भारत भ्रमण / नीदरलैंड की थिया ने खाना बनाया, शिला पर धोए कपड़े



स्थानीय महिला के साथ कपड़े धोती नीदरलैंड की थिया। स्थानीय महिला के साथ कपड़े धोती नीदरलैंड की थिया।
The Netherlands woman made a meal, washed clothes too
The Netherlands woman made a meal, washed clothes too
The Netherlands woman made a meal, washed clothes too
The Netherlands woman made a meal, washed clothes too
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स्थानीय महिला के साथ कपड़े धोती नीदरलैंड की थिया।स्थानीय महिला के साथ कपड़े धोती नीदरलैंड की थिया।
The Netherlands woman made a meal, washed clothes too
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  • भ्रमण 2 दिन के मांडू प्रवास पर आए 19 विदेशी पर्यटक आदिवासी संस्कृति जान रहे हैं

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 02:48 PM IST

मांडू. मांडू में बुधवार को नीदरलैंड के 19 महिला-पुरुषों सदस्यों का दल मांडू भ्रमण करने पहुंचा, जो 35 दिन के भारत भ्रमण पर आए हैं और 2 दिन मांडू भ्रमण करेंगे। यहां आने के बाद पर्यटकों ने वार्ड क्र. सात में एक महिला अपने घर के सामने पत्थर (शिला) पर कपड़े धो रही थी। यह देख विदेशी पर्यटक थिया कपड़े धोने पहुंच गई। उनके पति अल्बर्ट भी थे। उन्होंने उसकी वीडियो बनाई।

 

थिया ने महिला संगीता पति दिलीप से कहा मैं आपके साथ कपड़े धोऊंगी फिर विदेशी महिला कपड़े धोने बैठ गई। वहीं मांडू के राम मंदिर परिसर के बाहर इसी ग्रुप के दूसरे कपल ने 7 वर्षीय पायल के साथ उसकी मां का फोटो लिया। महिला पर्यटक डोरी ने चर्चा कर अपना नाम लिखकर बताया। पायल को गिफ्ट भी दिया। विदेशी महिला पर्यटक यहां की आदिवासी संस्कृति में इतनी रम गई कि उन्होंने आदिवासी घरों की महिलाओं के साथ खाना बनाकर खाया। 67 वर्षीय थिया रिटायर्ड सॉफ्टवेयर इंजीनियर है।

 

मांडू के सर्किट हाउस के पास रहने वाली आदिवासी परिवार की संगीता पति दिलीप के घर लगभग 2 घंटे बिताकर आदिवासी वेशभूषा, रहन-सहन, दिनचर्या, आदिवासी त्यौहार के बारे में संगीता से जानकारी ली। थिया ने संगीता के साथ कपड़े धोकर बर्तन भी साफ किए। पति अल्बर्ट ने 1 घंटे का वीडियो भी बनाया। पर्यटक डोरी और जॉन्स ने भी स्कूली बच्चों को कॉपी और पेन बांटे।


आदिवासी समाज के इतिहास का अध्ययन किया है : हालैंड के डॉक्टर एनिल्स ने बताया हमने आदिवासी समाज के इतिहास का अध्ययन किया हैं। आदिवासियों की जीवनचर्या और लोक संस्कृति में आधुनिकता हैं। समाज में पहले से बदलाव आया हैं। यहां की सरकार आदिवासियों के उत्थान के लिए अच्छा काम कर रही है। यहां के लोग चूल्हे पर रोटी बनाते हैं, पत्थर पर कपड़े धोते है, बागरे से झाड़ू लगाते हैं। इनका पहनावा भी अद्भुत है।
 

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