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नोबेल विजेता स्टिग्लिट्ज ने कहा-भारत में सिर्फ शहरों में ही नौकरियां पैदा हो रही हैं

नई िदल्ली|नोबेल पुरस्कार विजेता और विश्वस्तर पर ख्यात अर्थशास्त्री जोसेफ स्टिग्लिट्ज का मानना है कि रोजगार और...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 05:10 AM IST

नोबेल विजेता स्टिग्लिट्ज ने कहा-भारत में सिर्फ शहरों में ही नौकरियां पैदा हो रही हैं
नई िदल्ली|नोबेल पुरस्कार विजेता और विश्वस्तर पर ख्यात अर्थशास्त्री जोसेफ स्टिग्लिट्ज का मानना है कि रोजगार और परिस्थितियां आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए दो बड़ी चुनौतियां होंगी। उन्होंने कहा कि भारत विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा। लेकिन नौकरियों के पर्याप्त अवसर पैदा करना एक बड़ी चिंता की वजह होगी। इसकी वजह यह है कि देश सिर्फ शहरों में ही नौकरियों के अवसर पैदा कर पा रहा है। यह लेबर फोर्स में जुड़ने वाले युवाओं के एक छोटे से हिस्से की ही पूर्ति कर पा रहा है। जहां तक परिस्थितियों की बात है तो देश में खेती की पद्धतियां अच्छी नहीं हैं इसलिए यह टिकाऊ नहीं हैं। वे यहां एक कॉन्क्लेव में बोल रहे थे। स्टिग्लिट्ज ने कहा कि भारत पृथ्वी के ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहां जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक बुरा प्रभाव पड़ रहा है। यह आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक चुनौती भी होगा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा स्टील और एल्युमिनियम पर आयात शुल्क लगाए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ट्रम्प की नीतियों ने वैश्वीकरण में समस्या ही बढ़ाई है। ट्रेड टैरिफ से अमेरिकी कारों की बिक्री प्रभावित होगी। कपड़ों का सस्ता आयात भी प्रभावित होगा और वे कपड़ों की परवाह करने की बात करने वाले इनसे विमुख होंगे। स्टिग्लिट्ज का मानना है कि अमेरिकी कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को व्यापारिक मतभेदों को ट्रेड वॉर में बदलने की अनुमति नहीं देंगे। मसलन, अमेरिकी राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों में वोट कराए बगैर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) से बाहर नहीं निकल सकते हैं।

सिर्फ आयात शुल्क या एंटी-डंपिंग शुल्क ही लगा सकते हैं। नोबेल विजेता अर्थशास्त्री ने कहा कि चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में अमेरिका से काफी आगे है। जहां उसकी बड़े डेटा तक पहुंच होने से अमेरिका से ज्यादा फायदा मिल रहा है।

भारत को चीन की तरह समस्या का सामना करना पड़ सकता है: देबरॉय

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन बिबेक देबराॅय ने कहा कि आज चीन जिस समस्या का सामना कर रहा है, भारत को भी कुछ साल तक उसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ट्रम्प के फैसलों से सिर्फ आयरन और स्टील इंडस्ट्री ही प्रभावित होगी।

चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अमेरिका से काफी आगे है। बड़े डेटा तक पहुंच होने से अमेरिका से ज्यादा फायदा मिल रहा है। ट्रम्प की नीतियों से नुकसान ही हुआ है। -जोसेफ स्टिग्लिट्ज, ख्यात अर्थशास्त्री

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