अपराध / श्रमिक का शव लेकर झारखंड पहुंचे एम्बुलेंस के ड्राइवर और सहायक को बंधक बना लिया, वसूले साढ़े तीन लाख रुपए



मृतक के परिजन जिन्हें सहायता राशि दी गई। मृतक के परिजन जिन्हें सहायता राशि दी गई।
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मृतक के परिजन जिन्हें सहायता राशि दी गई।मृतक के परिजन जिन्हें सहायता राशि दी गई।

  • हादसा सैलाना के पास बोदीना गांव में बिजली के पोल से पैर फिसलने पर श्रमिक की मौत का मामला

Dainik Bhaskar

Feb 11, 2019, 10:31 AM IST

रतलाम. सैलाना में बिजली ग्रिड का काम करने वाली ठेकेदार कंपनी के श्रमिक की मौत के बाद शव लेकर शुक्रवार को गिरिडीह (झारखंड) पहुंचे एम्बुलेंस ड्राइवर, सहायक और कंपनी के कर्मचारी को गांव के लोगों ने बंधक बना लिया। एसपी गौरव तिवारी ने गिरिडीह एसपी सुरेंद्र झा से बात की। ठेकेदार कंपनी ने साढ़े तीन लाख रुपए दिए तब गांववालों ने रविवार शाम 6 बजे तब एम्बुलेंस के ड्राइवर, सहायक और कंपनी के कर्मचारी को छोड़ा, इसके बाद वे रतलाम के लिए वहां से रवाना हुए।
 

जानकारी के अनुसार सैलाना में ग्रिड का काम एलएनटी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। गुरुवार सुबह 11 बजे बोदीना और भैंसाडाबर के बीच हाईटेंशन लाइन का अर्थिंग वायर डाल रहे रामेश्वर पिता भागीरथ महतो निवासी तिदना जिला गिरिडीह (झारखंड) का पैर फिसल गया। डॉक्टर ने श्रमिक को मृत घोषित कर दिया। सैलाना पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर लाश सौंप दी। कंपनी ने शव एम्बुलेंस से गिरिडीह (झारखंड) भिजवाने की व्यवस्था की। आने-जाने तथा अंतिम संस्कार के खर्च के लिए एक लाख रुपए देकर मुकेश को साथ भेजा। मृतक रामेश्वर का शव लेकर एम्बुलेंस ड्राइवर शिव गोस्वामी, सहायक लखन तथा श्रमिक मुकेश गुरुवार रात सैलाना से तिदना (झारखंड) रवाना हुए। शनिवार सुबह तिदना (गिरिडीह) में गांववालों ने एम्बुलेंस ड्राइवर व सहायक ड्राइवर को बंधक बना लिया।


कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर डीपीएस चौहान ने बताया शनिवार दोपहर को मुकेश ने अकाउंटेंट देवराज को कॉल कर घटना की जानकारी दी और एम्बुलेंस ड्राइवर तथा सहायक को छुड़वाने के लिए मुआवजे के पांच लाख रुपए मांगे। स्थानीय प्रबंधन ने जवाब दिया एक लाख रुपए अंतिम क्रिया तथा आने-जाने में होने वाले खर्च के लिए दिए हैं। बीमा क्लेम पर मृतक के परिजन को पांच लाख रुपए से अधिक राशि मिल जाएगी। शनिवार को कंपनी के प्रबंधन और मुकेश के बीच बातचीत चलती रही। शाम को चेन्नई हेड ऑफिस को बताया। वहां से दो कर्मचारी गिरिडीह पहुंचे और रविवार शाम 6 बजे परिजन को साढ़े तीन लाख रुपए दिए। प्रोजेक्ट मैनेजर चौहान ने बताया परिजन को दी राशि बीमे से नहीं काटी जाएगी।


पूर्व विधायक विनोदसिंह ने झारखंड में पुलिस की मौजूदगी में करवाया समझौता
थाना प्रभारी पृथ्वीदास सेन ने बताया मृतक के परिजन को कंपनी ने एक लाख रुपए सहायता राशि भेजी जिससे नाराज ग्रामीणों ने एम्बुलेंस के ड्राइवर व खलासी को बंधक बना लिया। बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कंपनी के अधिकारियों से चर्चा की। कंपनी के प्रतिनिधि ने रमेश महतो की पत्नी और तीनों बच्चो की परवरिश के लिए 5 लाख रुपए मुआवजा राशि देने का लिखित समझौता किया है। सहायता राशि में से 3 लाख 50 हजार रुपए मृतक की पत्नी घमिया देवी को दिया गया। शेष 1 लाख 50 हजार रुपए कंपनी तीन किस्तों में अप्रैल माह तक भुगतान करेगी। भाकपा (माले) के पदाधिकारी भी मौजूद थे। थाना प्रभारी सेन ने 3 हजार रुपए दिए।



एसपी तिवारी ने गिरिडीह एसपी से की बात : एम्बुलेंस ड्राइवर शिवगिरी गोस्वामी घर नहीं पहुंचे तो परिजन ने रविवार सुबह जिला अस्पताल चौकी प्रभारी प्रधान आरक्षक अशोक शर्मा से पूछताछ की। चौकी प्रभारी ने सैलाना थाना प्रभारी को बताया। एसपी गौरव तिवारी ने गिरिडीह एसपी सुरेंद्र झा से बात की। उन्होंने बगोदर थाना प्रभारी को घटनास्थल भेजा। उधर, ठेकेदार कंपनी के कर्मचारी भी गिरिडीह पहुंच गए और मृतक के परिजन को रुपए दिए। उन्होंने एम्बुलेंस को रतलाम के लिए रवाना करवाया।
 

नक्सली प्रभावित क्षेत्र है गिरिडीह :  प्रोजेक्ट मैनेजर चौहान ने बताया गिरिडीह जिला नक्सली प्रभावित है। सैलाना थाने से गिरिडीह के बगोदर थाना प्रभारी के नाम पत्र लिखकर स्थानीय पुलिस ने एम्बुलेंस ड्राइवर को हिदायत दी थी कि शव थाने ले जाने के लिए परिजन को वहां बुलवाकर शव सौंपना। साथ गया श्रमिक मुकेश फुसलाकर एम्बुलेंस को अपने गांव ले गया और गांववालों की मदद से ड्राइवर तथा सहायक ड्राइवर को बंधक बना लिया। रुपए मिलने के बाद मुकेश अपने गांव में रुक गया। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया झारखंड से आए 35 श्रमिक सैलाना में काम कर रहे थे। मुकेश इनका लीडर है। घटना के बाद सभी श्रमिक काम छोड़कर चले गए।
 

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