हत्या की शंका / 4 दिन पहले 20 लाख की फिरौती के लिए अपहृत छात्र का शव कुएं से मिला



मनासा अस्पताल में परिजन को समझाइश देते पुलिस अधिकारी। मनासा अस्पताल में परिजन को समझाइश देते पुलिस अधिकारी।
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मनासा अस्पताल में परिजन को समझाइश देते पुलिस अधिकारी।मनासा अस्पताल में परिजन को समझाइश देते पुलिस अधिकारी।

  • मनासा में छात्र की हत्या पर तो चौकड़ी में अफीम का झूठा केस बनाने पर लोगों ने पुलिस को घेरा
  • शव मिलने के 1 घंटे पहले भी 30 लाख की फिरौती का आया कॉल, साड़ी से बंधे मिले दिनेश के पैर और मुंह

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2019, 10:55 AM IST

मनासा. ग्राम बर्डिया निवासी 18 वर्षीय छात्र का 7 फरवरी को अपहरण हो गया था। अज्ञात बदमाशों ने छात्र के मोबाइल से ही कॉल कर परिजन से 20 लाख रुपए फिरौती मांगी थी। रुपए नहीं मिलने पर दिनेश को मारने की धमकी दी थी। चार दिन बाद उसका शव रामपुरा रोड स्थित कुएं में तैराता मिला। इसकी जानकारी मिलते ही परिजन व गांव के लोग घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगाम शुरू कर दिया। शव लेने आए नगर परिषद के वाहन व पुलिस पर पथराव कर दिया। सूचना पर एसडीओपी सहित वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। परिजन ने हत्या का आरोप लगाया।

 

मूलत: चित्ताैड़गढ़ जिले के आछोड़ा निवासी दिनेश पिता नाथूलाल दो साल से बर्डिया में बहन ज्योति पति दीपक के यहां रहकर पढ़ाई कर रहा था। 7 फरवरी की शाम काे वह दोस्त के यहां नोट्स लेने का कहकर गया था। रात 8.30 बजे तक वापस नहीं लौटने पर जीजा दीपक व परिजन ढूंढने निकले। कहीं पर भी पता नहीं चलने पर मनासा थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसके एक घंटे बाद 9.30 बजे दीपक के मोबाइल से ही बहन ज्योति और जीजाजी दीपक कुमार मालवीय को कॉल करके बदमाशों ने कहा 20 लाख रुपए देकर दिनेश को ले जाओ नहीं तो उसकी लाश मिलेगी।

पुलिस ने संदिग्ध माना, तलाश करती तो बच जाता :  सोमवार को पुलिस को रामपुरा रोड स्थित कुएं में युवक के शव की सूचना मिली। पुलिस ने शव बाहर निकाला तो शिनाख्त चार दिन से लापता दिनेश के रूप में हुई। बहन, जीजी व ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मृतक का मुंह व पैर साड़ी से बंधे थे। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया तो ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर दिया और वहीं धरने पर बैठक गए। आरोपियों की गिरफ्तारी तक प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी। नीमच से एएसपी पंवार, एसडीएम पीएल देवड़ा, तहसीलदार अजय हिंगे थाने पहुंचे। परिजन का आरोप है- पुलिस मामले को संदिग्ध मान कर टालती रही। यदि तलाश करती तो दिनेश की जान बच जाती। उन्होंने हत्या के आरोपियों को पकड़ने की मांग की। आधे घंटे समझाइश के बाद परिजन थाने से सरकारी अस्पताल पहुंचे।


48 घंटे पहले ही हो गई थी दिनेश की मौत : दिनेश के शव का पोस्टमार्टम डॉ. आरके जोशी, डॉ. बीएल भायल और डॉ. जेएस सत्संगी की पैनल ने किया। प्रारंभिक रिपोर्ट में दिनेश की मौत 48 घंटे पहले ही हो चुकी थी। शव पर कीड़ों के खाने के निशान थे। शरीर पर चोट के निशान नहीं थे। डॉक्टरों ने विसरा लिया है जाे जांच के लिए इंदाैर भेजा जाएगा।


शव मिलने के 1 घंटे पहले राजस्थान से फिरौती के लिए कॉल आया था: जीजा दीपक कुमार मालवीय ने बताया कॉल करने वाले व्यक्ति ने फिरौती में 30 लाख रुपए मांगे। इसकी जानकारी पुलिस काे दी। जिस नंबर से कॉल आया था वह पुलिस काे उपलब्ध करवा दिया। एएसपी का कहना है कॉल करने वाले की लोकेशन राजस्थान में मिली है और पुलिस कार्रवाई कर रही है।
 

2 छात्राओं पर भी संदेह :  दिनेश के परिवार के लोगों ने शक के आधार पर दिनेश के साथ पढ़ने वाली दाे छात्राओं के नाम पुलिस को बताए हैं। परिजन का कहना है 7 फरवरी की शाम दिनेश के मोबाइल पर चेतना और शीतल नाम की लड़कियों के कॉल आए थे। दोनों लड़कियां दिनेश के साथ कोचिंग पढ़ती है। इनसे भी पूछताछ की जाना चाहिए।



छात्र दिनेश के अपहरण का मामला थाने में दर्ज था और अब हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करेंगे। जितेंद्रसिंह पंवार, एएसपी, नीमच

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