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पंचायत बनाएगी नल-जल योजना, 5-10% जनभागीदारी होगी

एक वर्ष पहले
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जल जीवन मिशन के तहत साल 2024 तक हर गांव में स्थाई जलस्रोत तलाश कर नलों के माध्यम से घर-घर पानी पहुंचाने की योजना शासन की है। इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू होगी। पंचायत ग्रामसभा कर जनसंख्या के मान से कार्य योजना बनाएगी। 1000 से कम आबादी वाले गांव में पंपिंग और इससे ज्यादा की जनसंख्या पर पेयजल टंकी बनाकर पानी घरों तक पहुंचेगा। पंचायत के ठहराव प्रस्ताव बनाने के बाद पीएचई डीपीआर तैयार करेगी और शासनस्तर पर स्वीकृति मिलेगी। इसमें पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर काम होगा। जो पंचायत पहले जनभागीदारी राशि जमा करेगी उतनी जल्दी उस गांव में योजना क्रियाशील होगी।

शनिवार को जनपद सभागृह में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग रतलाम ने कार्यशाला आयोजित कर अधिकारियों ने सरपंच व सचिवों को मिशन के बारे में जानकारी दी। नल-जल योजना के लिए 60 फीसदी राशि केंद्र व 40 फीसदी राज्य सरकार देगी। बाकी पंचायत जनसहयोग से इकट्ठा करेगी। 6 महीने में योजना बनाकर स्वीकृत करवाने के प्रयास रहेंगे, इसके लिए जनसहयोग राशि पहले जमा करना होगी। पीएचई भू-जल सर्वेक्षण करेगा। नल-जल योजना की क्रियान्वयन एजेंसी पंचायत होगी। तीन-चार साल बाद जनसहयोग राशि वापस पंचायत को दे दी जाएगी। अभी 1000 से कम आबादी वाले गांव में पंपिंग के माध्यम से सीधा पानी सप्लाय होगा। इसमें 50 लाख रुपए तक का खर्च आएगा। अनुमानित जनसहयोग राशि सामान्य वर्ग के लिए 5 लाख और 50 प्रतिशत से अधिक एससीएसटी वर्ग के लोग होने पर 2.50 लाख रुपए रहेगी। इससे अधिक की जनसंख्या पर पेयजल टंकी बनाकर उससे पानी सप्लाय किया जाना है। इसमें खर्च करीब 1 करोड़ आएगा। सामान्य गांव होने पर 10 लाख और एसटीएससी बाहुल्य गांव होने पर 5 लाख की राशि जनसहयोग से रहेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि अब गांव की योजना गांव में बनेगी। शासन की याेजना अनुसार काम होता था अब पंचायत से मिले प्रस्ताव अनुसार काम होगा। उपकरण व सामान भी पंचायत के तय मापदंड अनुसार ही उपयोग में लाई जाएगी।

सरपंच-सचिव ग्रामसभा कर बनाए योजना, 2024 तक गांवों में काम पूरा करना है: दुबे


हमें हर घर में नल से जल पहुंचाने का सपना पूरा करना है। सरपंच-सचिव पंचायत पर ग्रामसभा कर सावधानीपूर्वक योजना बनाए। ताकि हर मोहल्ले व घर को इससे जोड़ा जाए और कोई वंचित न रहे। पीएचई एसडीओ प्रियांशी दुबे ने कहा 5 से 10 फीसदी राशि जनसहयोग से लगेगी। बाकी शासन देगी। 2024 तक ये काम शत प्रतिशत करना है। उपयंत्री इरफान अली ने मिशन से जुड़े तकनीकी पहलुओं के बारे में समझाया। समग्र चेतना ग्रामोत्थान समिति उज्जैन के ट्रेनर आदित्य फटाले, स्वाति फटाले ने पावर प्रजेंटेशन से हर बिंदु की जानकारी दी। जिला सलाहकार आनंद व्यास ने जल जीवन मिशन के माध्यम से महिला दिवस पर हर घर में नल से जल उपलब्ध करवाने के लिए संकल्पित होने की बात कही। जिला सलाहकार किरण चौहान ने जल संरक्षण के छोटे-छोटे उपाय बताए। संचालन आनंद व्यास ने किया। आभार सैय्यद अबरिक फरहत ने माना। जनपद उपाध्यक्ष लोकेंद्रसिंह सोलंकी, सीईओ आरबीएस दंडोतिया, बीडीओ एसआर बारोल उपस्थित थे।

जनपद सभागृह में आयोजित कार्यशाला में उपस्थित पंचायतों के सरपंच-सचिव।
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