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कोरोना इफेक्ट / रतलाम के एक युवक समेत 200 भारतीय कजाकिस्तान में फंसे, मां बोली- बेटे को भारत बुलवा लो मोदीजी, फिर चाहे आप 14 दिन या उससे ज्यादा रख लेना

शेख जरीउद्दीन कुरैशी ने भारत बुलाने की गुहार लगाई है। शेख जरीउद्दीन कुरैशी ने भारत बुलाने की गुहार लगाई है।
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शेख जरीउद्दीन कुरैशी ने भारत बुलाने की गुहार लगाई है।शेख जरीउद्दीन कुरैशी ने भारत बुलाने की गुहार लगाई है।

  • कजाकिस्तान में फंसा युवक मेडिकल का स्टूडेंट है, रतलाम के आनंद कॉलोनी का रहने वाला है
  • युवक बोला- एयरपोर्ट पर आखिरी फ्लाइट में 50 हजार रुपए से 1.5 लाख रुपए तक के टिकट बेचे गए

दैनिक भास्कर

Mar 25, 2020, 01:36 PM IST

रतलाम. कोरोना के खतरे के बीच कजाकिस्तान में देश के करीब 200 युवक फंसे हैं। इनमें रतलाम का युवक भी शामिल है। भास्कर से बातचीत में युवक ने बताया कि अब यहां हालत बिगड़ने लगे हैं, जो सामान 5 दिन पहले 100 रुपए में मिल रहा था, अब वह 500 रुपए में मिल रहा है। 5 दिन से एयरपोर्ट पर फंसा हूं... अब घर की याद आने लगी है। युवक ने एयरलिफ्ट की गुहार लगाई है।

ये युवा मेडिकल के स्टूडेंट हैं। इनमें रतलाम के आनंद कॉलोनी निवासी शेख जरीउद्दीन कुरैशी (24), भोपाल के 21 वर्षीय अमान खान और अरहम खान भी शामिल हैं। जरीउद्दीन कुरैशी ने बताया कि वे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फंसे हैं। देश में आने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। 20 मार्च को फ्लाइट से अल्माटी आए थे। इसके बाद से ही इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट बंद हो गया, ऐसे में हम भी फंस गए। अभी ज्यादातर वक्त मोबाइल पर ही गुजार रहे हैं। आसपास दुकानों से ब्रेड लेकर आते हैं। अब हालत खराब होते जा रहे हैं।

हॉस्टल 1200 किमी दूर... प्लेन खाली होने के बावजूद 1.5 लाख के टिकट
कुरैशी बताते हैं कि यहां कालाबाजारी होना भी शुरू हो गई है। हमारी मजबूरी है यहां रहना, क्योंकि हमारा हॉस्टल यहां से 1200 किमी दूर है। एयरपोर्ट पर आखिरी फ्लाइट में तो 50 हजार रुपए से 1.5 लाख रुपए तक के टिकट बेचे गए। इंडिया में तो बताया जा रहा है कि 31 मार्च से फ्लाइट शुरू हो जाएंगी, लेकिन यहां 15 अप्रैल तक ट्रांसपोर्ट बंद है। इससे चिंता हो रही है।

मास्क, ग्लव्ज और सैनिटाइजर का यूज
अभी हमारे पास मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजर हैं। इससे ही हम कोरोना को मात दे रहे हैं। चूंकि, हम मेडिकल स्टूडेंट हैं इसलिए हमें सावधानियों के बारे में पता है। सावधानी में कोई भी चूक नहीं होने दे रहे। अब तक 10 दिन में ही 40 हजार रुपए खर्च हो चुके हैं, अब रुपए की भी कमी होने लगी है। सरकार संपर्क में बनी हुई है, उम्मीद है जल्द रास्ता निकलेगा।

मां बोली - फोन पर बात होती है पर तसल्ली नहीं होती
जरीउद्दीन की मां रेशमा कुरैशी (49) बेटे को याद कर भावुक हो गईं। मां ने बताया कि पल-पल बेटे की चिंता सता रही है। पहले तो उसकाे जून में रतलाम आना था, अचानक कॉलेज से एक महीने की छुट्‌टी दे दी गई। फिर 31 जुलाई तक के लिए सब बंद कर दिया गया। अब मेरा बेटा फंस गया है। फोन पर बात तो हो जाती है लेकिन तसल्ली नहीं है। मोदीजी से मैं यही अपील करती हूं कि आप कुछ भी करके देश में बुलवा लें। फिर चाहे 14 दिन या उससे ज्यादा आइसोलेशन में रखना हो, रखें। उन्हें खाने-पीने तक की परेशानी हो रही है।

पिता बोले- बेटा 27 मार्च को आने वाला था
पिता जकीउद्दीन कुरैशी इप्का लेबोरेटरी में अकाउंट एग्जीक्यूटिव हैं। उन्होंने बताया कि बेटा 27 मार्च को आने वाला था, हमारी फोन पर लगातार बात हो रही थी। अचानक न्यूज पर देखा कि फ्लाइट कैंसिल हो गई। हम घबरा गए, फिर हमने डिसाइड किया कि सरकार के प्लेन से ही भारत आना है, क्योंकि वहां कई एजेंट ने चार्टर्ड प्लेन से भारत छोड़ने की बात कही थी, मैंने बेटे को मना कर दिया। उम्मीद है कि भारत सरकार की फ्लाइट जल्द लेने जाएगी।

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