800 किसानों की जमीन बंधक, बैंकों को पैसा डूबने का डर

Ratlam News - दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे में प्रभावित 1012 लोगों को अगले सप्ताह से मुआवजा राशि मिलना है। इसे लेकर बैंक...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:55 AM IST
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दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे में प्रभावित 1012 लोगों को अगले सप्ताह से मुआवजा राशि मिलना है। इसे लेकर बैंक अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है।

क्योंकि जिन किसानों की भूमि 8 लेन में जा रही है उनमें से 800 किसानों ने पहले ही उन भूमियों पर ऋण ले रखा है। भूमि बैंक के पास बंधक है। कुछ किसान ऐसे हैं जिन्हें बैंक ऋण जमा कराने के लिए नोटिस दे चुकी है लेकिन किसान ऋण जमा नहीं करा रहे। दोहरा लाभ लेने के लिए किसान प्राइवेट बैंकों में खाते खुलवा रहे हैं। ताकि एक तरफ उन्हें बंधक भूमि छुड़ाने के लिए बैंक में ऋण जमा नहीं कराना पड़े और दूसरी तरफ शासन की तरफ से मिलने वाला मुआवजा राशि उनके प्राइवेट बैंक के खाते में जमा हो जाए। इससे किसान तो खुश है लेकिन बैंक अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है।

दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे के लिए जावरा अनुविभाग की 453.90 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण होगी। इसमें प्रभावित 1012 किसानों को 110 करोड़ रुपए का मुआवजा मिलना है। इसमें से 76 करोड़ 7 लाख 68 हजार रुपए विभाग के खाते में जमा हो गए हैं। शनिवार को अनुविभाग के सभी बैंकों के अधिकारी एसडीएम एम.एल.आर्य के पास पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि गांव में पटवारियों द्वारा कैंप लगाकर मुआवजा राशि पाने वाले किसानों के दस्तावेजों का सर्वे किया रहा है। इसमें उनके दस्तावेज का वेरीफिकेशन हो रहा है।

किसानों को जिस भूमि को शासन अधिग्रहित करना चाह रहा है उस पर किसानों ने बैंकों से लाखों का कर्ज ले रखा है। अनुविभाग में 10 से 12 बैंकें हैं। जहां किसानों की भूमि केसीसी ऋण के कारण बैंक पास बंधक है। राजस्व रिकॉर्ड की खसरा नकल में भूमि पर बंधक चढ़ा हुआ है, लेकिन किसान मुआवजा राशि पाने के लिए अपने नए खाते प्राइवेट बैंक में खुलवा रहा है। उसकी प्रति मुआवजे के दस्तावेज में दे रहा है ताकि मुआवजा उसके खाते में जमा हो जाए। ऐसा हुआ तो किसान ऋण जमा नहीं करेगा, जमीन शासन के पास चली जाने से रिकवरी का ऑप्शन नहीं रहेगा। यूनियन बैंक के मुकेश रंजन, एसबीआई के दिलीपकुमार जैन, सेंट्रल बैंक कालूखेड़ा के के.के.दास, रिंगनोद के मुकेश गेहलोत, बड़ावदा के विजय भरत, जावरा के अमितेश सिंह, बीओबी के कपिल पटेल, यूनियन बैंक अरनियापिथा के जतिन पटेल, सुखेड़ा के बलवंत हिरपारा, जावरा के अमोल अोबटकर, एसबीआई जवाहर पथ के सुनील मेहता मौजूद थे।

8 लेन एक्सप्रेस-वे में जा रही भूमियों पर किसानों ने कर्ज ले रखा है और भूमि बैंक के पास बंधक है। इसकी जानकारी देते बैंक अधिकारी।

सत्यापन में बंधक का कॉलम जोड़ें

बैंक अधिकारियों की मांग है कि किसानों की जिस भूमि के लिए उन्हें मुआवजा मिलना है तो वह राशि किसानों के पुराने बैंक खातों में जमा की जाए। ताकि बैंक दिए ऋण की वसूली कर सके। दूसरे बैंक में राशि जमा हुई तो बैंक के पास न जमीन बचेगी और ना कर्ज की राशि किसानों से मिलेगी। इसलिए जिन किसानों को मुआवजा मिलना है उनके सत्यापन के कॉलम में बंधक का कॉलम बढ़वाया जाए। किसानों की सूची बैंक को दी जाए ताकि जिस किसान की भूमि बंधक है उसे मार्क कर सके। किसानों को मुआवजा राशि उसी बैंक की शाखा में जमा की जाए जहां से उन लोगों ने ऋण ले रखा है।

भूमियों की जांच के बाद देंगे राशि

एसडीएम एम.एल.आर्य ने बताया आपको सभी प्रभावित किसानों की सूची दे दी जाएगी। जिस किसान ने आपकी बैंक से ऋण ले रखा है उसे टीक कर दें। जिस किसान की भूमि बैंक में बंधक है उसकी जांच होने के बाद ही मुआवजा राशि जमा की जाएगी।

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