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एससी-एसटी एक्ट / सवर्णों के गुस्से से नेताओं के दौरे रद्द, सांसद, सीएम, मंत्री से लेकर अमित शाह तक नहीं आए



एसीएसटी एक्ट को लेकर नेताओं को जगह-जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है। एसीएसटी एक्ट को लेकर नेताओं को जगह-जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
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एसीएसटी एक्ट को लेकर नेताओं को जगह-जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है।एसीएसटी एक्ट को लेकर नेताओं को जगह-जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

  • कमलनाथ, सिंधिया, दिग्विजय सिंह, भाजपा सांसद को घेरा
  • 12 सितंबर का भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जावरा आने वाले थे 

Dainik Bhaskar

Sep 16, 2018, 10:48 AM IST

रतलाम. सवर्णों के गुस्से से घबराए नेताओं ने रतलाम, मंदसौर, नीमच के दौरे निरस्त कर दिए हैं। एससी-एसटी का पूरे देश में विरोध चल रहा है। इन तीन जिलों में भाजपा-कांग्रेस के हर नेता को घेरने से दोनों दलों के नेताओं में घबराहट है। नेताओं ने दौरे निरस्त कर दिए हैं। 12 सितंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का दौरा निरस्त हो गया तो मंदसौर में रतलाम में मुख्यमंत्री के दौरे निरस्त हो गए। जावरा-आलोट में जन आशीर्वाद यात्रा होना है लेकिन इसका कार्यक्रम ही तय नहीं हो पा रहा है।

 

 

कहां, किसके दौरे निरस्त हुए
 

कब कहां का दौरा किसका दौरा
9 सितंबर नयागांव (नीमच) मंत्री अर्चना चिटनीस व सांसद सुधीर गुप्ता
12 सितंबर जावरा (रतलाम) अमित शाह
14 सितंबर अयाना सांसद सुधीर
17 सितंबर रावटी सीएम शिवराज सिंह चौहान

 

काले झंडे दिखाए तो कहीं अंडे फेंके

  • 30 अगस्त- सांसद सुधीर गुप्ता को सिंगोली में।
  • 5 सितंबर- ऊर्जा मंत्री पारस जैन के सामने सांसद सुधीर गुप्ता को जावरा में। मंत्री दबे पांव सर्किट हाउस चले गए।
  • 8 सितंबर- सांसद गुप्ता का मनासा में।
  • 10 सितंबर- मनासा विधायक कैलाश चावला को बरखेड़ी में घेरा।
  • 11 सितंबर- मप्र कांग्रेस चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया को भूतेड़ा टोल नाके पर विरोध झेलना पड़ा।
  • 11 सितंबर- उज्जैन सांसद चिंतामणि मालवीय को भूतेड़ा टोल नाके पर।
  • 12 सितंबर- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पर नीमच में टमाटर फेंके।
  • 13 सितंबर- प्रदेश समन्वय समिति अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह पर पीछे से काले झंडे फेंके।


यहां विरोध दर्ज नहीं हो पाया

  • 12 सितंबर : रतलाम में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान आए तो करणी सेना, सपाक्स समाज व परशुराम सेना के सदस्यों ने सीएम से मुलाकात की। सीएम ने 1-2 दिन में ही बात करने भोपाल बुलाने का आश्वासन दिया तो यहां विरोध नहीं हुआ। लेकिन अभी चर्चा नहीं हुई है।
  • 15 सितंबर - पूर्व सीएम दिग्विजयसिंह नीमच आए। करणी सेना के कार्यकर्ताओं से इस मुद्दे पर चर्चा की। पुलिस की मौजूदगी के कारण विरोध दर्ज नहीं हुआ।

जवाब देने से बचने के लिए दौरे निरस्त

  1. घर में नहीं बैठे, कहीं न कहीं तो जा रहे हैं

    रतलाम भाजपा जिलाध्यक्ष कानसिंह चौहान ने कहा कि यहां के दौरे आवश्यक कारणों से निरस्त हुए हैं क्योंकि आंदोलन पूरे देश में चल रहा है और हमारे नेता घर नहीं बैठे हैं। कहीं न कहीं तो वे जा ही रहे हैं। इस तरह की धारणा ठीक नहीं है।

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