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ओलिंपिक और एशियन गेम्स के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्पोट्‌र्स इवेंट है

6 देश ही सभी 20 कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल हुए हैं

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 05:10 AM IST

ओलिंपिक और एशियन गेम्स के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्पोट्‌र्स इवेंट है
6 देश ही सभी 20 कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल हुए हैं

6 देश ही ऐसे हैं जिन्होंने अब तक हुए सभी कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया है। ये हैं इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स।

जॉर्ज-5 की ताजपोशी के उपलक्ष्य में 1911 में फेस्टिवल ऑफ एंपायर का आयोजन किया गया था। कॉमनवेल्थ गेम्स का आइडिया वहीं से आया।

1.90लाख किमी यात्रा करती है क्वींस बेटन रिले। यह दूरी धरती का 4.25 चक्कर लगाने के बराबर है।

1990 से 2002 के बीच नौरू के वेटलिफ्टर मार्कस स्टीफेन ने सात गोल्ड सहित 12 मेडल जीते। 2007 में वे नौरू के राष्ट्रपति बन गए।

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53 देशों की 71 टीमें 12 दिन खेल के मैदान में

दिन शेष

ऑस्ट्रेलिया बॉल टैम्परिंग की कड़वाहट दूर करने में कामयाब रहेगा: आयोजक

गोल्ड कोस्ट| ऑस्ट्रेलिया के शहर गोल्ड कोस्ट में 4 अप्रैल से 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज हो रहा है। इसमें भारत सहित कॉमनवेल्थ के 53 देशों की 71 टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारत से भी 218 सदस्यीय दल हिस्सा ले रहा है। दुनियाभर में जितने भी मल्टी स्पोर्ट मल्टी नेशनल इवेंट होते हैं उसमें भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन कॉमनवेल्थ गेम्स में ही रहता है। कॉमनवेल्थ गेम्स में मानव आबादी वाले सभी महाद्वीपों के देश हिस्सा लेते हैं। ये धरती के 20 प्रतिशत भूभाग और 33 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। गोल्डकोस्ट गेम्स की आयोजन समिति के चेयरमैन पीटर बिएटी ने शनिवार को कहा कि क्रिकेटरों की गलत हरकत से दुनिया भर में ऑस्ट्रेलिया को अपमानित होना पड़ा है। गेम्स यह कड़वाहट दूर करने में सफल होगा। उन्होंने कहा कि यह अब तक का सबसे क्लीन गेम्स होगा।

कॉमनवेल्थ ग्लासगो-2014

53 देशों की 71 टीमें

एथलीट 4947

खेल 18

इवेंट 261

कॉमनवेल्थ गुलामी नहीं, साथ आगे बढ़ने का माध्यम

तस्वीर 1930 की है। उस साल कनाडा के हैमिल्टन में पहले कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन हुआ था। तब 11 देशों के सिर्फ 400 खिलाड़ी इसमें शामिल हुए थे।

अमेरिका नहीं तो भारत क्यों है कॉमनवेल्थ में?

एक तबका कहता है कि अमेरिका कभी ब्रिटेन के अधीन था। पर कॉमनवेल्थ में नहीं है। भारत को भी निकलना चाहिए। पर अमेरिकी आजादी के 173 साल बाद कॉमनवेल्थ बना।

आजादी के वक्त भारत को खड़ा होने के लिए वैश्विक मदद की जरूरत थी। कॉमनवेल्थ इसमें मददगार साबित हुआ। भारत से पहले आजाद हुए देशों को एंट्री नहीं दी गई। आयरलैंड को हटना पड़ा था। पर भारत के लिए खास प्रावधान किए गए। बदले में भारत ने ब्रिटेन को हेड ऑफ कॉमनवेल्थ माना।

कॉमनवेल्थ में होने के दो बड़े फायदे

1. ब्रिटेन में 6 माह से ज्यादा रहने वाले भारतीयों को वहां वोट देने का अधिकार। ब्रिटिश नागरिक बनना जरूरी नहीं।

2. भारत का कोई नागरिक किसी ऐसे देश में है, जहां भारतीय दूतावास नहीं है, तो यूके के दूतावास से मदद ले सकता है।

एशियन गेम्स इंचियोन-2014

45 देश शामिल हुए

एथलीट 9501

खेल 36

इवेंट 439

क्या है कॉमनवेल्थ: कॉमनवेल्थ ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा रहे देशों का इंटरगवर्न्मेंट ऑर्गेनाइजेशन है। 53 देश सदस्य हैं। 28 अप्रैल 1949 को लंदन डिक्लेरेशन के जरिए कॉमनवेल्थ का गठन किया गया। इसमें शामिल सभी देश फ्री एंड इक्वल माने गए। 53 देशों में सिर्फ मोजांबिक ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा नहीं रहा है।

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