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सम्मेलन में बोलने नहीं देने पर राज्य किसान आयोग अध्यक्ष नर्मदा घाटी मंत्री पर हुए नाराज

रतलाम में सोमवार को हुए जिला स्तरीय किसान सम्मेलन में संबोधित नहीं करने देने पर राज्य किसान आयोग अध्यक्ष...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 04:25 AM IST
रतलाम में सोमवार को हुए जिला स्तरीय किसान सम्मेलन में संबोधित नहीं करने देने पर राज्य किसान आयोग अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार नाराज हो गए। उन्होंने नर्मदा घाटी मंत्री लालसिंह आर्य के सामने नाराजगी जताई और बोले मैं तैयारी करके आया था लेकिन मुझे बोलने का मौका ही नहीं दिया गया। मैं किसान आयोग का अध्यक्ष हूं और मेरा क्षेत्र है। इस पर मंत्री बाद में बात करने का कहकर रवाना हो गए।

रतलाम में अनाज मंडी में जिला स्तरीय किसान सम्मेलन मंत्री लालसिंह की मौजूदगी में हुआ। जिन किसानों ने पिछले साल समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचा था, उन्हें प्रोत्साहन राशि के प्रमाण-पत्र बांटे गए। इसके बाद सीएम शिवराजसिंह के भाषण का सीधा प्रसारण हुआ। जैसे ही कार्यक्रम खत्म हुआ और मंत्री लालसिंह आर्य जाने लगे तो किसान आयोग अध्यक्ष नाराज हो गए। उन्होंने कलेक्टर रुचिका चौहान के सामने नाराजगी जताई और बोले हम किसानों के बीच रहते हैं और किसानों की सेवा से ही पद मिला है। डेढ़ साल से किसान आयोग का अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री हूं। इसके बाद भी मुझे बोलने नहीं दिया। उन्हें पता चला कि एडीएम ने सूची बनाई है तो एडीएम के पास पहुंचे। इसके बाद पता चला कि संबोधन सूची पर मंत्री लालसिंह ने टीक किया है तो वे गाड़ी में बैठे मंत्री के पास पहुंच गए। इस पर मंत्री ने कहा मैंने किसी के बोलने के आगे टीन नहीं लगाई है। इस पर अध्यक्ष बोले प्रशासनिक अधिकारियों को फोन लगाते हैं तो वे उठाते नहीं और बात भी नहीं करते हैं। इसके बाद मंत्री ने कहा बाद में बात करते हैं और रवाना हो गए। दरअसल अध्यक्ष की नाराजी की वजह संबोधन के लिए नाम नहीं आना रहा। विधायकों और महापौर के बाद सीधे मंत्री ने संबोधित किया और उनका नंबर नहीं आया। इससे वे नाराज हो गए। आयोग अध्यक्ष पाटीदार ने बताया आयोग अध्यक्ष होने के नाते मुझे भी संबोधित करने का मौका मिलना चाहिए था।

नर्मदा घाटी मंत्री लालसिंह आर्य के सामने नाराजगी जताते पाटीदार।

पिछले साल के गेहूं की राशि मिली तो छाई खुशी

पिछले साल जिन किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचा उन्हें सरकार 200 रुपए प्रोत्साहन राशि देगी। प्रोत्साहन राशि का वितरण सोमवार से शुरू हुआ। अनाज मंडी में हुए जिला स्तरीय किसान सम्मेलन में नर्मदा घाटी विकास मत्री (स्वतंत्र प्रभार) लालसिंह आर्य ने राशि वितरण शुरू किया। जैसे ही किसानों को यह राशि मिली उनमें खुशी छा गई। किसी किसान को तीन लाख रुपए तो किसी को 50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि मिलेगी। जिले के 9,722 किसानों को 14 करोड़ 63 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

सरकार 1 लाख रु. लोन देकर 90 हजार ही वापस लेती है

मंत्री लालसिंह आर्य ने कहा सरकार किसानों को 1 लाख रुपए का लोन देती है तो बदले में किसानों से 10 प्रतिशत कम यानी 90 हजार रुपए वापस लेती है। सीएम किसानों के हितों का पूरा ध्यान रख रहे हैं। आज किसानों को सम्मान और ताकत मिलने से उनके चेहरे पर चमक आई है। जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने कहा किसानों के लिए जो पूरे देश में नहीं हुआ, वो मध्यप्रदेश सरकार ने कर दिखाया। सैलाना विधायक संगीता चारेल ने कहा सीएम किसानों को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर ने कहा कनेरी, उमराल, सिमलावदा, एवरिया आदि क्षेत्रों के लिए सीएम ने 5 डेम बनाने की स्वीकृति दी है। महापौर डॉ. सुनीता यार्दे ने कहा सीएम प्रदेश को बीमारों राज्य की श्रेणी से निकालकर विकसित राज्य की पंक्ति में लाकर खड़ा कर दिया। किसान आयोग अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष अशोक चौटाला, मंडी अध्यक्ष प्रकाश भगोरा, मंडी डायरेक्टर सुरेंद्रसिंह भाटी, कलेक्टर रुचिका चौहान, जिला पंचायत सीईओ सोमेश मिश्रा, एसपी अमित सिंह, उपसंचालक कृषि जी. एस. मोहनिया आदि मौजूद थे।

शेड में कार्यक्रम खुले में नीलामी

जिला स्तरीय किसान सम्मेलन मंडी ऑफिस के ठीक सामने शेड में रखा गया। इससे शेड में होने वाली नीलामी खुले में की गई। इससे किसानों को भीषण गर्मी में परेशान होना पड़ा। दिनभर यही नीलामी हुई।