कार्रवाई / बस पर आपरेटर ने बेटे का नाम लिखा 'शिवराज' तो आरटीओ ने काट दिया 500 रुपए का चालान

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2019, 12:00 PM IST


mp news neemach bus operator chalaned on writing son shivraj name on bus
X
mp news neemach bus operator chalaned on writing son shivraj name on bus
  • comment

मंदसौर जिले के नारायणगढ़ निवासी की है बस, अब न्यायालय में दायर करेंगे आपत्ति

नीमच. लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के बाद जिले में एक रोचक मामला आया। इसमें एक यात्री बस पर 'शिवराज' लिखा होने पर आरटीओ ने चालानी कार्रवाई कर दी। बस संचालक का तर्क था कि ये पूर्व सीएम का नहीं बल्कि मेरे बेटे का नाम है। इसका शपथ भी देने को तैयार हूं। परिवहन अधिकारियों के दल ने एक ना सुनी और बहस के बीच 500 रुपए का चालान काटा गया। बस संचालक इस मामले में न्यायालय में जाने की तैयारी में है।

 

मंदसौर जिले के नारायणगढ़ निवासी सौरभ कोठारी की यात्री बस क्रमांक आरजे-33-पीए-0277 का चालान शोरूम चौराहे पर परिवहन विभाग के दल ने बनाया था। जब बस को रोका गया उस वक्त अधिकारियों ने बस पर हरे व केसरिया दो रंग में लिखे 'शिवराज' शब्द पर आपत्ति ली। कोठारी का कहना था कि ये नाम पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का नहीं बल्कि मेरे बेटे का भी है। इसलिए उसका नाम लिखा है, कमल के फूल का चिह्न तक नहीं है तो ये भाजपा का मामला कैसे। किस आधार पर चालान बना रहे। परिवहन दल ने शिवराज पर शब्द होने पर राजनीतिक मामला बताकर 500 रुपए का चालान काट दिया।


 

बस का बीमा, परमिट, फिटनेस से लेकर सभी तरह के दस्तावेज पूरे हैं। बस पर केसरिया व हरे रंग में मेरे बेटे शिवराज का नाम लिखा होने पर चालान की बात पर अधिकारी अड़ गए। जबकि मैं परिवार के सभी सदस्यों के नाम का शपथ-पत्र देने को तैयार था। नियमों की बात लंबी चली तो फिर 500 रुपए का चालान काटा है। कोर्ट में जाने को मैं वकील से परामर्श ले रहा हूं

सौरभ कोठारी



 

बस पर केसरिया व हरे रंग में शिवराज तो लिखा ही था शादी के स्टीकर भी लगे थे। ये खामियां होने पर ही चालान काटा गया।

 

 

मधुकर सिसौदिया, क्लर्क, आरटीओ



 

निजी बस का मालिक चुनाव चिह्न का इस्तेमाल किए बिना केवल दो रंगों से शिवराज शब्द लिखवाता है तो चालान बनाना उचित नहीं है। यह किसी भी तरह से गलत नहीं है। वैसे भी आचार संहिता का हवाला देकर कई तरह की कार्रवाई की जा रही है, जबकि कई विषय दायरे में भी नहीं आते। वाहन मालिक चाहे तो आपत्ति ले सकता है।

 

महेश पाटीदार, अभिभाषक

 

COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन