Hindi News »Madhya Pradesh »Ratlam» चंदन देश की माटी, तपो भूमि हर ग्राम, हर बाला देवी प्रतिमा, बच्चा-बच्चा राम

चंदन देश की माटी, तपो भूमि हर ग्राम, हर बाला देवी प्रतिमा, बच्चा-बच्चा राम

चंदन है देश की माटी तपो भूमि हर ग्राम है, हर बाला देवी की प्रतिमा बच्चा-बच्चा राम है... इन्हीं शब्दों के साथ भानपुरा...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 05:55 AM IST

  • चंदन देश की माटी, तपो भूमि हर ग्राम, हर बाला देवी प्रतिमा, बच्चा-बच्चा राम
    +1और स्लाइड देखें
    चंदन है देश की माटी तपो भूमि हर ग्राम है, हर बाला देवी की प्रतिमा बच्चा-बच्चा राम है... इन्हीं शब्दों के साथ भानपुरा पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंदजी तीर्थ ने पूर्व धर्मस्व मंत्री स्व. पं. मोतीलाल दवे द्वारा स्थापित 37वेंं अभा रामायण मेले का शुभारंभ किया।

    जड़वासा खुर्द में उन्होंने कहा व्यक्तित्व, कृतित्व, चरित्र व त्याग की मिसाल है रामचरित्र मानस। भारत का हर ग्राम तपो भूमि है। संसार के प्रत्येक मनुष्य में ज्ञान, शक्ति, बुद्धि, विद्या के रूप में जो चैतन्यता है, वह नारी का ही स्वरूप है। संसार में कहीं नारी को ईश्वर के रूप में पूजा जाता है तो वह हमारा भारत देश है। शरीर में से चैतन्यता निकल जाए तो शरीर शव बन जाता है। बिना चैतन्यता के हम सब शव हैं। चैतन्यता को नारी के रूप में देखो, चाहे पुरुष के रूप में, हम सब में नारी का ही स्वरूप है। उन्होंने कहा सृष्टि में जीवन का विकास जल में शुरू हुआ है। जल में भगवान विष्णु ने पहला मत्सय अवतार लिया जो जल से थल की तरफ चला कछुआ के रूप में वह दूसरा अवतार है। फिर वराह के रूप में, फिर आधा मानव आधा पशु नृसिंह अवतार के रूप में, फिर मनुष्यता का उदय हुआ बामन के रूप में और फिर लौह युग का प्रारंभ हुआ।

    जयकारे लगाते श्रद्धालु। ઇઇનઅઇનઇનइनसेट: स्वामी दिव्यानंदजी व अन्य।

    ‘केवल विज्ञान और तकनीक से ही काम नहीं चलता है’

    उन्होंने कहा केवल विज्ञान और तकनीकी से ही काम नहीं चलता है, विश्व का मानव शांति चाहता है और वह प्राप्त होगी संगीत के माध्यम से इसके लिए भगवान श्रीकृष्ण हाथ में बांसुरी लेकर उत्पन्न हुए। संगीत के द्वारा जब हमारी बुद्घि शांत नहीं हुई तो भगवान बुद्घ शांति के लिए ध्यान लेकर हमारे बीच आए। यह हमारा आज तक का विकास है कलकी अवतार बाकी है। हमारा विकास शरीर का नहीं चैतन्यता का हुआ है। उन्होंने कहा हमारे देश में 200 वर्ष अंग्रेजों का शासन रहा और 700 वर्ष इस्लामिक शासन रहा। इस्लामिक शासन ने हमारी परंपराओं को नहीं बदला। किंतु अंग्रेजों ने हमारी शिक्षा पद्घति को बदल दिया। जब शिक्षा पद्धति बदली तो आज देश में अंग्रेज नहीं है किंतु अंग्रेजियत बहुत है। भारत का महात्मा मांगता नहीं था। जब से देश में इस्लामिक संस्कृति आई तब से महात्मा मांगने लगे हैं। जिसने अपने माता-पिता को संतुष्ट कर दिया उसने जगत जीत लिया। झगड़ा तो भगवान के परिवार में भी हुआ है, बच्चों के झगड़े में माता-पिता तटस्थ हो जाना चाहिए। किसी का पक्ष नहीं लेना चाहिए क्योंकि जिसका पक्ष लोगे वहीं बाद में आप का सबसे ज्यादा विरोधी होगा। मानस मर्मज्ञ पं. अखिलेश उपाध्याय ने कहा मां वही धन्य है जिसका बेटा राम भक्त या राष्ट्रभक्त हो जाए। ऐसे बेटे पर परिवार के लोग गौरव महसूस करेंगे। उन्होंने कहा कथा में बोलना पाप है, कीर्तन में चुप रहना पाप है। कीर्तन में भगवान का नाम लेने से वाणी पवित्र हो जाती है। प्रारंभ में पोथी पूजन व संतों का पुष्पमालाओं से स्वागत मेला संयोजक पं. राजेश दवे, जड़वासा खुर्द मेला संयोजक चंदरसिंह पंवार, नंदलाल पाटीदार, भरतलाल पाटीदार, दिनेश शर्मा ढिकवा, नंदलाल पाठक, राजेंद्र पालीवाल ने किया। रामायण मेले का आयोजन 25 मई तक ग्राम हरथली में शाम 7.30 बजे से रात 11 बजे तक होगा। पादुका पूजन शांतिलाल परमार (सप|ीक) ने किया। श्रद्धालुओं ने भरपूर वर्षा के लिए प्रार्थना कर रामायणजी की आरती की। संचालन ध्रुव पारखी ने किया।

  • चंदन देश की माटी, तपो भूमि हर ग्राम, हर बाला देवी प्रतिमा, बच्चा-बच्चा राम
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Ratlam

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×