अवैध खनन / टीम पहुंची तो किसी ने नदी में छलांग लगा दी, कोई ट्रैक्टर लेकर नीमच तरफ भागा



mp news mandsaur team raided illegal mining spot workers ran away to save self
X
mp news mandsaur team raided illegal mining spot workers ran away to save self

  • चंबल में पानी आया तो रेत माफिया रेतम नदी में मनासाखुर्द के पास हाे गए सक्रिय
  • प्रतिबंध के बावजूद खनन, अधिकारी बाेले- जल्द सख्त कार्रवाई हाेगी 

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 11:10 AM IST

मंदसौर. रेत खदानों से खनन को लेकर शासन ने 16 जून से प्रतिबंध लगा रखा है। रेत माफिया को कानून का कोई डर नहीं है। चंबल नदी में पानी आया तो रेत माफिया मल्हारगढ़ के पास मनासाखुर्द में रेतम नदी में सक्रिय हो गए। गुरुवार सुबह से यहां दो जेसीबी सहित करीब 15 ट्रैक्टर-ट्राॅली रेत निकालने का काम कर रहे थे। सूचना पर खनिज विभाग की टीम पहुंची तो उन्हें देखते ही रेत छानने वालाें ने नदी में छलांग लगा दी। ट्रैक्टर ड्राइवर नदी से होकर नीमच की तरफ भाग गए। मामले में अधिकारी जल्द दबिश देकर सख्त कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। नदी किनारे रखी रेत को जल्द जब्त करने की बात भी कही। 

 

शासन द्वारा रेत खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के बाद भी कोई असर जिले में नहीं दिखाई दे रहा है। गत माह तक चंबल नदी में सीतामऊ क्षेत्र के खतरूखेड़ी, पारसी, साईंखेड़ी, चिमनगढ़, धतूरिया सहित आसपास के क्षेत्र में रेत माफिया सक्रिय रहे। शिकायतों पर खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए दर्जनों ट्रैक्टर-ट्राॅली व उपकरण जब्त किए।

 

अब चंबल में पानी आने से रेत माफिया मल्हारगढ़ क्षेत्र में रेतम नदी पर सक्रिय हो गए हैं। गुरुवार सुबह रेतम नदी पर मनासाखुर्द के पास तेजी से रेत खनन शुरू हुआ। यहां दो जेसीबी व 15 ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से माफिया नदी का सीना छलनी करने में लगे रहे। दोपहर तक करीब 10 ट्रैक्टर-ट्राॅली रेत निकाली जा चुकी थी। भास्कर को जानकारी लगने पर खनिज अधिकारी को मामले की जानकारी दी गई। खनिज निरीक्षक टीनू डाबर टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। खनन की जगह मनासाखुर्द से करीब दो तीन किमी अंदर होने पर गांव से किसी ने खनन माफिया को जानकारी दे दी। टीम मौके पर पहुंची तो ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर ड्राइवर नदी से होते हुए नीमच की तरफ भाग गए। रेत खनन करने वाले लोगों ने नदी में छलांग लगाकर दूसरी तरफ दौड़ लगा दी। टीम पहुंची तब तक सभी भाग चुके थे। 

 

8 हजार रुपए तक बिक रही ट्राॅली 
रेत पर प्रतिबंध के बाद उपलब्धता कम होने व मांग बनी रहने के कारण काली रेत के भाव आसमान छू रहे हैं। तीन से चार हजार रुपए में मिलने वाली एक ट्राॅली रेत के दाम 5 से 8 हजार रुपए तक पहुंच गए हैं। खनिज माफिया दिन व रातभर रेत निकालने का काम कर रहे हैं। राजस्व विभाग अधिकारियों की लापरवाही के चलते शासन को राेज राजस्व व नदियों से खनिज संपदा का नुकसान पहुंच रहा है। नदी के एक पाइंट से एक दिन में करीब 150 से 200 ट्रैक्टर-ट्राॅली तक रेती निकाली जा रही है। 
 
पांच ट्रैक्टर-ट्राॅली जब्त किए 
मनासाखुर्द में टीम के पहुंचने से पहले ही सभी भाग गए लेकिन वापसी में टीम को पिपलियामंडी में जगह-जगह ट्रैक्टर ड्राइवर मिले जो रेत का परिवहन कर रहे थे। अवैध रेत व परिवहन होने पर खनिज निरीक्षक टीनू डामोर ने नगर से करीब पांच ट्रैक्टर-ट्राली रेत सहित जब्त की। सभी को पिपलियामंडी थाना परिसर में खड़ा कराया। 

 

जानकारी मिलने पर हम पहुंचे थे। नदी का स्थान मनासाखुर्द से करीब एक से दो किमी अंदर था। ऐसा लगता है मानो गांव से किसी ने उन्हें सूचना दी हो। मौके पर पहुंचते तब तक कोई नदी में कूदकर भाग गया तो ट्रैक्टर ड्राइवर नदी से होते हुए नीमच की तरफ भाग गए। अगली बार नीमच व मंदसौर की तरफ से संयुक्त कार्रवाई करेंगे तभी वह पकड़ में आएंगे।

मेजरसिंह जमरा, खनिज अधिकारी, मंदसाैर

 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना