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कुपोषण के खिलाफ मुहिम में जुटी हैं लक्ष्मी प्रभा

हसन मोहम्मद | पृथ्वीपुर चंद्रपुरा गांव में लक्ष्मी प्रभा कुपोषण के खिलाफ अभियान चला रही हैं। उनके इस अभियान से...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:30 AM IST
हसन मोहम्मद | पृथ्वीपुर

चंद्रपुरा गांव में लक्ष्मी प्रभा कुपोषण के खिलाफ अभियान चला रही हैं। उनके इस अभियान से प्रभावित होकर कई लोग मदद करने के लिए भी आगे आ रहे हैं। वे घर-घर जाकर महिलाओं को कुपोषण से निपटने के उपाय बताती हैं। अब तक कई कुपोषित बच्चों को समय पर इलाज करा चुकी हैं।

गर्भवती होने पर सास के साथ गांव के आंगनवाड़ी केंद्र पर जाना शुरू किया। लक्ष्मी का आत्मविश्वास को देखकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने उसे नियमित केंद्र पर आने की बात कही। लक्ष्मी व्यापक सोच रखती है और समाज के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा है। उसकी प्रतिभा को देखकर मैनें उसकी भेंट स्वच्छता अभियान चला रहे कार्यकर्ताओं से कराई। टीम के साथ लक्ष्मी घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने में जुट गई। सितंबर 2015 में कुपोषण उन्मूलन के लिए गांव में काम कर रही संस्था मप्र पोषण परियोजना केयर इंडिया के कार्यकर्ताओं से लक्ष्मी को मिलाया। उन्हाेंने लक्ष्मी को कुपोषण मिटाने का प्रशिक्षण दिया। इसके बाद लक्ष्मी आने गांव में कुपोषण मिटाने के अभियान में जुट गई। उड़ीसा की रहने वाली लक्ष्मी प्रभा की शादी2007 में चंदपुरा गांव में करा दी गई थी। उसकी शादी में भी बड़ा व्यवधान आया था। उसे ठीक ढंग से हिंदी बोलना नहीं आता था। हिंदी और अंग्रेजी उसने केवल स्कूल की किताबों में बढ़ी थी। ससुराल वालों से वह उड़िया भाषा में बात करती थी, लेकिन धीरे-धीरे हिंदी और बुंदेली बोलना सीख लिया। अब

पूरे गांव को कुपोषित करने की जिद: कुपोषण के खिलाफ अभियान चला रही लक्ष्मी प्रभा ने का कहना है कि जब तक पूरा गांव कुपोषण मुक्त नहीं हो जाता तब तक में चैन से नहीं बैठूंगी। मेरे जैसी गरीबी और हालात की मारी उड़ीसा की सैकडों बेटियां बुंदेलखंड में खरीद कर लाई जातीं हैं। उन्हें अनेकों कष्ट सहना पड़ते हैं। गांव में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाअो पर भी काम करूंगी। ताकि यहां से दुल्हन खरीदने कोई उड़ीसा न जाए।

महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक क्रंाति यादव ने बताया कि लक्ष्मी ने गांव के कुपोषित बच्चों को अपने बच्चों की तरह मानकर घर-घर जाकर कुपोषण से मुक्त किया है। उसकी हिम्मत और जज्बे की पूरा विभाग दाद देता है।

चंद्रपुरा गांव में कुपोषण के खिलाफ अभियान चला लक्ष्मी ने अब तक कई बच्चों का कराया उपचार

5 कुपोषित बच्चों को भर्ती कराया

प्रशिक्षण के बाद लक्ष्मी ने गांव में कुपोषित बच्चों का सर्वे किया। जिसमें 42 बच्चे कुपोषित मिले। लक्ष्मी ने कुपोषित बच्चों के माता-पिता को प्रेरित कर 5 बच्चों को एनआरसी केंद्र में भर्ती कराया। शेष बच्चों के परिवार वालों को घर में समयबद्ध तरीके से पोषण आहार देने की जानकारी दी। आंगनवाड़ी से मिलने वाले पोषण आहार और खिलाने की विधि बताई। हर कुपोषित बच्चे के घर जाकर 24 बच्चों की कुपोषण की बीमारी दूर कर दी।

पति की मारपीट से नहीं रुके कदम

लक्ष्मी जब इस अभियान में जुट गई तब गांव के लोग उड़ीसा वाली कहकर मजाक उड़ाने लगे। ग्रामीणों के तानों से परेशान पति ने उसे लोगों के घर-घर जाने से मना किया। वह नहीं मानी तो पति ने मारपीट कर दी। लक्ष्मी ने डायल 100 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस पति को पकड़कर ले गई और प|ी के साथ मारपीट नहीं करने की समझाइश दी। लक्ष्मी ने बताया कि मैनें गांव से कुपोषण दूर करने का संकल्प लिया है, उसे हर हाल में पूरा करूंगी। डेढ़ साल से अपने मायके भी नहीं गई।