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मप्र के बजट में मिली सौगात : ओरछा में बाॅयपास और जामनी-बेतवा पर बनेगा पुल

Sagar News - भास्कर संवाददाता | टीकमगढ़/ओरछा मप्र सरकार के बजट में रामराजा सरकार की नगरी ओरछा को दो सौगात मिली। इसके साथ ही...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 02:05 AM IST
मप्र के बजट में मिली सौगात : ओरछा में बाॅयपास और जामनी-बेतवा पर बनेगा पुल
भास्कर संवाददाता | टीकमगढ़/ओरछा

मप्र सरकार के बजट में रामराजा सरकार की नगरी ओरछा को दो सौगात मिली। इसके साथ ही यहां बायपास और जामनी-बेतवा नदी पर पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इन दोनों के बन जाने से लोगों को काफी राहत मिलेगी।

जामनी नदी पर करीब 27 करोड़ 95 लाख रुपए और बेतवा नदी पर 16 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से पुल बनाए जाएंगे। इसी तरह तीन किलोमीटर लंबा बायपास बनाया जाएगा। बजट में शामिल होने से अब काम में तेजी आएगी। दरअसल ओरछा में बेतवा और जामनी नदियों पर नए पुल बनाए जाना है। अभी राजशाही दौर में बनाए गए पुल सकरे और कम ऊंचाई वाले हैं। बारिश के मौसम में नदियों के उफान पर आ जाने से दोनों पुल पूरी तरह से डूब जाते हैं। इस रास्ते से आना जाना जान जोखिम में डालने जैसा रहता है। अहतियात के तौर पर जिला प्रशासन हर साल 15 जून से लेकर 15 सितंबर तक पृथ्वीपुर-ओरछा रोड पर आवागमन प्रतिबंधित कर देता है। इस दौरान बेतवा और जामनी नदियों के दोनों ओर पट्‌टी बना दी जाती है। जिससे कोई भी इस रास्ते से न निकल सके। ऐसे में करीब एक दर्जन गांवों के लोगों को लंबा रास्ता तय का आवागमन करना पड़ता है। सालों से चली आ रही समस्या का आज तक समाधान नहीं हो सका है। इस बीच सोमवार को बस पलटने की घटना से एक बार फिर करीब 100 यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई।

29.95 करोड़ से जामनी और 16.50 करोड़ से बनेगा बेतवा नदी का पुल

पुल के साथ बनेगी

9 किमी सड़क

पृथ्वीपुर-ओरछा रोड पर जामनी-बेतवा नदियों के पुल के साथ चंदपुरा वन चाैकी से लेकर ओरछा तक करीब 9 किमी सड़क का निर्माण भी होना है। वर्तमान में सिंगल सड़क के कारण लोगों को आनेजाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। जामनी और बेतवा नदियों पर बने पुल इतने सकरे हैं कि दो वाहनों की क्रॉसिंग संभव ही नहीं है। पुल सकरा होने से कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।

ओरछा में करीब 3 किलोमीटर लंबा बनेगा बाॅयपास

भास्कर संवाददाता | टीकमगढ़/ओरछा

मप्र सरकार के बजट में रामराजा सरकार की नगरी ओरछा को दो सौगात मिली। इसके साथ ही यहां बायपास और जामनी-बेतवा नदी पर पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इन दोनों के बन जाने से लोगों को काफी राहत मिलेगी।

