जायरीनों ने होली की रोशनी देख लिया विशेष लोबान
होली की आग में जैसे बुराई का अंत होता है। वैसे ही हुसैन टेकरी पर इस रात होली की रोशनी देखने और विशेष लोबान लेने से लोग रोग मुक्त होते हैं। इसी आध्यात्मिक मान्यता के चलते सोमवार रात टेकरी पर हजारों लोग जुटे। 11 बजे होली की रोशनी देखने के बाद 12 बजे लोबान लिया। चूल स्थल के पास मैदान में ही सारे रोजों का सामूहिक लोबान हुआ। इधर कोरोना के खतरे को देखते हुए ड्यूटी पर आए अफसर-कर्मचारी मास्क पहने नजर आए। भीड़ के चलते देररात तक टेकरी परिसर में मेले जैसा माहौल रहा।
हुसैन टेकरी मुतव्वली नवाब सरवर अली खान ने बताया वर्ष 1942 के दौर में जब चेहल्लूम मनाने की शुरुआत हुई। उसके दो साल बाद से यहां होली पर यह आयोजन होने लगा। यहां बुरी बला व बीमारियों से परेशान सभी धर्म के लोग शिफा (स्वास्थ लाभ) पाते है। टेकरी पर रोजों में इबादत करने और हाजिरी देने के लिए लोग आते हैं। इसी रात जश्ने विलादत मौला अली भी मनाया। रोजों में तकरीर हुई।
7 हजार लोगों ने किया भोजन- नगर में अबु सईदी लंगर खाना में निःशुल्क भोजन व्यवस्था की गई। लंगर खाना संचालक बाले खान मेव ने बताया सात हजार श्रद्धालु ने भोजन किया। 10 और 11 मार्च को लंगर जारी रहेगा। गोपाल सिंघल, जाकिर मास्टर, याकूब कुरैशी, सादिक, सद्दाम, सोहेल मोहम्मद, भय्या भाई, सलीम खान मौजूद रहे।
होली की रात हुसैन टेकरी पर जुटे जायरीन। देररात तक यहां मेले जैसा माहौल रहा। फोटो- अर्जुन दायम।