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बरसी / कमलनाथ ने दी मृतकों को श्रद्धांजली, कहा - पेटलावद ब्लास्ट की जांच में सच्चाई को दबाया गया



कमलनाथ ने परिवर्तन रैली को संबोधित किया। कमलनाथ ने परिवर्तन रैली को संबोधित किया।

तीन साल पहले 12 सितंबर 2015 को जिलेटिन-डेटोनेटर के अवैध भंडारण से हुआ था ब्लास्ट।

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 07:01 PM IST

पेटलावद/झाबुआ. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ बुधवार को परिवर्तन लेकर झाबुआ जिले के पेटलावद पहुंचे। बुधवार को पेटलावद में 12 सितंबर 2015 को हुए ब्लास्ट की तीसरी बरसी भी थी। इसी दिन आने को लेकर कमलनाथ बोले-भूरियाजी (झाबुआ-रतलाम सांसद कांतिलाल भूरिया) ने मुझसे झाबुआ आने का कहा तो मैंने कहा-12 सितंबर काे ही पेटलावद आकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहता हूं। उन्होंने कहा बड़े दु:ख के साथ कहना पड़ता है कि पेटलावद ब्लास्ट की जांच में सच्चाई को दबाया गया। उनका इशारा ब्लास्ट के मुख्य आरोपी राजेंद्र कासवां के भाजपा से जुड़े होने के आरोपों को लेकर था।

 

कमलनाथ ने कहा-मैंने अपने राजनीतिक जीवन में आज तक नहीं देखा कि हर वर्ग किसी सरकार से इतना परेशान हो। शिवराज सिंह जी यात्रा पर किसके खर्च पर आते हैं। यह आपके पैसे खर्च किए जाते हैं। मैं अपने खर्च पर हेलीकॉप्टर से आया हूं। शिवराज की सभा में अधिकारी-कर्मचारी भीड़ जमा करते हैं। भीड़ देख कर शिवराज खुश हो जाते हैं कि जनता मेरे साथ है। उन्होंने कहा-शिवराज इंदौर में समिट करते हैं और कहते हैं उद्योग खुलेंगे। मप्र में जितने उद्योग खुलते नहीं, उससे ज्यादा बंद हो जाते हैं। खुलते सिर्फ शराब उद्योग हैं। जितनी आत्महत्या किसानों की मप्र में होती है उतनी अफ्रीका में भी नहीं होती। सभा में नगर के वार्ड क्रमांक 1 के रहवासी ब्लास्ट पीड़ित अभिषेक राठौड़ को मंच पर बुलाया गया। अभिषेक ने मंच से पीड़ा बताई। सभा के पहले कमलनाथ में श्रद्धांजलि चौक पर ब्लास्ट में मृत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।  

इसी जगह पर दुकान में विस्फोटक सामग्री भरी थी।


वादों से मुकरी सरकार

 

  1. 12 सितंबर 2015 को हुए ब्लास्ट ने 73 जानें ली थी और 75 लोगों को घायल कर दिया था। इन लोगों के परिवार आज भी जिंदगी से संघर्ष कर रहे हैं। हादसे के बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ब्लास्ट पीड़ितों को मदद का भरोसा दिया लेकिन पीड़ित परिवारों को आज लाभ नहीं मिला।
  2. स्व. गंगाराम राठौड़ की पत्नी चंद्रकांता (67) ने बताया कि ब्लास्ट में मेरे पति, दोनों बहुएं, एक बेटा सभी मर गए। अब मेरा सहारा केवल मेरे दोनों पोते हैं। ब्लास्ट में मकान क्षतिग्रस्त हुआ था। एस्टीमेट 34 लाख 97 हजार का बना था। कुछ नहीं मिला।
  3. स्व. मुकेश सेठिया की पत्नी संतोष सेठिया का कहना है 3 लड़कियां और 1 लड़का है। मुख्यमंत्री ने मुझसे वादा किया था कि आपकी बिटिया की उम्र 18 वर्ष होने पर नौकरी देंगे। आवेदन के बाद भी नौकरी नहीं मिली।
  4. स्व. आरिफ मंसूरी की मां शैजादी मंसूरी बताती हैं नौकरी के नाम पर रसाेइयन बनाया। 6 से 7 माह हो गए, अभी तक वेतन भी नहीं मिला। पंचायत ने मकान दिया, उसकी राशि 50 हजार माफ करने का वादा मुख्यमंत्री ने किया था लेकिन अब लिखित में मांगते हैं।
  5. स्व. संतोष मुलेवा की पत्नी सारिका बताती हैं-मैंने बीए व पीजीडीसीए किया है। ब्लास्ट के तीन साल बाद भी नौकरी नहीं मिली। बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी, ऐसा वादा किया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
  6. स्व. सुनील परमार की पत्नी रामकन्या परमार का कहना है कि सरकारी नौकरी नहीं दी। पति का लोन माफ नहीं किया। नामांतरण कराने गई तो रिकवरी निकाल दी गई।रिश्वत मांगी, मना करने धमकी दे रहे हैं।
  7. स्व. विजय राठौड़ की पत्नी सोनम राठौड़ का कहना है मेरे बच्चे की पढ़ाई का खर्च खुद उठा रही हूं। मुझे जो नौकरी दी गई वो भी पेटलावद से 4 किलोमीटर दूर है। 3 हजार में घर और बच्चे की पढ़ाई नहीं हो पाती। गरीबी रेखा का राशन कार्ड भी अभी तक नहीं बनाया गया है।
12 सितंबर को पेटलावदवासी काला दिवस के रूप में याद करते हैं

12 सितंबर 2015 का वह काला दिन

  • 8.15 बजे सुबह राजेंद्र कांसवा के गोदाम में रखी जिलेटीन की छड़ों में विस्फोट
  • 73 की मौत हुई
  • 100 से अधिक घायल
  • 200 फीट तक हवा में उड़ते नजर आए अंग
  • 11 किमी दूर तक सुनाई दिया धमाका
  • 03 मकान पूरी तरह तहस-नहस हुए
  • 17 गांवों का एक न एक व्यक्ति हुआ हादसे का शिकार
हादसे में आरोपी कांसवा की भी मौत हो गई थी।

आरोपी राजेंद्र कांसवा आज भी पहेली
हादसे के मुख्य आरोपी राजेंद्र कांसवा को लंबी जद्दोजहद के बाद जांच समिति व पुलिस विभाग द्वारा डीएनए टेस्ट के बाद मृत घोषित कर दिया था। अधिकांश पीड़ित परिवार और आम जनता राजेंद्र कांसवा को मृत नहीं मानती।

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