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चित्रकारों की चित्रकला ने दर्शकाें के दिलों में छोड़ी अमिट छाप

पर्यटन नगरी में आयोजित हुए नृत्य समारोह के अवसर पर दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर, संस्कृति...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 02:05 AM IST

चित्रकारों की चित्रकला ने दर्शकाें के दिलों में छोड़ी अमिट छाप
पर्यटन नगरी में आयोजित हुए नृत्य समारोह के अवसर पर दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जूनियर एवं सीनियर चित्रकारों की कार्यशाला आयोजित की गई। जूनियर कलाकारों की कार्यशाला 20 से 22 तक एवं सीनियर कलाकारों की कार्यशाला 24 से 26 तक आयोजित हुई।

देश के अलग अलग भागों से अलग अलग शैली के चित्रकारों ने नृत्य समारोह के दौरान प्रत्यक्ष रूप से अपनी चित्र कला को दर्शकों के सम्मुख प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान देशी एवं विदेशी पर्यटकों की जिज्ञासु भीड़ प्रतिदिन इन कलाकारों की सिद्ध कूचियों को अप्रतिम चित्र रचते देख रोमांचित होती रही। समकालीन चित्रकारों में नई दिल्ली से रामचंद्र पोकले, डॉ.अंजनी प्रसाद, जेपी सिंह, वड़ोदरा से जितेंद्र बावनी, कृष्णा पंड्या, नागपुर से सुभाष बाभुलकर, रघु नेवरे, विकास जोशी, मुंबई से ज्योत्सना कदम, भोपाल से अनिल गायकवाड़ ने सहभागिता की। मालवा की लोक शैली का चित्रांकन उज्जैन से कृष्णा वर्मा, उषा बागोदिया व इंदौर की आशा गुप्ता ने, राजस्थान की चित्र शैली का अंकन जयपुर के खुश नारायण जांगिड़ एवं आशाराम मेघवाल ने, हिमाचल की कांगड़ा शैली के प्रसिद्ध चित्रकार पद्मश्री विजय शर्मा एवं लाल सिंह तथा धनीराम खुशदिल ने, महाराष्ट्र की वारली जनजातीय चित्र शैली का प्रदर्शन श्रीमती मानकी वायडा ने, तथा दक्षिण की तिरुपति चित्र शैली का अंकन डॉ. वेंकटेश्वरलू सागर ने किया।

कार्यक्रम

पर्यटन नगरी खजुराहो में आयोजित हुए नृत्य समारोह के अवसर पर भारत सरकार द्वारा जूनियर एवं सीनियर चित्रकारों की कार्यशाला आयोजित हुई

अपनी बनाई चित्रकला पेंटिंग के साथ कलाकार।

खजुराहो के शिल्पों

को देश की कला का

अतुलनात्मक है

हिमाचल के पद्मश्री कलाकार विजय शर्मा ने खजुराहो के शिल्पों को देश की कला का अतुलनात्मक प्रमाण बताया। शिल्प ग्राम प्राभारी गणपति लाल प्रजापति ने बताया कि नृत्य समारोह देखने आए पर्यटकों ने अभिनव चित्रकारी के इस अभिनय आयोजन की सराहना की। एक ही स्थान पर देश की विभिन्न चित्रांकन शैली के अप्रतिम दर्शन से दर्शकों को रंगों के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विविधता के दर्शन सहज ही हो गए। कई जिज्ञासु दर्शकों ने अगले वर्ष इस तरह की गतिविधि से जुड़ने की इच्छा भी जताई।

नवोदय विद्यालय कुंडेश्वर के 6 बच्चों ने हैदराबाद में हुई प्रतियोगिता में जीते गोल्ड मैडल

कुंडेश्वर| जवाहर नवोदय विद्यालय कुंडेश्वर के छह बच्चों ने कोरासाला वंडर आर्ट बिलेज हैदराबाद अमलापुरम द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल जीते हैं। आर्ट शिक्षक जीडी कोरी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में देश के सभी नवोदय विद्यालय से 53 छात्रों ने भाग लिया। जिसमें नवोदय विद्यालय कुण्डेश्वर के छह बच्चों ने गोल्ड मैडल जीत कर स्कूल का नाम रोशन किया है। संस्था की प्राचार्य संध्या कटियार ने सभी विजेताओं को गोल्ड मैडल पहनाकर सम्मानित किया। विजेता प्रतिभागियों में संदीप अहिरवार 8वीं, अमर आदिवासी 8वीं, नरेन्द्र कुमार 8वीं, अंकित अहिरवार 7, प्रियंका गोड 6, आइसा खान 6वीं ने गोल्ड मैडस जीते हैं।

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