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बच्चियों की पसंदीदा बार्बी अब 60वें साल में, दुनिया का चौथा सबसे बड़ा टॉय ब्रैंड

9 मार्च 1959 को पहली बार्बी डॉल बाजार में आई थी। इस वर्ष कंपनी ने 3,50,000 डॉल बेची थी। इस समय इसकी कीमत 3 डॉलर थी। कैसे बनी...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 07:10 AM IST
9 मार्च 1959 को पहली बार्बी डॉल बाजार में आई थी। इस वर्ष कंपनी ने 3,50,000 डॉल बेची थी। इस समय इसकी कीमत 3 डॉलर थी।

कैसे बनी

बार्बी
डॉल को अमेरिकी टॉय कंपनी मैटल की सहसंस्थापक रुथ हैंडलर ने बनाया था। उनकी बेटी बारबरा अक्सर कागज से बनी गुड़ियों से खेलती थी। ऐसे में उन्हें बार्बी डॉल बनाने का आइडिया आया। उन्होंने जर्मन डॉल बाइल्ड लिली से प्रेरित होकर बार्बी को बनाया।

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दुनियाभर में हर साल नौ करोड़ से ज्यादा बार्बी डॉल बिकती हंै

अच्छे बालों वाली बार्बी सबसे ज्यादा बिकी

59 साल में बार्बी के मॉड बार्बी, प्लैटिनम बार्बी, सुपरसाइज़ बार्बी जैसे कई एडिशन आए। लेकिन 1992 में आई टोटली हेयर बार्बी सबसे ज्यादा हिट रही। दुनियाभर में एक करोड़ से ज्यादा ये वाली बार्बी बिकी। इसमें बार्बी के हेयर स्टाइल के कई विकल्प दिए गए थे।

वैल्यू 2691 करोड़ रुपए

2691 करोड़ रु. है ब्रैंड वैल्यू 2018 में बार्बी की। ब्रैंड वैल्यू के हिसाब से यह दुनिया की चौथी बड़ी टॉय ब्रैंड है। 49,211 करोड़ रु. के साथ लीगो दुनिया का सबसे बड़ा टॉय ब्रैंड है।

9 करोड़ डॉल बिकती है हर साल

9 करोड़ 45 लाख बार्बी डॉल औसतन हर साल बिकती हैं दुनियाभर में। वैसे अब 59 सालों में एक अरब 52 लाख से ज्यादा बार्बी बिक चुकी हैं। इनके लिए कंपनी ने अब एक अरब से ज्यादा कपड़े भी बेचे हैं।

180 तरह का कॅरिअर रहा है

बार्बी करीब 180 तरह के कॅरिअर में आ चुकी हैं। 2016 में यह राष्ट्रपति के लुक में आई थी, तो इससे पहले 1961 में नर्स, 1965 में अंतरिक्ष यात्री, 1999 में पायलट, 2015 में वैज्ञानिक भी बन चुकी है।