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धोखाधड़ी के 5 करोड़ नागदा के व्यापारी शंभू पोरवाल ने लिए थे

एक वर्ष पहले
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बिजनेस विस्तार एवं एफडीआई से गेहूं खरीदी के टेंडर लेने के नाम पर 12 करोड़ 89 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के चर्चित मामले में सिटी थाना पुलिस ने रविवार को बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने नागदा के फर्टीलाइर, पेस्टीसाइड एवं खल-कपास्या व्यापारी शंभू पोरवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार शंभू और उसकी प|ी तथा तीन अन्य रिश्तेदारों ने फर्जी बिल देकर व्यापार के नाम पर धोखाधड़ी की राशि में से करीब पांच करोड़ रुपए लिए थे। इसलिए ये भी षड़यंत्र में शामिल है। इन सभी को आरोपी बनाया है।

सिटी थाना प्रभारी प्रमोद साहू ने बताया मामले के मुख्य आरोपी विजय पोरवाल व सह-आरोपी राजकुमार पोरवाल निवासी जावरा ने फरियादी मोहम्मद इरफान से करीब 13 करोड़ रुपए लिए थे। इनमें से करीब 5 करोड़ रुपए तो शंभू पोरवाल, उसकी प|ी और तीन अन्य रिश्तेदारों के नाम बनी फर्म के बैंक खातों में ट्रांसफर हुए। ये रुपए खल-कपास्या खरीदी व अन्य व्यापार के बदले नागदा भेजे गए, जबकि ऐसी कोई खरीदी नहीं हुई। नागदा की पांच फर्म से जो बिल जारी किए वे भी फर्जी है। थाना प्रभारी साहू ने बताया इसलिए केस में शंभू पोरवाल, उसकी प|ी कृषि र| किसान बाजार फर्म प्रोपाइटर पिंकी पोरवाल, चचेरे भाई कन्हैयालाल प्यारचंद फर्म प्रोपाइटर गोपालकृष्ण पोरवाल, चाचा सुरेंद्र कुमार कन्हैयालाल फर्म प्रोपाइटर सुरेंद्र पोरवाल और कैलाशचंद कन्हैयालाल फर्म संचालक जगदीश पोरवाल को आरोपी बनाया है।

शंभू पर घोषित किया था 10 हजार का इनाम

थाना प्रभारी साहू ने बताया मुख्य आरोपी विजय जेल में है। राजकुमार को दो दिन पहले हाईकोर्ट से जमानत मिली है। केस में राजकुमार की प|ी अलका, रिश्तेदार पंकज पोरवाल भी आरोपी है। दो दिन पहले ही एसपी गौरव तिवारी ने अलका व शंभू की गिरफ्तारी के लिए दस-दस हजार के नकद इनाम की घोषणा की थी। रविवार को शंभू को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार धोखाधड़ी की राशि को आरोपियों ने एक-दूसरे से व्यापार करने में खर्च होना बताया, इसलिए अब तक नकदी के रूप में रुपए बरामद नहीं हुए है।
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