‘कलमकार के शब्द ही इतिहास बनते हैं’

Ratlam News - रतलाम | कलमकार के शब्द ही इतिहास बनाते हैं तथा एक मानवीय व सभ्य समाज के निर्माण में सहायक होते हैं। एक शब्द साधक ही...

Dec 04, 2019, 10:11 AM IST
रतलाम | कलमकार के शब्द ही इतिहास बनाते हैं तथा एक मानवीय व सभ्य समाज के निर्माण में सहायक होते हैं। एक शब्द साधक ही है जो अपनी रचनाओं के माध्यम से अव्यवस्थाओं के चक्रव्यूह को तोड़कर मानवता के दुश्मनों के इरादों के नेस्तनाबूत करता है।

यह बात जन्मेजय उपाध्याय ने कही। बरबड़ रोड स्थित सैफायर स्कूल में अभा साहित्य परिषद रतलाम इकाई की काव्य गोष्ठी में अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। मुख्य अतिथि सुभाष यादव ने कहा वीणावादिनी का वरदहस्त रचनाकारों पर सदैव रहता है। जिसकी बौद्धिक शक्ति से ही वह साहित्य की रचना करने में सक्षम रहता है। साहित्यकार पद्माकर पांगे, प्रकाश हेमावत, रामचंद्र बुंदेला, तृप्ति सिंह, सतीश जोशी, अकरम खां शिरानी, प्रकाश हेमावत ने अपनी बात रखी।

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