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‘यू-ट्यूब पर वीडियो देख महालक्ष्मी के दर्शन करने रतलाम आई, मंदिर में नोटों की गड्डियां पकड़ी तो तेज हो गई धड़कन’

Ratlam News - मैं यू-ट्यूब पर वीडियो सर्च कर रही थी। एक दिन महालक्ष्मी मंदिर का वीडियो आ गया। मैंने देखा तो आश्चर्यचकित रह गई। एक...

Oct 22, 2019, 08:51 AM IST
मैं यू-ट्यूब पर वीडियो सर्च कर रही थी। एक दिन महालक्ष्मी मंदिर का वीडियो आ गया। मैंने देखा तो आश्चर्यचकित रह गई। एक वीडियो देखने के बाद पुष्टि करने के लिए अन्य वीडियो देखे। सभी में बता रहे थे कि मंदिर को नोटों से सजाया जाता है। मेरे मन में रतलाम आकर महालक्ष्मी मां के दर्शन करने की इच्छा हो गई। क्योंकि हम उनके भक्त हैं। इस बारे में घर पर बताया तो सभी ने बार-बार वीडियो देखे। मैंने अपनी मुंबई में रहने वाली फ्रेंड को वीडियो भेजा और दीपावली पर चलने काे कहा। वो तैयार हो गई। हम ट्रेन पकड़कर रतलाम आ गए। मंदिर में आए, दर्शन के बाद पंडितजी से पूछा मंदिर कब सजेगा तो वे बोले आज से ही। हमने कहा कोई सेवा हो तो बताओ… पंडितजी बोले मंदिर की सजावट शुरू होने वाली है। हमने कहा हम कुछ मदद कर सकते हैं तो उन्होंने नोटों की गड्डियां पकड़ा दी। इतने नोट देखकर पहले तो दिल की धड़कन तेज हो गई, लेकिन अब लगातार नोट की माला बना रही हूं, मेरा यह अनुभव वाकई अद्भुत है।

यह कहना है मैंगलुरू के पास मुडबिदिरी की रहने वाली सुजाता बिल्लावा (51) का। सुजाता अपनी सहेली वर्षा चिचानी (57) के साथ सोमवार सुबह मां महालक्ष्मी मंदिर पहुंची। संयोग से सोमवार से मंदिर में नोटों की सजावट का काम शुरू हुआ तो दोनों नोटों की लड़ियां बनाने में जुट गई। सजावट का काम अब धनतेरस से एक दिन पहले तक चलेगा।

दीप पर्व 2 दिन शेष

घाटकोपर से रतलाम आईं वर्षा, बोली शुरुआत में डर लगा अब जल्दी-जल्दी बन रही नोटों की लड़ियां

महालक्ष्मी मंदिर में नोटों की लड़ियां बनाती हुई मेंगलुरू की सुजाता बिल्लावा (बैंगनी दुपट्‌टा), घाटकोपर की वर्षा चिचानी(आसमानी दुपट्‌टा), पीथमपुर की आयुषी सोनी (पिंक दुपट्‌टा) व रतलाम के मालीकुआं निवासी कृष्णा छातोर (साड़ी में)

वर्षा चिचानी घाटकोपर मुंबई की रहने वाली है। वर्षा ने बताया वाट्सएप पर सहेली ने वीडियो भेजा तो मेरा मन रतलाम आने का हो गया था। रतलाम का नाम सुना है क्योंकि मेरे पापा का घर भवानी मंडी में है। हमारे बच्चों ने रतलाम आने का इंतजाम कर दिया। नोटों की लड़ियां बना रहे थे तो शुरुआत में हमारी स्पीड धीमे थी लेकिन अब जल्दी-जल्दी काम हो रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है। इधर, पीथमपुर निवासी आयुषी सोनी ने बताया वे माणकचौक में मामा मनीष सोनी के घर आई थी। मंदिर के बारे में सुन रखा है, धन रखने आए तो देखा यहां अन्य महिलाएं नोटों की सजावट में लगी है। हम भी जुट गए।

मंदिर में नोट गिनने की दो मशीनें लगी, एक व्यापारी ने रख दी तिजोरी

महालक्ष्मी मंदिर में एक व्यापारी तिजोरी रख गए, हालांकि इस तिजोरी में नोट, सोना, चांदी थे। मंदिर में अभी तिजोरी में नोटों की गड्डियां रख इस तरह रखा है।

महालक्ष्मी मंदिर में शृंगार सामग्री (नोट, सोना, चांदी आदि।) लेकर लोग पहुंच रहे हैं। सोमवार को पुष्य नक्षत्र होने पर कई लोग साेने-चांदी लेकर भी पहुंचे। एक व्यापारी ने मंदिर में नोटों से भरी तिजोरी रखवा दी। इस साल मंदिर में प्रशासन की नजर में दीपोत्सव मनाया जा रहा है। मंदिर में आने वाले धन का भी हिसाब रखा जा रहा है। मंदिर में नोटों को गिनने के लिए दो मशीनें भी लगाई हैं।

ज्वेलरी देती अलकापुरी निवासी शारदा व मंजुला शर्मा। दोनों ने बताया वे 10 साल से मंदिर में धन रख रही हैं। यह ज्वेलरी उन्होंने नई खरीदी।

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