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रतलाम : फर्जी नक्शा बनाकर सरकारी जमीन को किराए पर दिया, ईओडब्ल्यू में केस दर्ज

मामला महलवाड़ा के पास 4 हजार वर्गफीट जमीन एसबीआई को देने का

Dainik Bhaskar

Aug 13, 2018, 11:52 AM IST
Ratlam: Hired government land by creating fake map, registering case in EOW

- जीडी अंकलेसरिया रोटरी हाल ट्रस्ट के सभी ट्रस्टियों सहित पूर्व सिटी इंजीनियर सलीम, इंजीनियर अरविंद व जैन को बनाया आरोपी


रतलाम. मालिकाना हक नहीं होने पर भी जीडी अंकलेसरिया रोटरी हाल ट्रस्ट ने लगभग 4000 वर्गफीट सरकारी जमीन का फर्जी नक्शा बनाकर पास करवाने और उसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 29 रुपए वर्गफीट के दर से किराए पर देने को लेकर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने ट्रस्ट के टीएस अंकलेसरिया, रंगलाल चौरड़िया सहित अन्य ट्रस्ट, नगर निगम पूर्व सिटी इंजीनियर सलीम खान, इंजीनियर अरविंद दशोत्तर, एमके जैन विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया है।


शिकायत सूरजपौर निवासी गोविंद सिंह सिसौदिया ने की थी। इसमें सभी आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा 420, 467, 468, 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1) डी व सहपठित धारा 13 (2) लगाकर प्रकरण जांच में लिया है। वहीं गोविंद सिंह के 28 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से दिए गए किराए के प्रस्ताव की बजाए मिलीभगत कर ट्रस्ट को 29 रुपए वर्गफीट में किराए से देने को लेकर एसबीआई के तात्कालिक रीजनल मैनेजर संजय कुमार, अली मोहम्मद खान, गोविंद अग्रवाल के विरुद्ध भी इन्हीं सभी धाराओं में बाद में प्रकरण दर्ज किया जाएगा क्योंकि बैंक अधिकारियों के खिलाफ वर्तमान में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी में प्रकरण चल रहा है।

ट्रस्ट ने कैसे की गड़बड़ी
बता दें लगभग 56 साल पहले तत्कालीन नगर सुधार न्यास ने मनोरंजक कार्यक्रम के लिए अजंता टॉकीज रोड स्थित सर्वे नंबर 117 की 15000 वर्गफीट भूमि एके अब्बासी को आवंटित की थी, जिसे में जीडी अंकलेसरिया ने खरीदना बताकर मार्च 2015 में रोटरी हाॅल ट्रस्ट ने निर्माण की अनुमति ली। इसमें भी मालिकाना हक के दस्तावेज तो 15 हजार वर्गफीट के प्रस्तुत किए लेकिन मानचित्र में क्षेत्रफल 19 हजार 860 वर्गफीट दर्शाया। बावजूद निगम के तत्कालीन अधिकारियों ने अनुमति जारी कर दी। शिकायत पर हुई जांच में खुलासा होने पर 2016 में ननि ने निर्माण कार्य रोककर तीन दिन में अवैध कब्जा कर किए जा रहे निर्माण को तोड़ने के आदेश दिए थे। वहीं तहसीलदार न्यायालय ने ट्रस्ट पर 61.72 लाख का अर्थदंड भी लगाया था। ट्रस्ट ने अब तक लीज राशि भी नहीं भरी है।


ट्रस्ट के पास नहीं था मालिकाना हक
सूरजपौर निवासी गोविंदसिंह सिसोदिया ने एसबीआई कलेक्टोरेट शाखा को महलवाड़ा के पास 4000 वर्गफीट जमीन बैंक के लिए 28 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से किराए पर देने का प्रस्ताव दिया था। इसके लिए बैंक ने जमीन व मकान मालिक से प्रस्ताव मांगे थे। जीडी अंकलेसरिया रोटरी हाॅल ट्रस्ट ने सरकारी जमीन का फर्जी नक्शा पास करवा लिया, जिसे बैंक अधिकारियों ने मिलीभगत कर 29 रुपए वर्गफीट पर किराए पर ले लिया, जबकि ट्रस्ट के पास उस जमीन का मालिकाना हक नहीं था। इस पर गोविंद सिंह ने 22 जुलाई 2015 को ईओडब्ल्यू को शिकायत की थी, जिसमें बताया था कि बैंक अधिकारियों ने मेरे प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए दो लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी, नहीं देने पर जीडी अंकलेसरिया रोटरी हाॅल ट्रस्ट का प्रस्ताव स्वीकार कर ट्रस्ट को लोन भी दे दिया।


गड़बड़ी तो एसबीआई के अधिकारियों ने की थी। उन पर प्रकरण दर्ज नहीं किया। अंकलेसरिया ट्रस्ट को बैंक अधिकारियों ने गलत तरीके से टेंडर दिया, जिसे बैंक कुछ माह पहले निरस्त भी कर चुका है। तत्कालीन ननि आयुक्त ने तीन दिन में निर्माण तोड़ने के आदेश दिए थे, उस पर भी अमल नहीं हुआ। - गोविंद सिंह सिसौदिया, शिकायतकर्ता


शिकायत के आधार पर प्रकोष्ठ ने विस्तृत जांच की थी। उसमें सामने आए तथ्यों के आधार ट्रस्ट पदाधिकारियों व निगम अधिकारियों पर प्रकरण दर्ज किया है। हाईकोर्ट के मामले में क्या विषय है, उसकी मुझे जानकारी नहीं है। - राजेश रघुवंशी, एसपी-ईओडब्ल्यू


ईओडब्ल्यू ने गलतफहमी में प्रकरण किया है। हाईकोर्ट ने 15 दिन पहले ही गोविंद सिसौदिया का प्रकरण खारिज कर दिया है। तीन साल पहले हाईकोर्ट ने ईओडब्ल्यू को जांच करने के लिए कहा था। सारे पक्षों के बयान भी हुए थे। इस कार्रवाई में कुछ राजनीतिक हस्तक्षेप भी है। - गुस्ताद अंकलेसरिया, जीडी अंकलेसरिया रोटरी हाल ट्रस्ट

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