गढ़खंखाई माता मंदिर : 20 साल बाद पहली बार नहीं लगा मेला

Ratlam News - शहर से 39 किमी दूर श्री गढ़खंखाई माता मंदिर क्षेत्र में सन्नाटा परस रहा है। यह दूसरा मौका होगा जब चैत्र नवरात्रि...

Mar 27, 2020, 08:20 AM IST

शहर से 39 किमी दूर श्री गढ़खंखाई माता मंदिर क्षेत्र में सन्नाटा परस रहा है। यह दूसरा मौका होगा जब चैत्र नवरात्रि में एक भी भक्त नजर नहीं आ रहा है। चैत्र नवरात्रि में यहां मेला लगता है। इसके पहले सन 2000 में इस मेले का आयोजन नहीं हुआ था। उस समय यहां पर डकैत बहादुर के आतंक की वजह से मेले का आयोजन नहीं हुआ था।

श्री गढ़खंखाई माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि पर मेला लगता है। इसमें शहर सहित शिवगढ़, बाजना, रावटी, रानिसिंग के अलावा जिला व सीमावर्ती क्षेत्र के कई गांवों से हजारों की संख्या में भक्त मां के दर्शन करने पहुंचते हैं और यहां के मेले का आनंद लेते हैं। विशेष कर नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर हजारों की संख्या में भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं। इन तीन दिनों तक यहां भंडारे भी चलते हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लिए गए निर्णय के चलते मेले सहित अन्य कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं। मंदिर के पुजारी रामनारायण शर्मा ने बताया सुबह-शाम मां की पूजा-अर्चना के साथ ही अखंठ पाठ किया जा रहा है। अखंड पाठ के साथ ही कोरोना वायरस के संक्रमण से विश्व को बचाने के लिए भी राजेश, लवेश शर्मा द्वारा पाठ किया जा रहा है।

इस तरह सूना पड़ा हुआ है। मंदिर परिसर। इनसेट: श्री गढ़खंखाई माता।

500 साल पुराना है मंदिर

श्री गढ़खंखाई माता मंदिर 500 साल पुराना है। रतलाम-बाजना रोड स्थित ग्राम राजापुरा माताजी में माही नदी के किनारे मां का दरबार है। सभी धर्मों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के गर्भ गृह में भक्त भेरूलाल ने कांच की नक्काशी करवाई थी। किंवदंती है कि रतलाम गढ़ की स्थापना राजा रतनसिंह राठौर द्वारा की जा रही थी परंतु राजा ने अभिमान से माता को प्रणाम नहीं किया। माता ने क्रोध में खंखार किया, जिससे निर्माणाधीन गढ़ बिखर गया तभी से मंदिर गढ़खंखाई के नाम से प्रसिद्ध है।

चुनरी यात्रा स्थगित

श्री गढ़खंखाई माता चुरनी यात्रा आयोजन समिति चैत्र नवरात्रि की सप्तमी 31 मार्च की शाम को चुनरी यात्रा निकलने वाली थी। सैकड़ों की संख्या में भक्त 111 फीट लंबी चुनरी व 111 भगवा ध्वज लिए यात्रा में शामिल होने वाले थे। 22 सालों से पैदल यात्रा निकालने के साथ ही चुनरी यात्रा का यह 9वां साल है। चुनरी यात्रा को निरस्त किया गया है। श्री गढ़खंखाई माता चुनरी यात्रा समिति के संयोजक जनक नागल ने बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन से चुनरी यात्रा के खंडित नहीं हाेने का अनुराेध किया है। चुनरी यात्रा का यह 9वां साल है।

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