एमसीएच : हर माह 15% सिजेरियन डिलीवरी, इस बार 30%, होगी जांच
मातृ एवं शिशु चिकित्सालय इकाई में इस बार सिजेरियन डिलीवरी के मामले बढ़े हैं। यूं तो महीने में करीब 15 प्रतिशत सिजेरियन डिलीवरी होती है, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 30 प्रतिशत तक पहुंचा है। यह बात बुधवार को तब सामने आई जब एमसीएच में डिप्टी कलेक्टर शिराली जैन गर्भवती महिलाओं के प्रकरण की समीक्षा करने पहुंची। ऐसे में अब उन्होंने सीजेरियन डिलेवीरी वाली महिलाओं की रिपोर्ट की जांच करने का कहा है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं काे मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। इधर, जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का कहा है। सिविल सर्जन डाॅ. आनंद चंदेलकर ने बताया सभी प्रकरणों की रिपोर्ट की जांच की जाएगी। पता लगाया जाएगा कि इस बार सिजेरियन डिलीवरी के आंकड़ों में क्यों इजाफा हुआ है।
इधर... क्वालिटी को जांचने कभी भी जिला अस्पताल अा सकती है टीम, तैयारियां शुरू
इधर, जिला अस्पताल में नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) की टीम कभी भी आ सकती है। यह टीम जिला अस्पताल का चेकलिस्ट के आधार पर मूल्यांकन करेगी। टीम को लेकर तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। हालांकि, टीम के आने से पहले अस्पताल प्रबंधन अपना खुद का मूल्यांकन भी करेगा। इसके लिए अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी, जो कमियों को ढ़ूंढेगी।
निरीक्षण के दौरान यदि 70 फीसदी से ज्यादा अंक मिले तो मिलेंगे 10 हजार रुपए प्रति बेड
एनक्यूएएस की टीम का निरीक्षण इसलिए अहम है, क्योंकि यदि अस्पताल प्रबंधन 70 फीसदी से ज्यादा अंक लाता है तो 10 हजार रुपए प्रति बेड के हिसाब से दिए जाएंगे। हर विभाग को आठ क्षेत्रों में बांटकर मूल्यांकन किया जाना है। इसमें मरीजों के लिए सेवाओं का प्रावधान, मरीजों के अधिकार, सहायक सेवाएं जैसे सफाई, सुरक्षा, चिकित्सकीय व्यवस्थाएं, संक्रमण रोकथाम, अतिरिक्त सेवाएं जैसे रसोई, लांड्री, परफॉर्मेंस (आउटपुट) और गुणवत्ता शामिल है। सभी के 100-100 अंक मिलाकर कुल 800 अंक होंगे।