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आपबीती / मेरे पास एके-47 देख बोले-बंदूक ले लो, एएसआई साहब के जैकेट में पिस्टल थी जो उन्हें नहीं दिखी



ratlam policemen looted of ak47 by goons told about the incident
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ratlam policemen looted of ak47 by goons told about the incident

चोर गिरोह के हमलेे में घायल हुए एएसआई और कांस्टेबल बोले- संभल ही नहीं पाए...

Dainik Bhaskar

Dec 07, 2018, 10:08 AM IST

रतलाम.  ट्रैक के सहारे पगड्‌डी पर पेट्रोलिंग करते चल रहे थे। आगे एएसआई साहब टाॅर्च लेकर और पीछे मैं चल रहा था। 12.30 बजे ट्रैक किनारे तीन लोग दिखाई दिए। टाॅर्च की रोशनी पड़ते ही आगे वाले दो भाग निकले जबकि पीछे वाले को दौड़कर पकड़ लिया। वह जिंस की पैंट, लाइनिंग वाला सफेद शर्ट और ऊपर से शाॅल व मफलर ओढ़े था, प्लास्टिक के जूते पहन रखे थे।

 

उसके मफलर से बांधकर टाॅर्च की रोशनी में पूछने पर नाम भगवान बताते हुए बोला चाचा के खेत पर पानी देने आया हूं। उसने की-पैड वाले मोबाइल से किसी को फोन लगाया, लेकिन सामने वाले ने रिसीव नहीं किया। उससे बात करते हुए हमने दो फोन लगाकर कंट्रोल व साथियों को जानकारी दे दी थी। कुछ देर बाद 19-20 साल का एक लड़का आया और पूछने लगा क्यों पकड़ा है। बात करते करते उसने बीड़ी जलाने के लिए जैसे ही माॅचिस जलाई, हमला हो गया। सबसे पहले मुझे लट्‌ठ मारने शुरू किए, एएसआई को गड्‌ढे में गिरा दिया। फिर पत्थरों से मारने लगे।

 

एएसआई को हिस्ट्रीशीटर की फोटो दिखाते एसपी।

मेरे पास एके-47 (एआरएम) था, जिसे देख वे लोग मालवी भाषा में बोले बंदूक ले लो, फिर हथियार छिनकर भाग गए। एएसआई साहब के जैकेट में भी पिस्टल थी, जो उन्हें दिखाई नहीं दी। सभी 25 से 30 साल के थे। वाहन नहीं था, पैदल भागे। ट्रैक के आसपास झाड़ियां थी और अंधेरा था किसी को देख नहीं पाए।

 

पूछताछ करने वाले को जरूर पहचान सकते हैं। थोड़ी ही देर में आगे-पीछे चल रही पेट्रोलिंग पार्टियां पहुंच गई। हम दोनों के मोबाइल फोन भी गायब है, वे ले गए या गिर यह पता नहीं। ये बात घायल राकेश और कमलेश ने एसपी गौरव तिवारी को बताया।


पारदी गैंग और तार, पंप सेट चुराने वाले चोरों पर भी शंका : रात को रतलाम एसपी गौरव तिवारी ने रेलवे अस्पताल पहुंचकर घायल एएसआई और हेंड कांस्टेबल से घटना की जानकारी ली। घटना स्थल से लगी जिले की सीमा बिलपांक क्षेत्र में सक्रिय कुछ हिस्ट्रीशीटरों की फोटो दिखाए लेकिन पहचान नहीं हो पाई। एसपी तिवारी ने बताया पारदी गैंग व खेतों से तार व पंप चुराने वाले चोरों पर शंका है। हाट की चौकी के सब इंस्पेक्टर दिनेश राठौड़ को आरपीएफ व जीआरपी के साथ सर्चिंग में लगा दिया है।
 

इसलिए चुराते हैं तार : इंजिन को करंट देने के लिए ओवर हेड इलेक्ट्रिक में लगा तार कॉपर और केडमियम को मिलाकर बनाया जाता है। दोनों धातु कीमती है। एक मीटर तार का वजन लगभग एक किलो होता है। लचीला होने से तार आसानी से लपेटा जा सकता है। इसे सीधे रेलवे विद्युतीकरण मुख्यालय इलाहबाद उपलब्ध कराता है।

189 किलो तार हो चुका चोरी : एएसआई कमलेश शर्मा के अनुसार पिछले दिनों ही दो घटनाओं में 189 किलो तार चोरी हो चुका है। चोर एक बार 66 किलो और दूसरी बार करीब 123 किलो तार चोरी कर ले गए थे। चोरी की इन घटनाओं को रोकने के लिए ही आरपीए ने टीम बनाकर सुंदराबाद- बड़नगर के बीच जहां ठेकेदार द्व‌ारा इलेक्ट्रिफिकेशन किया जा रहा था, वहां पेट्रोलिंग कर रहे थे।

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