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आरटीई में दाखिला लेने वालों के दस्तावेज की जांच एनजीओ करेगा

एक वर्ष पहले
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रतलाम | अब तक तो शिक्षा विभाग के अधिकारी आरटीई (शिक्षा का अधिकार) में दाखिला लेने वाले बच्चों के दस्तावेजों की जांच करते थे। लेकिन अब जिम्मा एनजीओ को दे दिया है। धरती फाउंडेशन नई दिल्ली एनजीओ के सदस्य स्कूलों में पहुंच बच्चों के दस्तावेज देखेंगे और स्कूल प्रभारियों से चर्चा करेंगे।

एनजीओ से जांच कराने के लिए जिला शिक्षा केंद्र ने शहर के सभी निजी स्कूलों को पत्र जारी किए हैं। इसमें कहा है कि बाल आयोग के आदेश पर आरटीई में दाखिला लेने वाले बच्चों के दस्तावेजों का सत्यापन होना है। इससे दस्तावेज तैयार रखें और एनजीओ को पूरा सहयोग करें। इसका निजी स्कूल संचालकों ने विरोध जताया है। मप्र प्रांतीय अशासकीय शिक्षण संस्था संघ के दीपेश ओझा ने बताया आरटीई में 25 फीसदी सीटों पर दाखिला दिया जाता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए जाते हैं व शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारी ही ही बच्चों के दस्तावेजों का परीक्षण करते हैं। इस आधार पर बच्चों को एडमिशन दिए जाते हैं। वहीं फीस की बारी आती है तो भी यही होता है और आधार कार्ड के जरिए पूरा वेरीफिकेशन होता है। इसके बाद ही फीस प्रतिपूर्ति की राशि मिलती है। ऐसे में अब एनजीओ से दस्तावेजों की जांच का आदेश क्यों जारी किया है। वहीं अभी परीक्षा चल रही है। इसके बाद स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे में स्कूल संचालक व्यस्त रहेंगे। अन्य काम करेंगे या एनजीओ को हम दस्तावेज उपलब्ध कराएंगे। जब सारा कामकाज ऑनलाइन है तो फिर एनजीओ से वेरीफिकेशन की क्या जरूरत। इससे संघ विरोध करता है और इस पर बाल आयोग इसका विरोध करता है।
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