लोकसभा चुनाव / अमझेरा में राहुल गांधी की सभा कल : एक मिथक, यहां आने के बाद छिन जाता है मुख्यमंत्री पद



Rahul Gandhi will contest election rally tomorrow
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Rahul Gandhi will contest election rally tomorrow

  • कमलनाथ के आने पर संशय, विधायक ग्रेवाल ने कहा, सीएम को लाकर खत्म करेंगे भ्रम 
  • दिग्विजयसिंह, उमा भारती और बाबूलाल गौर गंवा चुके हैं पद

Dainik Bhaskar

May 10, 2019, 12:17 PM IST

अमझेरा/धार. 1857 के अमर शहीद बख्तावरसिंह की नगरी अमझेरा के साथ एक ऐसी किवदंती जुड़ी हुई है कि यहां जब भी कोई मुख्यमंत्री सभा लेने के लिए आया वो दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बन पाया। इस डर से 14 साल से कोई भी मुख्यमंत्री यहां सभा लेने के लिए नहीं आया। क्योंकि पूर्व में दिग्विजसिंह, उमा भारती और बाबूलाल गौर यहां सभा लेने आए, लेकिन इसके बाद वे फिर कभी मुख्यमंत्री के पद को नहीं पा सके। संभवत: यही कारण रहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी अनेक मर्तबा धार जिले में आए, लेकिन वे अमझेरा नहीं आए, बल्कि यहां से पांच किमी दूर मांगोद में सभा लेकर रवाना हो गए। 

 

इस बार भी कुछ ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है। वर्तमान मुख्यमंंत्री कमलनाथ के 11 मई को होने वाली कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सभा में आने पर संशय बना हुआ है। हालांकि क्षेत्रीय विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि इस बार हम सीएम कमलनाथ को अमझेरा लाकर इस भ्रम को हमेशा के लिए खत्म कर देंगे। 

 

16 साल के बाद भी वादा अधूरा, नहीं बन पाई तहसील : 10 फरवरी 2003 को तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने थाना ग्राउंड पर आमसभा की थी। इस दौरान उन्होंने अमझेरा को टप्पा तहसील बनाने की घोषणा की थी। कुछ दिनों तक अमझेरा टप्पा तहसील के नाम से जानी गई, लेकिन नगर की नेतागिरी की उदासीनता के चलते इसका फिर से ग्राम पंचायत में विलय कर दिया गया। इससे अमझेरा का समुचित विकास नहीं हो पाया। आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए अमझेरा तरस रहा है। 

 

ये 3 उदाहरण : जो पद जाने के कारण बने दूसरे नेताओं में खौफ का कारण 

  • दिग्विजयसिंह : जो 10 फरवरी 2003 को आए थे यहां 
  • उमा भारती : जो 10 फरवरी 2004 में अमझेरा आईं 
  • बाबूलाल गौर : 17 नवंबर 2005 को अमझेरा आए 

 

मधुमक्खियों का खौफ, कलेक्टर बोले- 11 छत्ते हैं हटाओ, वन विभाग के अफसर बोले- हटा देंगे पर मक्खियां 5 दिन यहीं रहेंगी : मांगोद मनावर मार्ग पर अमका-झमका मंदिर के निकट होने वाली राहुल गांधी की सभा के लिए बनाए जा रहे पंडाल एवं हेलिपेड का आईजी संजय तिवारी ने निरीक्षण किया। सभास्थल से करीब 200 मीटर दूर स्थित मंदिर परिसर में लगे पेड़ों पर मधुमक्खियों के करीब 11 बड़े-बड़े छत्ते लगे हैं। इस संबंध में कलेक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को मधुमक्खियों के छत्ते हटाने के लिए निर्देश दिए थे। 

 

वन विभाग का कहना है कि हम छत्ते तो हटा देंगे, लेकिन मधुमक्खियां उस स्थान से पांच दिन तक नहीं हटेंगी, ऐसे में यदि कुछ हो गया तो बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। अब चिंता का विषय है कि हेलीकॉप्टर के लिए हेलिपेड पर धुंआ किया जाता है, साथ ही हेलीकॉप्टर के आने पर चलने वाली तेज हवा से भी मधुमक्खियों के उड़ने की आशंका है। 

 

लोकसभा प्रभारी ने मांगे सुझाव- क्या और कैसे करें : 11 मई को हेलिपेड पर राहुल गांधी की अगवानी मंत्री उमंग सिंघार, मंत्री सुरेंद्र हनी बघेल, जिलाध्यक्ष बालमुकुंदसिंह गौतम और विधायक प्रताप ग्रेवाल करेंगे। इधर मंच पर उपस्थित रहने वाले नेताओं की सूची गुरुवार की शाम तक फाइनल नहीं हुई थी। करीब 25 लोगों को अनुमति मिलने की संभावना है। 

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