रतलाम

  • Hindi News
  • Mp
  • Ratlam
  • बहू लाने के लिए अपनी नाबालिग नातिन की कर रहा था शादी, रोका
--Advertisement--

बहू लाने के लिए अपनी नाबालिग नातिन की कर रहा था शादी, रोका

बहू लाने के लिए मूंदड़ी निवासी एक व्यक्ति ने नाबालिग नातिन की शादी तय कर दी। शादी 17 अप्रैल को उज्जैन में आयोजित...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 04:25 AM IST
बहू लाने के लिए मूंदड़ी निवासी एक व्यक्ति ने नाबालिग नातिन की शादी तय कर दी। शादी 17 अप्रैल को उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह में होना थी। सूचना पर महिला सशक्तिकरण अधिकारी ने गांव पहुंचकर शादी रुकवाई और परिजन से लिखवाकर लिया कि वे लड़की के बालिग होने पर शादी करेंगे।

मुंदड़ी निवासी किसान ने बेटे की शादी घटवास (रतलाम) निवासी किसान की बेटी से तय की। साथ ही उस परिवार से बेटे के लिए लड़की लाने के एवज में अपनी नाबालिग नातिन की शादी किसान के मिंडका (उज्जैन) निवासी साले से तय कर दी। 17 अप्रैल को शादी की पत्रिका भी छप गई। कंसेर निवासी एक व्यक्ति ने महिला सशक्तिकरण अधिकारी रवींद्र मिश्रा से मामले की शिकायत कर दी। उसने ने बताया मेरे कंसेर निवासी भतीजे की चार साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। बेटी पढ़ने के लिए नाना-नानी के घर मुंदड़ी गई है, उसके नाना अपने बेटे की शादी के लिए नाबालिग नातिन की शादी करा रहा हैं। जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारियों ने मुंदड़ी पहुंचकर नाना-मामा से नाबालिग की शादी बालिग होने पर ही करना लिखवाया है।

नाबालिग की शादी की तो 2 साल की जेल और एक लाख रुपए जुर्माना होगा - मिश्रा ने बताया नाबालिग की मां, नाना, नानी व परिजन को नोटिस दिया है। इसमें बताया कि यदि बाल विवाह किया जाता है तो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत दो साल का कारावास या एक लाख रुपए का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती हैं। पॉक्सो एक्ट में भी तीन साल की सजा हो सकती है। अधिकारियों ने बताया नाबालिग की शादी उज्जैन के सामूहिक विवाह में हो रही थी। हमने उज्जैन में सामूहिक विवाह समिति से बात की तो उन्होंने बताया हमने शादी के पंजीयन के ली राशि वापस कर दी है।

लुनेरा में एक और नगरा में दो बाल विवाह रुकवाए

पुलिस कंट्रोल रूम रतलाम से सूचना मिली कि लुनेरा में एक नाबालिग लड़की की शादी की जा रही है। वहीं नगरा में दो नाबालिग लड़कियों की शादी होने की सूचना जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी को कॉल कर दी गई। इस पर जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी रवींद्र कुमार मिश्रा पहुंचे और बाल विवाह रुकवाए। उन्होंने परिजन से लिखित में लिया कि वे बेटियों की शादी बालिग होने पर ही करेंगे।

X
Click to listen..