874 स्थानों पर होलिका दहन, आज बरसेगा रंग
{मुख्य चौराहों व मोहल्लों में सजाई होलिका{कई समाजों ने जल संरक्षण का संदेश दिया
फागुन माह की पूर्णिमा पर सोमवार को शहर में कई स्थानों पर होलिका का दहन हुआ। मंगलवार को रंगों का पर्व धुलेंडी मनाया जाएगा। सभी समाजजनों द्वारा ढूंढ उत्सव मनाया जाएगा।
दोपहर बाद से ही शहर में होलिका सजाने का काम शुरू हो गया था। शहर के मुख्य चौराहों व गली-मोहल्लों में होलिका सजाई गई। क्षेत्र की युवतियों व महिलाओं ने होलिका की पूजा-अर्चना की। शाम से देर रात तक शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। मंगलवार सुबह से ही सभी उम्र के लोग रंग-गुलाल खेलकर धुलेंडी पर्व मनाएंगे।
श्री गुर्जर समाज युवा इकाई ने थावरिया बाजार क्षेत्र, आस-पास के क्षेत्रवासी व कार्यकर्ताओं को पानी की बचत करने के लिए अबीर गुलाल और फूलों से बने कलर के साथ सूखी होली खेलने की शपथ दिलाई। गुर्जर समाज युवा इकाई अध्यक्ष मुरलीधर गुर्जर, विजय गुर्जर सहित अन्य मौजूद थे। श्री गुर्जरगौड़ ब्राह्मण समाज, श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज सहित सभी समाजजनों द्वारा परंपरागत तरीके से ढूंढ उत्सव मनाने के साथ ही समाज के जिस घर में गमी हुई वहां जाकर रंग डालेंगे।
पुलिस प्रशासन ने की तैयारियां - होली पर्व को शांतिपूर्ण कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। तैयारियों को लेकर सोमवार को डीजीपी वी के सिंह ने वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश भी दिए। काॅन्फ्रेंस में डीआईजी गौरव राजपूत, एसपी गौरव तिवारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे। एसपी तिवारी ने बताया जिले में 874 होलिका दहन हुई। 43 चूल के स्थानों को चिन्हित किया गया है। प्रत्येक स्थल पर पुलिस बल लगाया गया है। शहर में फिक्स पॉइंट के अतिरिक्त 73 स्थानों पर पुलिस व्यवस्था लगाई है। जिला बल, एसएएफ, होम गार्ड व बाहर से बुलाए गए कुल 2500 का बल जिले में तैनात किया गया है। उन्होंने बताया शराब पीकर वाहन चालानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नागर ब्राह्मण समाज की आज निकलेगी गेर
मध्यप्रदेश नागर ब्राह्मण परिषद के तत्वावधान में 10 मार्च को समाजजनों की गेर निकाली जाएगी। काॅलेज रोड मठ स्थित हाटकेश्वर देवालय से गेर की शुरुआत दोपहर 2 बजे से होगी। गेर समाजजनों के घर जाएगी। अध्यक्ष सुशील नागर, सचिव सत्येंद्र मेहता, उपाध्यक्ष ओम त्रिवेदी ने गेर में शामिल होने की अपील की।
मन्नत पूरी हुई, भक्त करेंगे आकाशीय परिक्रमा
जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर ग्राम कचलाना में स्थित भैरव मंदिर में होली व धुलेंडी पर दो दिनी मेला लगता है। इसमें धुलेंडी पर्व पर जिन भक्तों की मन्नत पूरी होती है वे आकाशीय परिक्रमा करते हैं।
चौराना पंचायत के गांव कचलाना में 400 साल पुरना भैरव मंदिर है। यहां लगने वाले दो दिनी मेले में जिले सहित सीमावर्ती क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। यहां आने वाले भक्त जो भी मन्नत मांगते हैं और पूरी होने पर वे धुलेंडी पर्व पर आकाशीय परिक्रमा करते हैं। मन्नत के अनुसार 5, 7, 11 और 21 बार परिक्रमा की जाती है। परिक्रमा पुरुष वर्ग द्वारा की जाती है। यहां चूल भी होता है। भक्त चूल में चलने के साथ ही परिक्रमा भी देते हैं। समाजसेवी शांतिलाल गेहलोत ने बताया भैरव मंदिर के पास ही 25 फीट का खंबा बना हुआ है। जिन भक्तों की मन्नत पूरी होती है वे खंबा पर चढ़ते है वहां बने मचान पर उन्हें बांधा जाता है और एक अन्य व्यक्ति द्वारा खंबा घुमाते हुए परिक्रमा पूरी करवाता है।
महालक्ष्मी जी के द्वार मची है होली...
