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180 स्कूलों में से 10 को मान्यता, अब 15 दिन शेष

एक वर्ष पहले
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{9वीं से 12वीं की मान्यता के लिए आधा एकड़ जमीन हुई जरूरी{आखिरी तारीख के पहले मिल जाएगी मान्यता

शहर के 180 स्कूलों की मान्यता का नवीनीकरण होना है। आखिरी तारीख 25 मार्च है। लेकिन अब तक 10 स्कूलों को ही मान्यता मिल पाई है। आखिरी तारीख में अब 15 दिन ही बचे हैं। ऐसे में यदि मान्यता का नवीनीकरण नहीं हुआ तो कई स्कूल मान्यता से वंचित रह जाएंगे।

स्कूलों की नई मान्यता और मान्यता के नवीनीकरण के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना है। इसके बाद बीआरसीसी निरीक्षण करेंगे और फिर डीईओ के अनुमोदन से मान्यता मिलती है।

स्कूल संचालकों ने मान्यता के लिए पोर्टल पर आवेदन तो कर दिया है। लेकिन कई आवेदन बीआरसीसी स्तर पर पेंडिंग है। इससे कुछ ही स्कूलों को मान्यता मिल पाई है। इधर विभाग का कहना है कि जिन स्कूलों ने आवेदन किया है। उन्हें चिंता की जरूरत नहीं है। आखिरी तारीख के पहले मान्यता जारी कर दी जाएगी। जबकि कई स्कूलों को आवेदन किए हुए 20 दिन से ज्यादा हो गए हैं। लेकिन अब तक मान्यता नहीं मिली है।

मान्यता के नियम में बदलाव, 6 से 12 कक्षा की मान्यता के लिए अब एक एकड़ जमीन जरूरी होगी


मान्यता के नियम में बदलाव किया है। अब छठी से बारहवीं तक की नवीन मान्यता के लिए अब एक एकड़ जमीन जरूरी होगी। वहीं 9 वीं से 12वीं तक की नवीन मान्यता के लिए आधा एकड़ जमीन जरूरी होगी। जबकि पहले 5600 स्क्वेयर फीट में मान्यता मिलती थी।

सभी को मिलेगी मान्यता - डीईओ केसी शर्मा ने बताया मान्यता का आवेदन मिलने के बाद स्कूल का निरीक्षण करना पड़ता है। इसके बाद मान्यता जारी होती है। इसमें समय लगता है। अभी जांच चल रही है। स्कूल संचालक चिंता ना करें जिन्होंने नवीन मान्यता या मान्यता के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है। सभी को मान्यता मिलेगी।

एक गलती पर लॉक हो रही है आईडी - नवीन मान्यता के लिए आवेदन करने पर एक गलती पर आईडी लॉक हो रही है। इसके बाद आईडी खुल नहीं रही है। आईडी खुलवाने के लिए बीआरसीसी के पास पहुंचना पड़ रहा है। इसके बाद लॉक खुल रहा है और आवेदन हो रहा है।


पोर्टल की स्पीड स्लो

मप्र प्रांतीय असशाकीय शिक्षण संस्था संघ के दीपेश ओझा ने बताया मान्यता के लिए पोर्टल पर आवेदन करना है लेकिन पोर्टल की स्पीड स्लो है। इससे आवेदन में दिक्कत आ रही है। यही स्थिति रही तो कई स्कूलों की मान्यता का नवीनीकरण नहीं हो पाएगा। वहीं कई बार आवेदन के बाद बीआरसीसी व डीईओ स्तर पर मान्यता अटक रही है। जबकि इस पर स्तर पर मान्यता के आवेदन नहीं अटकना चाहिए और तेजी से मान्यता मिलना चाहिए ताकि सभी स्कूलों को मान्यता मिल सकें।
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