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परिवर्तन प्रकृति का नियम है, इसका पालन करें : काकानी

एक वर्ष पहले
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कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों को दी विदाई

कार्यक्रम में कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों को विदाई दी। सभी विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि काकानी ने समिति की ओर से उपहार भेंट किए। कार्यक्रम में उदयपुर शैक्षणिक भ्रमण पर गए विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह दिए। निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। इसमें नंदनी पांचाल प्रथम, अमन प्रजापत द्वितीय और आकांक्षा परमार तृतीय रहे।

श्री महर्षि श्रृंग विद्यापीठ में आयोजित फाग उत्सव में विद्यार्थीगण।

रतलाम | परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है। हमें इस नियम का पालन करना चाहिए। फाल्गुन मास में प्रकृति अपना रूप बदलती है और पतझड़ का मौसम आता है। जीवन में हर रंग का महत्व है।

यह बात समाजसेवी माधव काकानी ने शनिवार को श्री महर्षि श्रृंग विद्यापीठ में कही। उन्होंने कहा हमें प्रत्येक त्योहार को मनाना चाहिए। त्योहार हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। अध्यक्षता करते हुए विद्यापीठ अध्यक्ष कन्हैयालाल तिवारी ने कहा उत्सव हमें अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं। फाग उत्सव की शुरुआत श्री महर्षि श्रृंग व मां सरस्वती की आरती के साथ हुई। अतिथियों का स्वागत प्रधानाध्यापिका शिल्पा राठौर ने किया। विद्यापीठ सचिव मांगीलाल व्यास व सदस्य अनिल पांड्या विशेष रूप से मौजूद थे। संचालन शिक्षिका प्रज्ञा जोशी ने किया। आभार सतीश त्रिपाठी ने माना।
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