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पेड़ बचाओ : जीवनभर की पूंजी लेकर एडीएम के पास पहुंचे दंपती, ब्लैंक चेक दिया और बोले- 4.50 लाख रु. हैं, सारे ले लो

बाजना बस स्टैंड पर पेड़ ट्रांसप्लांट को लेकर गुरुवार को एक दंपती खाली चेक लेकर एडीएम के पास पहुंच गए। कहा हमारे...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 06:00 AM IST

  • पेड़ बचाओ : जीवनभर की पूंजी लेकर एडीएम के पास पहुंचे दंपती, ब्लैंक चेक दिया और बोले- 4.50 लाख रु. हैं, सारे ले लो
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    बाजना बस स्टैंड पर पेड़ ट्रांसप्लांट को लेकर गुरुवार को एक दंपती खाली चेक लेकर एडीएम के पास पहुंच गए। कहा हमारे बैंक खाते में 4.50 लाख रुपए हैं। आप पेड़ ट्रांसप्लांट करने के लिए जितने रुपए चाहिए, इसमें भर लें। इस पर एडीएम ने समझाया और एक लाख रुपए लेने का कहा। इस पर उन्होंने कहा 15 हजार रुपए के हिसाब से 7 पेड़ के एक लाख 5 हजार रुपए होते हैं। आप 15 पेड़ों के हिसाब से ही रुपए लें। दंपती ने 1.05 लाख रुपए पेड़ों के ट्रांसप्लांट के लिए दिए।

    बाजना बस स्टैंड फोरलेन निर्माण में बाधा बन रहे 45 पेड़ों को प्रशासन द्वारा ट्रांसप्लांट किया जा रहा है। इसके लिए जन अभियान चलाकर ट्रांसप्लांट में राशि एकत्र की जा रही है। अलकापुरी निवासी नारायणसिंह-विजयलक्ष्मी राठौर दंपती गुरुवार को अखबार में पेड़ ट्रांसप्लांट की खबर पढ़कर गुरुवार को एडीएम डॉ. कैलाश बुंदेला के पास खाली चेक लेकर पहुंचे थे। शेष | पेज 8 पर





    बीएसएनएल से फोन मैकेनिक के पद से सेवानिवृत्त राठौर बताते हैं पेड़ ट्रांसप्लांट को लेकर प|ी ने चर्चा की और तय किया कि ट्रांसप्लांट के लिए हम भी सहयोग करेंगे। मैंने घर के सामने जन शिक्षण संस्थान परिसर में भी 8 पेड़ लगाए हैं। राठौर ने बताया शहर में जितने भी लोगों को जानता हूं, उनके पास जाऊंगा और कहूंगा कि पेड़ ट्रांसप्लांट के लिए रुपए देने चाहिए। क्योंकि पेड़ बड़े करने में काफी वक्त लगता है और कुछ रुपए खर्च करने से बड़े पेड़ बचे रहेंगे। इनसे लोगों को छाया मिलेगी और पक्षियों के बसेरे भी बने रहेंगे।

    प्रॉपर्टी ब्रोकर मूणत व साड़ी व्यवसायी मूणत ने भी एक-एक पेड़ गोद लिया

    गोपाल गोशाला कॉलोनी निवासी प्रॉपर्टी ब्रोकर शरद मूणत व नोलाईपुरा के साड़ी व्यवसायी विजय मूणत ने भी एक-एक पेड़ ट्रांसप्लांट करने के लिए 15-15 हजार रुपए देने की बात कही है।

    1971 का युद्ध लड़ा है राठौर ने

    बीएसएफ की 14वीं बटालियन में सिपाही रहे राठौर ने 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध भी लड़ा है। वे जैसलमेर में पदस्थ थे। बड़े भाई जगपाल के 1972 में निधन होने पर बीएसएफ से वीआरएस ले लिया और बीएसएनल में टेलीग्राम बॉय व फिर फिर फोन मैकेनिक बने।

    प्रशासन जन अभियान चलाकर लोगों को कर रहा जागरूक, सहयोग करें ताकि पेड़ बचें

    अलकापुरी के नारायणसिंह-विजयलक्ष्मी राठौर दंपती एडीएम डॉ. कैलाश बुंदेला को एक लाख पांच हजार रुपए का चेक देते हुए।

    बाजना बस स्टैंड पर पेड़ ट्रांसप्लांट के लिए उनके आसपास खुदाई चल रही है।

    पांच पेड़ों के आसपास खुदाई हुई, आज होंगे ट्रांसप्लांट

    बाजना बस स्टैंड के पेड़ों का ट्रांसप्लांट सोमवार से शुरू हुआ है। इसके लिए पीपल के 4 और नीम के 1 पेड़ के आसपास चार से पांच फीट खुदाई हो गई है। 6 से 8 फीट खुदाई होने पर शुक्रवार को इन्हें अमृत सागर तालाब के बगीचे के पास ट्रांसप्लांट किया जाएगा।

    बच्चे भी खुश हैं पेड़ ट्रांसप्लांट करवाने से

    1.05 लाख रुपए पेड़ ट्रांसप्लांट के लिए देने वाले राठौर दंपती ने बताया हमारे बच्चे भी इससे खुश हैं। दो बेटे, एक बेटी और सात पोते-पोती हैं।

    200 पेड़ पीपल व नीम के जिन्हें बचाना जरूरी

    3.6 किमी फोरलेन के दोनों तरफ 395 पेड़ आ रहे हैं

    200 पेड़ को पीपल, नीम आदि के हैं, जिन्हें बचाया जाना है

    45 पेड़ रेलवे पुलिया तक नीम, पीपल के हैं जिन्हें पहले चरण में लिया गया है। पहले इन्हें ही ट्रांसप्लांट किया जाएगा

    5 पेड़ पर्यावरणविद् प्रेम जोशी खुद केंद्रीय मंत्री रहे स्व. अनिल माधव दवे की स्मृति में ट्रांसप्लांट कर रहे हैं।

    13 लोग अब तक पेड़ ट्रांसप्लांट के लिए आगे आ चुके हैं।

    20 पेड़ ट्रांसप्लांट करने की राशि की घोषणा हो चुकी है।

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