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नगर परिषद कर रहा 2 से 3 दिन में जल सप्लाई, लोग बूंद-बंूद को हो रहे परेशान

धसान नदी में नहीं बचा पानी इस बार बारिश कम होने से धसान नदी पूरी तरह सूख चुकी है। लोगों का कहना है कि बारिश के...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:05 AM IST
धसान नदी में नहीं बचा पानी

इस बार बारिश कम होने से धसान नदी पूरी तरह सूख चुकी है। लोगों का कहना है कि बारिश के शुरुआती दौर में नदी लबालब थी, लेकिन किसानों ने नदी में डीजल पंप लगाकर सिंचाई के लिए पानी खींच लिया है। हालांकि कलेक्टर ने जिले में पानी की समस्या को देखते हुए नदी और तालाबों से सिंचाई पर पाबंदी लगाने के आदेश दिए थे, लेकिन उनके आदेश का पालन नहीं हुआ।

गर्मी के 4 महीने क्या होगा, नगर पंचायत के पास ठोस योजना नहीं

चरण सिंह बुंदेला | बड़ागांव धसान

गर्मी ने तेवर दिखाने अभी शुरु भी नहीं किए कि पानी की समस्या खड़ी हो गई है। अभी से यह हाल है तो गर्मी के चार महीने क्या होगा। नगर पंचायत के पास कोई ठोस योजना नहीं है। हालात इतने खराब हैं कि कस्बे में पानी की सप्लाई 2 से 3 दिन में पानी की सप्लाई की जा रही है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नगर के लोग दूर दराज से पानी ला रहे हैं। नगर परिषद बड़ागांव कर्मचारियों की लापरवाही के कारण 2 से 3 दिन नगर परिषद की सप्लाई की जा रही है। नगर वासियों को बूंद बूंद पानी के लिए मोहताज होना पड़ रहा है। नगर परिषद बड़ा गांव शासकीय ट्यूबवेल टैंकर में पानी भरा जा रहा है, जिससे हजारों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। नगर में पानी की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वहीं नगर पंचायत द्वारा पानी की बर्बादी इस तरीके से की जा रही है। कर्मचारियों की लापरवाही से शासकीय हजारों लीटर पानी टैंकर से रोड पर वह रहा है

कई दिनों से यह समस्या बनी हुई है। 10 मिनट से 15 मिनट जल सप्लाई की जा रही है। वार्ड के लोगों पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। लोगों ने इस संबंध में कई बार नगर परिषद को लिखित में की भी की है। कर्मचारी अधिकारियों की लापरवाही के कारण वार्डवासियों की समस्या का निराकरण नहीं किया गया। कई वार्डों में तो पाइप लाइन लीकेज होने के कारण हजारों लीटर पानी रोड पर बह रहा है। वार्ड निवासी धीरेंद्र कुमार जैन लल्ली जैन सुरेंद्र जैन प्यारे लाल अहिरवार का कहना है कि कस्बे में पानी की बेहद कमी है। इसके बावजूद नगर पंचायत बेपरवाह होकर पानी की बर्बादी कर रही है। यदि इसी पानी का संरक्षण किया जाए तो काफी हद तक पानी का संरक्षण किया जा सकता है।

जलस्तर खिसका, कई बोर सूखे

आधे शहर की पेयजल सप्लाई लगभग ठप सी पड़ी है। लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। बारिश न होने के कारण जहां कई वार्डों का जलस्तर घटने से बोर भी बंद हो चुके हैं। ऐसे में नगर पंचायत द्वारा पानी का परिवहन न होने लोग परेशान हो रहे हैं। लोग आसपास के हैंडपंपों से पीने के पानी का इंतजाम कर रहे हैं।

बड़ागांव धसान। पानी के लिए परेशान हो रहे स्थानीय लोग। इनसेट में : टंकी ओवर फ्लो होने से बर्बाद होता है हजारों लीटर पानी।

गांव चौबारा में ग्रामीण निजी जल स्रोत से बुझा रहे प्यास

नौगांव।
अभी गर्मी के मौसम ने महज दस्तक दी है, लेकिन ग्रामीण अंचलों में सूखा के हालात बनने लगे हैं। नगर की सीमा से लगे ग्राम चौबारा की हरिजन बस्ती में जलसंकट गहराने लगा है। बस्ती में एक मात्र हैंडपंप है। वह भी अभी से सूख गया है। सार्वजनिक कुएं पहले से ही सूखे पड़े हैं। चौबारा में जलसंकट की ठीक यही स्थिति पिछले साल भी थी लेकिन प्रशासन ने एक साल गुजर जाने के बाद भी पेयजल संकट का स्थाई समाधान नहीं किया है। इस गंभीर समस्या को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को बस्ती से एक किलोमीटर दूर एक निजी मुर्गी फार्म से पानी ढोना पड़ रहा है।