जामनी नदी पर करीब 27 करोड़ 95 लाख रुपए और बेतवा नदी पर 16 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से पुल बनाए जाएंगे। इसी तरह तीन किलोमीटर लंबा बायपास बनाया जाएगा। बजट में शामिल होने से अब काम में तेजी आएगी। दरअसल ओरछा में बेतवा और जामनी नदियों पर नए पुल बनाए जाना है। अभी राजशाही दौर में बनाए गए पुल सकरे और कम ऊंचाई वाले हैं। बारिश के मौसम में नदियों के उफान पर आ जाने से दोनों पुल पूरी तरह से डूब जाते हैं। इस रास्ते से आना जाना जान जोखिम में डालने जैसा रहता है। अहतियात के तौर पर जिला प्रशासन हर साल 15 जून से लेकर 15 सितंबर तक पृथ्वीपुर-ओरछा रोड पर आवागमन प्रतिबंधित कर देता है। इस दौरान बेतवा और जामनी नदियों के दोनों ओर पट्‌टी बना दी जाती है। जिससे कोई भी इस रास्ते से न निकल सके। ऐसे में करीब एक दर्जन गांवों के लोगों को लंबा रास्ता तय का आवागमन करना पड़ता है। सालों से चली आ रही समस्या का आज तक समाधान नहीं हो सका है। इस बीच सोमवार को बस पलटने की घटना से एक बार फिर करीब 100 यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई।

चार महीने तक ये गांव रहते हैं दिक्कत में

बारिश के चार महीने एक दर्जन गांव के लोगों के लिए मुसीबत भरे होते हैं। पृथ्वीपुर से ओरछा के बीच बसे नैंगुवां, अतर्रा, दर्रेठा, चंदपुरा, सिंहपुरा, लोटना, विषुनपुरा, मौंजन, खदरी सहित एक दर्जन गांव के लोगों को आवागमन के लिए साधन नहीं मिलते। ग्रामीणों को महज 30 किमी दूर झांसी जाने के लिए निवाड़ी होकर 60 किमी लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। बीमारी की हालत में यातायात के साधन नहीं मिलने से कई गंभीर मरीजों की मौत हो जाती है।

ओरछा में करीब 3 किलोमीटर लंबा बायपास बनेगा। इसका निर्माण कार्य ओरछा से आधा किमी पहले झांसी मार्ग से शुरु होगा। बायपास लक्ष्मी मंदिर के पास से गुजरेगा। यहां से राजाओं की समाधि स्थल के पास होते हुए पृथ्वीपुर रोड पर जाकर मिलेगा।

100 साल पुराने हो

चुके दोनों पुल

बेतवा और जामनी नदियों पर पुलों का निर्माण राजशाही दौर में कराया गया था। शहर के इतिहासकार बताते हैं कि 1887 में महाराजा विक्रमाजीत सिंह ओरछा से राजधानी टीकमगढ़ लाए थे। इसी दौरान जामनी और बेतवा नदियों पर पुलों का निर्माण कराया गया। आज दोनों पुल 100 साल से भी ज्यादा पुराने हो गए हैं, लेकिन मजबूती बेजोड़ है। आजादी के बाद कोई भी सरकार इन नदियों पर नए पुलों का निर्माण नहीं करा सकी।

दो बार हो चुकी टैंडर प्रक्रिया

बेतवा और जामनी नदी पर पुल बनाने का जिम्मा तीन साल पहले एमपीआरडीसी को सौंपा गया था। विभाग ने पुलों के निर्माण के लिए दो बार टेंडर प्रक्रिया कराई। पहली बार एग्रीमेंट के बाद हैदराबाद की सौभाग्य कंस्ट्रक्शन कंपनी ने काम भी शुरू कर दिया था, लेकिन एक महीने बाद ही काम छोड़कर कंपनी चली गई। दूसरी बार जिस कंपनी के नाम टेंडर हुआ, उसने विभाग से फायनेंशियल एग्रीमेंट ही नहीं कराया। इसके बाद पिछले एक साल से विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। अब पुल निर्माण का जिम्मा सेतु निर्माण विभाग को सौंपा गया है।

सेतु निर्माण विभाग को सौंपा है जिम्मा

जामनी और बेतवा नदियों पर पुलों के निर्माण का जिम्मा सेतु निर्माण विभाग को सौंप दिया गया है। अब सेतु निर्माण विभाग टेंडर प्रक्रिया के बाद पुलों का निर्माण कराएगा। चंदपुरा वन चौकी से लेकर ओरछा तक 9 किमी सड़क का निर्माण एमपीआरडीसी कराएगा।

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