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सुख के लालच में किए पाप हमारे दु:ख का मूल कारण हंै: आचार्य श्री

Ratlam News - दु:ख का मूल कारण हमारे द्वारा किए गए पाप होते हैं, जो हम सुख की लालच में करते हैं। व्यक्ति को अपने पूर्व जन्म के...

Jan 16, 2020, 09:40 AM IST
Tal News - mp news the sins committed by the greed of happiness are the root cause of our sorrow acharya shri
दु:ख का मूल कारण हमारे द्वारा किए गए पाप होते हैं, जो हम सुख की लालच में करते हैं। व्यक्ति को अपने पूर्व जन्म के कर्मों के अनुसार सुख-दु:ख मिलते हैं। जीवन में सही काम का फल सुखदायी होगा। जिस मनुष्य को मंदिर में ईश्वर प्रतिमा के दर्शन के बाद बाहर की जीवात्मा में परमात्मा के दर्शन हो जाए तो सही मायने में दर्शन सार्थक होंगे।

यह बात आचार्य मृदुल र|सागर सूरीश्वरजी ने बुधवार को स्थानक भवन में गुणानुवाद सभा में कही। आचार्यश्री ने कहा आम का पेड़ लगाने पर फल मिलते है, वहीं कांटों की मेड़ पर कांटे। अगर जीवन में सुख चाहिए तो दूसरों को दु:ख नहीं देना चाहिए। धर्म की शुरुआत परहित से होती है। मृत्यु के बाद उन्हें ही याद किया जाता है। इससे पहले सुबह 9 बजे आचार्यश्री के मंगलप्रवेश पर जावरा रोड स्थित बांठिया परिसर से समाजजन ने अगवानी की। मंगल गीत के साथ जयकारे गूंजे। साध्वी हेमप्रज्ञा श्रीजी के सान्निध्य में महिला व बालिका मंडल ने गहुली की। चल समारोह मुख्य मार्ग से होता हुआ स्थानक भवन पहुंचा। जहां पूजा-अर्चना के बाद गुणानुवाद सभा में आचार्यश्री ने श्रावकों ने आशीर्वचन दिए। लाभार्थी मांगीलाल बांठिया, वीरेंद्रकुमार धाकड़ ने आचार्यश्री को कांबली ओढ़ाई। गुरुपूजन का लाभ निर्मल कुमार भाटिया ने लिया।

भूरालाल मूरत, कांतिलाल सिसौदिया, प्रकाश आंचलिया, सुभाष वोहरा, डॉ.अशोक हिरावत, राजेंद्रसिंह डोडिया, पवन मोदी, नवीन मेहता, विजय मूरत, सुशील सकलेचा, अशोक मूणत, सुभाष धाकड़, नवीन ओस्तवाल, शीतल जैन, कमल पितलिया, देवनारायण दीक्षित, डॉ.सिद्धार्थ जैन उपस्थित थे।

मंगल प्रवेश
आचार्यश्री के मंगलप्रवेश का चल समारोह में शामिल समाजजन।

आचार्य नवर| सागर सूरीश्वरजी की पुण्यतिथि पर जाप हुए

आलोट | जैन धर्म के तपागच्छ संघ के आचार्य नवर| सागर सूरीश्वरजी की पुण्यतिथि बुधवार को मनाई गई। समाजजन ने गाेशाला में गोसेवा और जाप किए। आचार्य विश्वर| सुंदर सूरीश्वरजी की महामांगलिक 25 जनवरी को होगी। संघ के अनिल देसरला ने बताया आचार्यश्री की महामांगलिक का सौभाग्य समाज को मिला है। नंदनराज जैन के नेतृत्व में आयोजन समिति बनाकर जिम्मेदारियां साैंपी। सकल जैन श्रीसंघ, तपागच्छ श्रीसंघ, नवर| परिवार सहित प्रफुल्ल मेहता, राजेंद्र पारिख, संजय सिंदूरिया, संजय मारवाड़ी, राजेंद्र देसरला, डॉ.सुनील चौपड़ा, प्रखर मेहता, रौनक देसरला ने आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

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