रंग मत डाले रे सांवरिया, म्हाने गुजर मारे रे, रंग मत डारे रे, रंग मत डाले रे सांवरिया..., आज बिरज में होली रे रसिया, फाग खेलन बरसाने आए हैं नटवर नंदकिशोर..., अरे जा रे हट नटखट ना छू रे मेरा घूंघट पलट के दूंगी आज तुझे गाली रे..., मोहन ने रूप बनाया श्याम होली खेलन को आया..., महालक्ष्मी जी के द्वार मची है होली..., तुम झोली भर लो भक्तों रंग और गुलाल से, होली खेलां गा आपा गिरधर गोपाल से...सहित कई होली के गीतों व भजनों पर भक्तों ने गुलाल उड़ा कर होली खेली। मौका था माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर में होली के पर्व पर फागोत्सव का।
होली के पर्व पर महालक्ष्मी मंदिर में सोमवार शाम 7.30 बजे से फागोत्सव शुरू हुआ। इसमें भजन गायक पंडित गोपालकृष्ण शर्मा ने अपनी टीम के साथ संगीतमय भजनों की प्रस्तुतियां दी। देर रात तक चले फागोत्सव में बड़ी संख्या में भक्तों में मां लक्ष्मी जी को होली खिलाने के साथ ही उड़ते हुए गुलाल के बीच भजनों पर नृत्य किया।
नए धान का बांटा प्रसाद - मंदिर के दर्शन करने आने वाले भक्तों को चने (नए धान) का प्रसाद बांटा गया। मंदिर के पंडित संजय पुजारी ने बताया सालों से परंपरा चली आ रही है कि होली के दिन नए धान जैसे ऊंबी (गेहूं) होलिका में जला कर उसका उपयोग किया जाता है। उसी तरह मंदिर में भी नए धान चने का प्रसाद बांटा जाता है। उसी परंपरा के अनुसार यहां नमकीन चने का प्रसाद बांटा जाता है। उन्होंने बताया फागोत्सव में 20-20 किलो के पांच कट्टों
के अलग-अलग रंग के गुलाल से फागोत्सव खेला गया।
पर्व की तैयारियों को लेकर डीजीपी ने वीडियो काॅन्फ्रेंस से तैयारियों की समीक्षा की, 43 चूल के स्थान चिह्नित किए
गोकाष्ठ से जलाई होली
नशीले पदार्थों की होली जलाकर नशा नहीं करने का संकल्प
बच्चों ने कंडे, कपूर, लौंग से बनाई होलिका
गुलाल लगाने के बाद जांगड़ा पोरवाल समाज की महिलाओं ने ली सेल्फी
दीनदयाल नगर में पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास गोकाष्ठ से होलिका दहन किया गया। पुजारी आशीष व्यास ने बताया पर्यावरण बचाने लकड़ियों से होली नहीं जलाई गई। गोपाल गोशाला से डेढ़ क्विंटल गोकाष्ठ (गोबर से तैयार लकड़ी के आकार के डंडे) मंगवाई गई।
धानमंडी में सोमवार को होलिका के साथ नशीले पदार्थों की होली भी जलाई गई। पतंजलि नशा मुक्ति समिति द्वारा इस होलिका दहन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीएसपी भूपेंद्रसिंह राठौर ने कहा बीड़ी, सिगरेट और शराब या कोई भी नशा हो इससे शरीर को नुकसान ही होता है। समाजसेवी डॉ.राजेश शर्मा, सीएसपी हेमंत चौहान, समाजसेवी गोविंद काकानी, राजीव रावत, संध्या उपाध्याय, ओम त्रिवेदी ने भी संबोधित किया। समिति जिलाध्यक्ष महेश शर्मा, हर्ष दशोत्तर ने स्वागत किया।
अजंता पैलेस के पास छोटे बच्चों ने कंडे, कपूर, लौंग से होलिका बनाई। ऐसा पर्यावरण को सुरक्षित करने के लिए किया। प्रतीक दलाल, तेजस व्यास, निखार वया, गर्व दलाल, क्षेत्र भंडारी आदि ने योगदान दिया।
_photocaption_रतलाम। जांगड़ा पोरवाल समाज की महिलाओं ने त्रिपोलिया गेट स्थित भगवान रणछोड़ राय मंदिर पर होली का पर्व मनाया। सभी ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दी और महिलाओं ने इस तरह अपनी-अपनी सेल्फी क्लिक की । *photocaption*
डालूमोदी बाजार में सोमवार शाम महिलाओं ने होलिका पूजन बाद दहन किया।
शुभ मुहूर्त में किया होलिका दहन**