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पेटलावद ब्लास्ट में मारे गए लोगों को दी कमलनाथ ने श्रद्धांजलि, विस्फोट में 73 लोगों की गई थी जान

तीन साल पहले 12 सितंबर 2015 को जिलेटिन-डेटोनेटर के अवैध भंडारण से हुआ था ब्लास्ट।

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 04:45 PM IST

पेटलावद/झाबुआ. पेटलावद ब्लास्ट की बुधवार को तीसरी बरसी पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने मृतकाें को श्रद्धांजली अर्पित की। यहां से कमलनाथ सीधे परिवर्तन रैली में पहुंचे और सभा को संबोधित करते हुए बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। कमलनाथ ने अगले चुवान में कांग्रेस का साथ देने के लिए लोगों से कहा। इसके पहले सुबह मृतकाें के परिजन सहित बड़ी संख्या में लोग श्रद्वांजली चौक पहुंचे और मृतकों को पुष्प अर्पित किए। तीन साल पहले 12 सितंबर 2015 को जिलेटिन-डेटोनेटर के अवैध भंडारण से हुए ब्लास्ट में 73 लोगों के चिथड़े उड़ थे, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

वादों से मुकरी सरकार

- 12 सितंबर 2015 को हुए ब्लास्ट ने 73 जानें ली थी और 75 लोगों को घायल कर दिया था। इन लोगों के परिवार आज भी जिंदगी से संघर्ष कर रहे हैं। हादसे के बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ब्लास्ट पीड़ितों को मदद का भरोसा दिया लेकिन पीड़ित परिवारों को आज लाभ नहीं मिला।

- स्व. गंगाराम राठौड़ की पत्नी चंद्रकांता (67) ने बताया कि ब्लास्ट में मेरे पति, दोनों बहुएं, एक बेटा सभी मर गए। अब मेरा सहारा केवल मेरे दोनों पोते हैं। ब्लास्ट में मकान क्षतिग्रस्त हुआ था। एस्टीमेट 34 लाख 97 हजार का बना था। कुछ नहीं मिला।
- स्व. मुकेश सेठिया की पत्नी संतोष सेठिया का कहना है 3 लड़कियां और 1 लड़का है। मुख्यमंत्री ने मुझसे वादा किया था कि आपकी बिटिया की उम्र 18 वर्ष होने पर नौकरी देंगे। आवेदन के बाद भी नौकरी नहीं मिली।
- स्व. आरिफ मंसूरी की मां शैजादी मंसूरी बताती हैं नौकरी के नाम पर रसाेइयन बनाया। 6 से 7 माह हो गए, अभी तक वेतन भी नहीं मिला। पंचायत ने मकान दिया, उसकी राशि 50 हजार माफ करने का वादा मुख्यमंत्री ने किया था लेकिन अब लिखित में मांगते हैं।
- स्व. संतोष मुलेवा की पत्नी सारिका बताती हैं-मैंने बीए व पीजीडीसीए किया है। ब्लास्ट के तीन साल बाद भी नौकरी नहीं मिली। बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी, ऐसा वादा किया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
- स्व. सुनील परमार की पत्नी रामकन्या परमार का कहना है कि सरकारी नौकरी नहीं दी। पति का लोन माफ नहीं किया। नामांतरण कराने गई तो रिकवरी निकाल दी गई।रिश्वत मांगी, मना करने धमकी दे रहे हैं।
- स्व. विजय राठौड़ की पत्नी सोनम राठौड़ का कहना है मेरे बच्चे की पढ़ाई का खर्च खुद उठा रही हूं। मुझे जो नौकरी दी गई वो भी पेटलावद से 4 किलोमीटर दूर है। 3 हजार में घर और बच्चे की पढ़ाई नहीं हो पाती। गरीबी रेखा का राशन कार्ड भी अभी तक नहीं बनाया गया है।

12 सितंबर 2015 का वह काला दिन

8.15 बजे सुबह राजेंद्र कांसवा के गोदाम में रखी जिलेटीन की छड़ों में विस्फोट
73 की मौत हुई
100 से अधिक घायल
200 फीट तक हवा में उड़ते नजर आए अंग
11 किमी दूर तक सुनाई दिया धमाका
03 मकान पूरी तरह तहस-नहस हुए
17 गांवों का एक न एक व्यक्ति हुआ हादसे का शिकार

आरोपी राजेंद्र कांसवा आज भी पहेली
हादसे के मुख्य आरोपी राजेंद्र कांसवा को लंबी जद्दोजहद के बाद जांच समिति व पुलिस विभाग द्वारा डीएनए टेस्ट के बाद मृत घोषित कर दिया था। अधिकांश पीड़ित परिवार और आम जनता राजेंद्र कांसवा को मृत नहीं मानती।