बिजली कड़कने के दौरान पेड़ के नीचे जाने की कीमत जान देकर चुकाना पड़ी

2 वर्ष पहले
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जननी एक्सप्रेस पर खजूर का पेड़ गिरा, ड्राइवर घायल

भास्कर संवाददाता | रतलाम

जड़वासाखुर्द और ढिकवा में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू होने पर बचने के लिए नीम के पेड़ के नीचे खड़े होने की गलती की कीमत एक बालिका और एक बुजुर्ग को जान देकर चुकाना पड़ी। वहीं बाजेड़ा में तेज आंधी से टूटा खजूर का पेड़ जननी एक्सप्रेस पर गिरा और चालक घायल हो गया।

जड़वासाखुर्द में बिजली गिरने से मृत बाबूलाल मावी के बेटे मुकेश ने बताया शुक्रवार सुबह मजदूरी के लिए 40 लोग जड़वासाखुर्द आए थे। पिता बाबूलाल गांव (55) में भरत पाटीदार के खेत पर लहसुन बीन रहे थे। शाम 5.30 बजे बारिश शुरू हुई तो नीम के पेड़ के नीचे चले गए जहां बिजली गिरने से मौत हो गई। ढिकवा निवासी श्रीराम राठौड़ (21) ने बताया गांव के बच्चों के साथ मवेशी चरा रहे थे। अचानक बारिश शुरू हुई तो श्रीराम के साथ उसकी भतीजी मोनिका राठौड़ (12), रिश्तेदार सपना कटारिया (15) और गांव का निवासी श्रवण पिता भरत गामड़ (12) नीम के पेड़ के नीचे खड़े हो गए। पेड़ पर बिजली गिरने से मोनिया और वह बेहोश हो गए।

श्रीराम बेहोश होकर श्रवण के ऊपर गिरा जिससे वह भी घायल हो गया। खेत पर काम कर रहे लोगों ने परिजन को सूचना दी। परिजन ने घायलों को जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया। ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना जिला अस्पताल पहुंचे व घायलोें से मिले।

खेत में काम कर रहे थे, बारिश में पेड़ के नीचे चल गए
रामा पारगी।

जननी एक्सप्रेस पर गिरा खजूर का पेड़, चालक घायल
बाजेड़ा में तेज आंधी के कारण टूटा खजूर का पेड़ जननी एक्सप्रेस पर गिर गया। घटना में चालक रामा पिता भूरजी पारगी (22) निवासी तालाबबोर्डी (शिवगढ़) को चेहरे पर चोट लगी। रामा पारगी ने बताया दोपहर को एमसीएच (मातृ शिशु चिकित्सा इकाई) से जच्चा-बच्चा को छोड़ने ग्राम खारी गया था। वापस लौटते समय दोपहर करीब 3.30 बजे बाजेड़ा के पास तेज आंधी शुरू हुई और खजूर का पेड़ टूटकर जननी एक्सप्रेस पर गिर गया। सड़क निर्माण में लगे मजदूरों ने घायल चालक को जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया।

भास्कर अलर्ट : पेड़ के नीचे खड़े होना जानलेवा हो सकता है

आपदा प्रबंधन के नोडल अधिकारी होमगार्ड कमांडेंट आर.एस. खिंची ने बताया आकाश में बादलों के बीच घर्षण से अचानक इलेक्ट्रोस्टैटिक चार्ज निकलता है जो तेजी से आसमान से जमीन की तरफ आता है। बिजली की स्पार्किंग की तरह प्रकाश दिखाई देता है। इसी पूरी प्रक्रिया को आकाशीय बिजली कहते हैं। इसकी चपेट में वो लोग आते हैं जो खुले आसमान के नीचे, हरे पेड़ के नीचे होते हैं। आसमान में बिजली कड़क रही है और आप घर के बाहर हैं तो सबसे पहले सुरक्षित (मजबूत छत) वाली जगह तक पहुंचने का प्रयास करें।

श्रीराम राठौड़

सपना और श्रवण गामड़।

ये रखें सावधानी
बिजली कड़कने पर पानी, बिजली के तारों, खंभों, हरे पेड़ों और मोबाइल टॉवर से दूर हट जाएं।

एक से ज्यादा लोग हैं तो एक दूसरे का हाथ पकड़कर न रहें, एक दूसरे से दूरी बनाकर रखें।

छतरी या लोहे से दूर रहें।

ये करें

आसमान के नीचे हैं तो अपने हाथों को कानों पर रख लें, ताकि बिजली की तेज आवाज़ से कान के पर्दे न फट जाएं।

अपनी दोनों एड़ियों को जोड़कर जमीन पर उकड़ूँ बैठ जाएं।

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