तीन महीने पहले घर से बिना बताए निकली, महिला दिवस पर लौटी
जिला अस्पताल में रविवार को महिला दिवस पर एक महिला को परिवार से मिलने की खुशी मिल गई।
रतलाम के प्लेटफॉर्म नं. 5 पर 13 जनवरी को ट्रेन से टकराकर महिला गंभीर घायल हुई थी। जीआरपी ने सुबह 4 बजे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया था। काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के गोविंद काकानी ने महिला की देखरेख की। महिला के दोनों पैर की उंगलियां कट गई थीं तो वहीं एड़ी में फ्रैक्चर भी था। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने से महिला रोज अलग-अलग बात बताती थी, तीन दिन पहले महिला ने इंदौर के गीता भवन चौराहा स्थित होस्टल का नाम लिया। फाउंडेशन के सदस्यों ने उस पते पर तलाशा तो जानकारी मिली। फिर इंदौर कंट्रोल रूम पर अरुणसिंह पडियार को घटना बताई। पलासिया थाना रक्षक जंगजीतसिंह ने रिश्तेदारों तक खबर दी। रविवार सुबह गोविंद काकानी से पति मूलचंद व बेटे गोविंद की सुबह 7 बजे चर्चा हुई। वे राऊ, इंदौर से रतलाम के लिए रवाना हो गए| े पति मूलचंद भाबर ने बताया महिला का नाम शारदा बाई है, उसके तीन बच्चे गोविंद, गोपाल व लड़की ज्योति है। तीन महीने पहले प|ी रात में बिना बताए घर से निकल गई थी, हम तभी से ढूंढ रहे थे। अस्पताल में पति व बेटे गोविंद को देख महिला रोने लगी।
इधर... बेटे-बहू से परेशान होकर छोड़ दिया था घर, वृद्धाश्रम में बुलाकर समझाया : एक अन्य मामले में बुजुर्ग महिला भी अपने घर पहुंची। यह महिला र|पुरी सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी की पहल से घर पहुंच सकी। महिला अपने बेटे बहू से नाराज होकर वृद्धाश्रम पहुंच गई। घर का पता चलने पर बेटे व बहू को वृद्धाश्रम बुलाया गया। इस पर दोनों ने माफी मांगी व महिला को साथ ले गए।
अस्पताल में परिजन से मिली महिला।