पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

परीक्षा कक्ष में शिक्षक चला रहे थे माेबाइल, शिकायत के बाद सख्ती से रोक लगाने के निर्देश

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
परीक्षा कक्ष में कई शिक्षकों द्वारा विभाग के वाट्सएप ग्रुप पर कर रहे थे मैसेज। - Dainik Bhaskar
परीक्षा कक्ष में कई शिक्षकों द्वारा विभाग के वाट्सएप ग्रुप पर कर रहे थे मैसेज।
  • 10वीं की परीक्षा में 5 केंद्रों पर निरीक्षण कर शिक्षकों के मोबाइल पेटी में रखवाए
  • डीईओ ने ताबड़तोड़ जारी किए आदेश,मंडल को पेपर आउट होने की आशंका, इसलिए सख्ती

नीमच. माध्यमिक शिक्षा मंडल भाेपाल ने 10वीं-12वीं परीक्षा में केंद्रों पर माेबाइल के उपयाेग पर राेक लगाई थी। इसके बावजूद परीक्षा ड्यूटी के दौरान शिक्षक कक्ष में मोबाइल चलाने के साथ विभाग द्वारा बनाए एप का उपयोग कर रहे थे। इसकी शिकायत भोपाल बोर्ड को पहुंची तो अधिकारियों ने डीईओ पर नाराजगी जताते हुए इस पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद बुधवार को डीईओ ने सभी केंद्राध्यक्ष व सहायक केंद्राध्यक्ष को परीक्षा के दौरान मोबाइल उपयोग नहीं करने का फरमान जारी किया।

मंडल ने बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी देने वाले शिक्षकों को केंद्रों पर मोबाइल बंद कर अलमारी में रखने निर्देश दिए थे। लेकिन जिलास्तर पर शिक्षा विभाग द्वारा वाट्स पर बोर्ड एग्जाम 2020 ग्रुप बनाया और सभी केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष व विभाग के कर्मचारियों को जोड़ने के साथ ही परीक्षा के दौरान उपस्थिति, अनुपस्थित या अन्य सूचनाओं व जानकारी ली जा रही थी। इसकी शिकायत मंडल के अफसरों तक पहुंची। डीईओ केएल बामनिया ने गुरुवार को कक्षा 10वीं के गणित के पेपर में केंद्रों का निरीक्षण किया। रेवली-देवली, उत्कृष्ट मनासा, मॉडल मनासा, कुकड़ेश्वर बालक व कन्या स्कूल स्थित केंद्र पर परीक्षा कक्ष में ड्यूटी दे रहे शिक्षकों द्वारा मोबाइल का उपयोग तो नहीं किया जा रहा इसकी जानकारी ली।



बोर्ड परीक्षा के पेपर वाट्स पर लीक होने के मामले सामने आने के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल परीक्षा केंद्रों पर कार्यरत कर्मचारी द्वारा मोबाइल का उपयोग नहीं हो इसको लेकर सख्त है। हालांकि कई बार जरूरी सूचनाएं व विशेष परिस्थिति में जिन केंद्रों पर लैंडलाइन फोन की सुविधा नहीं है वहां शिक्षकों के लिए परेशानी हो जाती है। मजबूरी में उन्हें मोबाइल का उपयोग करना पड़ता है। दूसरी तरफ ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों पर अविश्वास की यह भावना उनमें आक्रोश का कारण भी बन रही है।

खबरें और भी हैं...