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नाैगांव के नवीन कॉलेज को अब फिर राष्ट्रपिता बापू के नाम से जाना जाएगा

नगर में स्थित शासकीय नवीन महाविद्यालय अब फिर से राष्ट्रपिता बापू के नाम से जाना जाएगा। इसके लिए पिछले दिनों शासन...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:05 AM IST
नगर में स्थित शासकीय नवीन महाविद्यालय अब फिर से राष्ट्रपिता बापू के नाम से जाना जाएगा। इसके लिए पिछले दिनों शासन ने एक पत्र जारी कर शासकीय भवनों, सार्वजनिक स्थलों, परियोजनाओं का नामांतरण करके राष्ट्रीय स्तर के महापुरुषों के नाम पर करने के निर्देश दिए हैं। अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो बहुत जल्द नवीन शासकीय महाविद्यालय अपने पुराने नाम बापू महाविद्यालय के नाम से जाना जाएगा।

उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय ने 21 फरवरी 2018 को सभी शासकीय महाविद्यालयों को एक पत्र लिखकर सूचित किया कि शासकीय भवनों, सार्वजनिक स्थलों, परियोजनाओं का नामांतरण राष्ट्रीय स्तर के महापुरुषों के व्यक्ति विशेष के नाम पर किया जा सकता है। इसके लिए कॉलेज की समितियों को एक प्रस्ताव पारित करके जिला कलेक्टर को अनुबोधन के लिए भेजना होगा । वहां से इसको शासन के पास भेजा जाएगा। जिससे वह संस्था उस महापुरुष के नाम से जानी जाएगी। नौगांव नगर के शासकीय महाविद्यालय की पूर्व से बापू महाविद्यालय के रूप में पहचान रही है। अगर यहां की कमेटी इस नाम का पुन: अनुमोदन करके भेजे तो खोया हुआ नाम कॉलेज को पुन: मिल सकता है।

समिति के अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव को शीघ्र भेजने की बात दोहरायी है। उच्च शिक्षा विभाग ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि जिस संस्था का पूर्व से नामातंरण किसी के नाम का न किया गया हो वह संस्था इसमें आवेदन कर सकती है। दूसरे बिंदु में उल्लेख है कि अगर आप क्षेत्रीय किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर अनुमोदन कराना चाहते हैं तो उसके लिए मुख्यमंत्री की अनुशंसा की आवश्यकता होगी। अगर किसी राष्ट्रीय महापुरुष के नाम पर संस्था का नाम रखने पर समिति एक मत न हो तो इसका निर्णय लेने का अधिकार राज्य शासन के पास होगा।

जनभागीदारी से संचालित नौगांव बापू महाविद्यालय प्राईवेट कॉलेज था, कुछ समय पूर्व तत्कालीन प्रभारी मंत्री हरीशंकर खटीक और क्षेत्रीय नेताओं की पहल पर इसे शासकीय घोषित किया गया। शासकीय घोषित होते ही राष्ट्रपिता का नाम हटाकर इसका नाम शासकीय महाविद्यालय कर दिया गया। जहां एक ओर सबको शासकीय होने की खुशी थी।

उससे ज्यादा दुख इसका मूल नाम हटने का हुआ था। अब शासन के आदेश से इसे अपना मूल नाम मिलने की प्रबल उम्मीद जागी है। कॉलेज की समिति एक प्रस्ताव पारित कर कलेक्टर को भेजेगी, कलेक्टर अनुमोदित कर शासन को भेजेंगे। इसके बाद इसका नाम फिर से बापू महाविद्यालय हो जाएगा।

डिग्री कॉलेज जिसका नाम बदल कर शासकीय महाविद्यालय कर दिया गया था।

हम जल्द प्रस्ताव

कलेक्टर को भेजेंगे

महाविद्यालय जनभागीदारी अध्यक्ष दीपक दीक्षित कहते हैं कि आपके द्वारा जानकारी में आया है कि शासन के द्वारा इस तरह के कोई आदेश जारी हुए हैं। हम पूर्व में भी समिति के द्वारा एक प्रस्ताव पारित करके शासन को भेज चुके हैं इसका नाम फिर से बापू के नाम से जोड़ा जाए। हम शीध्र ही दोबारा एक प्रस्ताव पारित करके जिला कलेक्टर के पास भेजेंगे।