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6 साल में भी नहीं बन सका 8 करोड़ का पॉलीटेक्निक कॉलेज का भवन

जतारा में टीकमगढ़ रोड पर पॉलीटेक्निक कॉलेज के भवन का काम 6 साल से चल रहा है। ठेकेदार और अफसर बेपरवाह हैं। अभी भी 10...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:40 AM IST

6 साल में भी नहीं बन सका 8 करोड़ का पॉलीटेक्निक कॉलेज का भवन
जतारा में टीकमगढ़ रोड पर पॉलीटेक्निक कॉलेज के भवन का काम 6 साल से चल रहा है। ठेकेदार और अफसर बेपरवाह हैं। अभी भी 10 फीसदी काम बाकी है। पॉलीटेक्निक छात्रों की सुविधा के लिए 2013 में भवन का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। भवन निर्माण के दौरान बताया गया था कि 2017 में भवन का निर्माण पूरा कर कॉलेज शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन नवंबर माह तक भवन का निर्माण अधूरा है। भवन न होने के कारण वर्तमान में पॉलीटेक्निक कॉलेज नर्स प्रशिक्षण केंद में संचालित है। जिससे नर्सों के प्रशिक्षण में समस्या हो रही है।

दरअसल पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रहे छात्रों की सुविधा के लिए 8 करोड़ रुपए से भवन का निर्माण शुरू कराया गया। भवन का ज्यादातर निर्माण लगभग पूरा हो गया है, लेकिन अभी कॉलेज शिफ्ट करने की स्थिति में नहीं है। ठेकेदार ने बताया कि भवन में टाइल्स, दरवाजे, खिड़कियां नहीं लगे हैं। मुख्य दरवाजे का निर्माण भी चल रहा है। नगर के बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि भवन का निर्माण 22 माह में पूरा होना था, लेकिन चार साल बाद भी ठेकेदार भवन का निर्माण पूरा नहीं का सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जहां कॉलेज चल रहा है, वहां जगह की कमी है। जिससे छात्रों काे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भवन निर्माण समय पर पूरा करने के लिए अधिकारियों ने कोई रूचि नहीं दिखाई। जिसके चलते चार साल बाद भी भवन अधूरा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बजट की कमी के कारण निर्माण में देरी हुई है। बजट मिलते ही दो माह के भीतर काम पूरा करा दिया जाएगा।

जतारा का पॉलीटेक्निक कॉलेज अधूरा पड़ा।

नर्स प्रशिक्षण केंद्र में चल रहा कॉलेज

पॉलीटेक्निक कॉलेज में वर्तमान में छात्रों की संख्या 300 से अधिक है। भवन न होने के कारण कॉलेज नर्स प्रशिक्षण केंद्र में संचालित है। जिसमें क्लासरूम का अभाव है। प्रयोगशाला, लाइब्रेरी के अलावा खेल मैदान भी नहीं है। एक कमरे में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। ठेकेदार नूरीउद्दीन ने बताया कि बीच में निर्माण के लिए राशि जारी नहीं की गई। जिसके चलते काम बंद करना पड़ा। बजट के कारण भवन के निर्माण में देरी हो गई।

अफसर भी बेपरवाह

शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि भवन के निर्माण में लेटलतीफी की जा रही है। 2017 तक नए भवन में कॉलेज शिफ्ट किया जाना था, लेकिन अभी भी कुछ काम शेष रह गया है। भवन का निर्माण जल्दी पूरा कराने के लिए संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पांच बार पत्र लिखा गया है। अभी जहां कॉलेज संचालित है, वहां जगह की कमी है। जैसे-तैसे काम चला रहे हैं।

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