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नीमच / इस साल 55 लाेगाें से ऑनलाइन ठगी हुई, पुलिस एक भी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी

ठगी से बचने के लिए बैंक से लिंक आधार कार्ड की जानकारी किसी भी व्यक्ति से शेयर ना करें। ठगी से बचने के लिए बैंक से लिंक आधार कार्ड की जानकारी किसी भी व्यक्ति से शेयर ना करें।
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ठगी से बचने के लिए बैंक से लिंक आधार कार्ड की जानकारी किसी भी व्यक्ति से शेयर ना करें।ठगी से बचने के लिए बैंक से लिंक आधार कार्ड की जानकारी किसी भी व्यक्ति से शेयर ना करें।

  • फोन पर ओटीपी व लिंक भेजकर करते हैं वारदात
  • आमजन में जागरूकता की कमी से हो रहे शिकार

Dainik Bhaskar

Dec 19, 2019, 11:19 AM IST

नीमच. आमजन में जागरूकता की कमी से जिले में साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। तीन साल में इनकी संख्या 5 से बढ़कर 55 तक पहुंच गई है। आरोपियों तक पुलिस नहीं पहुंच पाती है। कोई भी अनजान व्यक्ति की बातों में आकर लोग इस तरह की ठगी का शिकार हो रहे है। बाद में फिर पुलिस थानों के चक्कर काटते रहते है।


वर्तमान में कुछ लोग तकनीकी का गलत प्रयोग कर जनता को ठग रहे हैं। कभी कॉल करके तो कोई विभिन्न तरह के ऑफर व लालच देकर वारदात को अंजाम दे जाता है। जिसका पता उपभोक्ता तो बाद में चलता है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, ऑनलाइन खरीदी बिक्री के दौरान जागरूक नहीं होने से ऑनलाइन ठगी के आरोपी आसानी से लोगों को शिकार बना लेते हैं।


कुछ लोगों के खाते में डेढ़ से 2 हजार जमा कर उन्हें फंसाया जाता है फिर रुपए भेजने वाला फोन कर कहता है कि यह रुपए बीमार रिश्तेदार या परिवार के किसी सदस्य को भेजना थे जल्दबाजी में या गलती हमसे रुपए आपके खाते में चले गए हैं तब सामने वाले व्यक्ति द्वारा लिंक भेजी जाती है। लेख में मोबाइल नंबर एवं ओटीपी की जानकारी देने पर यूपीआई अकाउंट हैक कर पूरी राशि निकाल ली जाती है।


कैसे-कैसे हुई ठगी..इन उदाहरणों से समझे

  • 1. प्रीति पाटीदार ने अक्टूबर में शिकायत कराई कि उसके पास कॉल आया कि आपका एटीएम बंद होने वाला है। नया जारी करना पड़ेगा तो आपके मोबाइल तो जो आेटीपी आएगा वह बता दो। ओटीपी बताते ही खाते से 9999 रुपए कट गए।
  • 2. कनावटी स्थित धीरेंद्र इंटरनेशनल में काम करने वाले विभांशु सक्सेना ने शिकायत की कि एक व्यक्ति का कॉल उसने मुझे ऑफर देकर गूगल पे का क्यूआर कोड पूछा तो 35 हजार रुपए निकाल लिए।
  • 3. नीमच के मो. शाहरुख ने अगस्त में शिकायत कराई थी कि बजाज फाइनेंस के नाम से कॉल आया। कहा एनीडेस्क डाउन लोड करो और उसने फिर मुझे लिंक भेज और उसके एक्ससेप्ट करते ही मेरे खाते से 9999 रुपए कट गए।
  • 4. मई में आंकली के हरिनारायण जाटव ने शिकायत कराई कि ओलएलएक्स पर बोलेरो बेचने के लिए किसी ने फोटो डाला था। जिसे खरीदने के लिए उससे संपर्क किया तो उसने बोला मुझे 2 लाख रुपए जमा करो हम गाड़ी भेज देंगे और बोलेरो नहीं भेजी।

इसलिए ठगों तक नहीं पहुंच पा रही पुलिस
कॉल करने वाला फर्जी सिम से किसी दूसरे राज्य से कॉल करता है। पे-वॉलेट किसी दूसरे राज्य का होता है अौर बैंक, खाता किसी ऐसे ग्रामीण का जिसे इस बारे में कुछ पता नहीं है। पड़ताल में कॉल करने वाले का पता गलत निकलता है। ऐसे आरोपी झारखंड, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल से होते है जिनका पता नही चल पाता है।


पुलिस की अपील...सावधान व सजग रहें

  • बैंक एवं एटीएम व ओटीपी नंबर की जानकारी किसी से शेयर नहीं करें।
  • ऑनलाइन खरीदी के लिए क्यूआरकोड के माध्यम से पेमेंट की रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट ना करें।
  • ओएलएक्स एवं फेसबुक पर खरीदी एवं बिक्री एवं लेन-देन से बचें।
  • फोन पे, गूगल पे व अन्य पेमेंट गेटवे के कस्टमर केयर नंबर कंपनी की साइट से ही प्राप्त करें।
  • अनाधिकृत मोबाइल रिमोट एक्सेस एप को मोबाइल में डाउनलोड ना करें।
  • सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति से लेनदेन ना करें
  • बैंक से लिंक आधार कार्ड की जानकारी किसी भी व्यक्ति से शेयर ना करें।
  • ऑनलाइन ठगी पर संबंधित थाने या साइबर सेल में शिकायत करें।

ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए समय-समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम किए जाते हैं। सार्वजनिक रूप से भी अपील करते है। जागरूकता के अभाव के कारण लोग शिकार हो रहे हैं। कुछ मामलों में सफलता मिलती है। यह आरोपी दूर-दराज के प्रांतों से होते हैं और फर्जी सिम कार्ड का उपयोग करते हैं इसलिए उन तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
राकेश सगर, एसपी, नीमच
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