Hindi News »Madhya Pradesh »Sagar» राधा सागर तालाब कभी मार्च में सूख जाता था, लेकिन अब सूखे की साल में भी लबालब

राधा सागर तालाब कभी मार्च में सूख जाता था, लेकिन अब सूखे की साल में भी लबालब

जहां चारों और सूखा की चपेट में है वही पृथ्वीपुर का राधा सागर तालाब आज भी लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 04:20 AM IST

राधा सागर तालाब कभी मार्च में सूख जाता था, लेकिन अब सूखे की साल में भी लबालब
जहां चारों और सूखा की चपेट में है वही पृथ्वीपुर का राधा सागर तालाब आज भी लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है सैकड़ों की संख्या में लोग तालाब पर नहाने जाते हैं वही आज तक नगर में गर्मी और सूखा के चलते एक भी मवेशी की मौत नहीं हुई है। पिछले वर्ष मार्च के महीने में तालाब पूरी तरह से खाली हो चुका था। अप्रैल का महीना शुरु होते ही प्रतिदिन नगर में मवेशियों की प्यास के कारण मौत हो जाती थी। जिसके चलते गौ सेवा समिति के सदस्यों ने घर-घर जाकर लोगों से हर संभव मदद की मांग की। लोगों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर तालाब के गहरीकरण में हाथ बढ़ाया और शासन की बिना किसी मदद के राधा सागर तालाब का गहरीकरण कराया

आंदोलन कर नल जल योजना का ओवरफ्लो राधा सागर तालाब से जुड़वाया: नगर में अतिक्रमण और शहरी विकास के चलते तालाब में पानी आने के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। इस कारण तालाब पूरी तरह से भर भी नहीं पाता था। इस गौ सेवा समिति ने आंदोलन कर नल जल योजना का ओवरफ्लो राधा सागर तालाब से जुड़वाने की मांग की। नगर में करोड़ों रुपए से तैयार हुई नल जल योजना के तहत बेतवा नदी का पानी नगर में लाया गया था, जिसका ओवरफ्लो राधा सागर तालाब से जुड़वाया गया। आज सूखा की साल में भी राधा सागर तालाब अपने आप में पर्याप्त मात्रा में पानी समेटे हुए हैं। लोगों की जरुरतों की पूर्ति कर रहा है। साथ ही मवेशियों की भी प्यास बुझा रहा है। पृथ्वीपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले सभी तालाब दम तोड़ चुके हैं। नगर की 64 में से 50 पंचायतों में पानी की भीषण समस्या है।

लोग 5-5 किलोमीटर दूर से पानी लाकर अपने परिवार एवं मवेशियों का भरण पोषण कर रहे हैं सैकड़ों गांव की स्थिति तो यह है कि लोगों ने चंदा इकट्ठा कर गांव के मवेशियों को ऊंचा गो अभ्यारण में भिजवा दिया है जिससे मवेशी प्यास के कारण ना मरे।

आज जब राधा सागर तालाब में मवेशियों को पानी पीते देखते हैं तो दिल को बड़ी खुशी प्राप्त होती है यह कहीं ना कहीं पृथ्वीपुर गौ सेवा समिति का एक सराहनीय एवं सफल प्रयास रहा। -इम्तियाज हुसैन

पृथ्वीपुर । सागर तालाब अपने आप में पर्याप्त मात्रा में पानी समेटे हुए हैं।

प्रशांत रावत | पृथ्वीपुर

जहां चारों और सूखा की चपेट में है वही पृथ्वीपुर का राधा सागर तालाब आज भी लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है सैकड़ों की संख्या में लोग तालाब पर नहाने जाते हैं वही आज तक नगर में गर्मी और सूखा के चलते एक भी मवेशी की मौत नहीं हुई है। पिछले वर्ष मार्च के महीने में तालाब पूरी तरह से खाली हो चुका था। अप्रैल का महीना शुरु होते ही प्रतिदिन नगर में मवेशियों की प्यास के कारण मौत हो जाती थी। जिसके चलते गौ सेवा समिति के सदस्यों ने घर-घर जाकर लोगों से हर संभव मदद की मांग की। लोगों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर तालाब के गहरीकरण में हाथ बढ़ाया और शासन की बिना किसी मदद के राधा सागर तालाब का गहरीकरण कराया

आंदोलन कर नल जल योजना का ओवरफ्लो राधा सागर तालाब से जुड़वाया: नगर में अतिक्रमण और शहरी विकास के चलते तालाब में पानी आने के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। इस कारण तालाब पूरी तरह से भर भी नहीं पाता था। इस गौ सेवा समिति ने आंदोलन कर नल जल योजना का ओवरफ्लो राधा सागर तालाब से जुड़वाने की मांग की। नगर में करोड़ों रुपए से तैयार हुई नल जल योजना के तहत बेतवा नदी का पानी नगर में लाया गया था, जिसका ओवरफ्लो राधा सागर तालाब से जुड़वाया गया। आज सूखा की साल में भी राधा सागर तालाब अपने आप में पर्याप्त मात्रा में पानी समेटे हुए हैं। लोगों की जरुरतों की पूर्ति कर रहा है। साथ ही मवेशियों की भी प्यास बुझा रहा है। पृथ्वीपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले सभी तालाब दम तोड़ चुके हैं। नगर की 64 में से 50 पंचायतों में पानी की भीषण समस्या है।

लोग 5-5 किलोमीटर दूर से पानी लाकर अपने परिवार एवं मवेशियों का भरण पोषण कर रहे हैं सैकड़ों गांव की स्थिति तो यह है कि लोगों ने चंदा इकट्ठा कर गांव के मवेशियों को ऊंचा गो अभ्यारण में भिजवा दिया है जिससे मवेशी प्यास के कारण ना मरे।

आज जब राधा सागर तालाब में मवेशियों को पानी पीते देखते हैं तो दिल को बड़ी खुशी प्राप्त होती है यह कहीं ना कहीं पृथ्वीपुर गौ सेवा समिति का एक सराहनीय एवं सफल प्रयास रहा। -इम्तियाज हुसैन

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sagar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×