगह नहीं मिली तो पानी शहर में प्रवेश कर जाएगा। इससे धानमंडी, नीलमशाह दरगाह, खानपुरा, पतासा गली सहित आसपास के क्षेत्र में 20 हजार से अधिक लोग प्रभावित होंगे।

शिवना

शुद्धिकरण

जिम्मेदारों ने इस तरह शिवना के पास ही बुगलिया नाले पर डाल दी मिट्टी

पंप हाउस की समस्या जस की तस

शिवना में बाढ़ आने पर नदी के पानी को शहर में आने से रोकने के लिए 1984 में धानमंडी क्षेत्र से नृसिंहपुरा तक धूलकोट बांध का निर्माण कराया। जलग्रहण क्षेत्र में आने वाले पानी को बाहर निकाले के लिए जलसंसाधन विभाग ने धानमंडी क्षेत्र में पंप हाऊस बनवाया। बेतरतीब निर्माण व अनदेखी के चलते पंप हाऊस डूब में चला गया। 2015 में शहरवासियों को बाढ़ का सामना करना पड़ा। 38 घंटे में बाढ़ का पानी बाहर निकला। पहले पंप हाऊस खराब व अब मिट्टी भराव से स्थिति भयावह हो सकती है।

विधायक ने जताई आपत्ति

विधायक यशपालसिंह सिसौदिया कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव, नपा सीएमओ, जल संसाधन कार्यपालन यंत्री सहित कई अधिकारियों के सामने आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। इसके बाद गुरुवार को यहां मिट्टी डालने का काम रोका। दो से तीन दिन में सैकड़ों डंपर का भराव किया जा चुका है।

गुरुवार को निकाली 115 ट्राॅली

गुरुवार को 2 ट्रैक्टर ट्राॅली व मशीनों से 113 ट्राॅली मिट्टी निकाली। समिति के विनय दुबेला ने बताया शुद्धिकरण अभियान को लेकर 18 मई को शाम 5.30 बजे दशपुरकुंज में आम बैठक रखी है। 24 व 25 मई को मुख्यमंत्री से शिवना सौंदर्यीकरण व शुद्धिकरण के लिए वृहद योजना लाने की मांग की जाएगी।

समतल कर पौधरोपण करेंगे